
बदायूं शहर की बाबा कॉलोनी में दो बच्चों की हत्या करने वाला साजिद पूरे परिवार को मिटाने की तैयारी से आया था। मोहल्ले वालों के मुताबिक जब वह दोनों बच्चों की हत्या करके जीने से नीचे उतर रहा था। तब तक आसपास के कई लोग ठेकेदार के घर के सामने पहुंच गए।
जब उन्होंने आरोपी के हाथ में बड़ा सा चाकू देखा तो उन्होंने आनन-फानन ठेकेदार की पत्नी संगीता और मझले बेटे पीयूष को हाथ पकड़कर घर के बाहर खींच लिया लेकिन इसी बीच साजिद भी भाग निकला।
मुख्य आरोपी साजिद अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानू का रहने वाला है। उसकी दुकान ठेकेदार विनोद ठाकुर के घर के सामने सड़क के दूसरी ओर है। वह करीब दो साल से बाबा कॉलोनी में अपनी बाल काटने की दुकान चला रहा था। विनोद के तीनों बच्चे अक्सर उसकी दुकान पर बाल कटवाने जाते थे, जिससे साजिद का उनके घर आना जाना था।
परिवार वालों को कभी अनुमान नहीं था कि वह उनके घर में घुसकर इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। मोहल्ले वालों का कहना है कि वैसे तो साजिद रोजाना रात के नौ-दस बजे अपनी दुकान बंद करके सखानू जाता था लेकिन मंगलवार शाम करीब चार बजे ही अपनी दुकान बंद करके चला गया। इस पर मोहल्ले वालों को आश्चर्य भी हुआ था।
वह रात करीब आठ बजे दोबारा अपने साथियों को लेकर बाबा कॉलोनी पहुंचा। उस वक्त ठेकेदार के घर में उनकी पत्नी संगीता, बड़ा बेटा आयुष, मझला पीयूष और सबसे छोटा बेटा आहान उर्फ हनी था।
आरोपी अपने कपड़ों में चाकू छिपाकर उनके घर में पहुंचा। उस दौरान तीनों बच्चे नीचे खेल रहे थे। साजिद को देखकर संगीता उसके लिए चाय बनाने चली गईं। इतने में साजिद दोनों बच्चों को ऊपर ले गया और उनका काम तमाम कर दिया।
भाइयों पर चाकू चलता देखकर पीयूष के हाथ से छूट गया गिलास
मुख्य आरोपी साजिद आयुष और आहान उर्फ हनी की दूसरी मंजिल की छत पर ले गया था। उसने पीयूष से कह दिया था कि वह गिलास में पानी लेकर ऊपर आए। बच्चे अक्सर उससे मिलते रहते थे। इससे दोनों बच्चे आसानी से उसके साथ घर की दूसरी मंजिल की छत पर चले गए।
जब पीयूष शीशे के गिलास में पानी लेकर ऊपर पहुंचा तो वहां देखा कि साजिद उसके दोनों भाइयों पर बुरी तरह से चाकू से हमला कर रहा था। यह मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। उसके हाथ से शीशे का गिलास छूटकर गिर गया। वह नीचे दौड़ा कि तभी आरोपी ने उस पर भी हमला करने की कोशिश की। इसमें पीयूष के हाथ की अंगुली भी कट गई।
परिवार के साथ थे मधुर संबंध
मृतक बच्चों के पिता विनोद सिंह ने ही आरोपी साजिद को यहां खोखा खोलने की सलाह दी थी। बताया जा रहा है कि विनोद और आरोपी साजिद व उनके दोनों भाईयों से पारिवारिक संबंध थे। दो साल पहले विनोद ने ही सड़क किनारे खोखा रखने के लिए रुपये भी दिए थे। साजिद का घर में हर समय आना-जाना रहता था। उसको घर में जाने से किसी को कोई एतराज भी नहीं था। मंगलवार को शाम करीब आठ बजे आरोपी साजिद घर में पहुंचा और बच्चों की दादी से मिला और दूसरी मंजिल पर चला गया।
बताया जा रहा है कि एक सगा भाई जावेद भी मकान के आस-पास ही था। बताया यह भी जा रहा है कि साजिद को रुपये की जरूरत थी वह रुपये की मांग भी सुबह से कर रहा था। मृतक बच्चों की दादी ने रुपये को लेकर विनोद को फोन भी किया था। लेकिन कुछ ही देर में मां ने विनोद को फोन किया कि साजिद ने बच्चों की हत्या कर दी है।
बदायूं में दो भाइयों की गला रेतकर हत्या, पुलिस ने एक आरोपी किया ढेर
बदायूं की बाबा कॉलोनी में मंगलवार रात करीब आठ बजे ठेकेदार विनोद ठाकुर के दो बेटों आयुष (13) और अहान (6) की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। जिस जगह वारदात हुई वह मंडी समिति पुलिस चौकी से सिर्फ 500 मीटर दूर है। आरोपियों के दूसरे समुदाय के होने से गुस्सा भड़क उठा। जाम लगाकर हंगामा करते हुए दूसरे समुदाय के तीन खोखों में आग लगा दी।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी साजिद को मौके से करीब दो किमी. दूर पुरानी चांदमारी के पास घेराबंदी कर मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसके दो साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस हत्या की वजह पता कर रही है। जानकारी के अनुसार, बाबा कॉलोनी में मजिया रोड के रहने वाले ठेकेदार ‘हर घर जल योजना’ के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण कराते हैं। उनके मकान के सामने ही कस्बा सखानू के रहने वाले साजिद की बाल काटने की दुकान है।
विनोद की पत्नी संगीता अपने मकान के निचले हिस्से में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। इसके चलते परिवारों के काफी अच्छे संबंध थे। साजिद का उनके घर आना जाना भी था। मंगलवार रात संगीता तीन बच्चों आयुष, अहान और पीयूष (8) के साथ घर पर थीं, जबकि विनोद लखीमपुर खीरी गए हुए थे। साजिद शाम चार बजे दुकान बंद करके चला गया था।
मुलाकात के लिए आया और ऊपर ले जाकर मार डाला
साजिद रात आठ बजे अपने दो साथियों के साथ आया तो संगीता उनके लिए चाय बनाने अंदर को चली गईं। तभी साजिद उनके दो बेटों आयुष और अहान को अपने साथ ऊपर ले गया। साथ ही, पीयूष से पानी लाने के लिए कहा। जब तक वह पानी लेकर ऊपर पहुंचा तब तक साजिद ने धारदार हथियार से आयुष और अहान की हत्या कर दी। सामने आए पीयूष पर भी चाकू से वार किया तो वह चीखता हुआ नीचे भागा। पीयूष के पीछे साजिद भी दौड़ा तो यह देख मां ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े और मां-बेटे को बाहर खींचकर दरवाजा बंद कर दिया।
आरोपी की दुकान के साथ, चार दुकानें फूंकी
सूचना पर पहुंची पुलिस साजिद की तलाश में जुट गई। इस बीच आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। नृशंस हत्या देख उनका गुस्सा बढ़ने लगा। इधर आक्रोशित भीड़ ने साजिद की दुकान तोड़कर सामान निकाला और सड़क पर रखकर फूंक दिया। आसपास के चार दुकानों को आग के हवाले कर दिया। लोग एक समुदाय के धर्मस्थल तक पहुंच गए लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
भारी संख्या में बल तैनात
आगजनी के बाद गुस्साए लोग पुलिस चौकी पहुंच गए। वहां घेराव कर नारेबाजी करने लगे।
