Ayodhya Ram Navami: अयोध्या में सूर्य की किरणों से रामलला का सूर्याभिषेक, देखें भव्य और दिव्य नजारा

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राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली रामनवमी है। भगवान श्रीराम का सूर्य तिलक हो गया है। सूर्य की किरणों से रामलला का सूर्याभिषेक किया गया। रामनवमी पर अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “नलबाड़ी की सभा के बाद मुझे अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के अद्भुत और अप्रतिम क्षण को देखने का सौभाग्य मिला। श्रीराम जन्मभूमि का ये बहुप्रतीक्षित क्षण हर किसी के लिए परमानंद का क्षण है। ये सूर्य तिलक, विकसित भारत के हर संकल्प को अपनी दिव्य ऊर्जा से इसी तरह प्रकाशित करेगा।
केंद्रीय मंत्री और नागपुर से भाजपा उम्मीदवार नितिन गडकरी ने कहा कि “यह पूरे देश के लिए बेहद खुशी की बात है कि भगवान राम की जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण हो गया है। आज हम देशभर में रामनवमी मना रहे हैं। भगवान राम हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रतीक हैं। आज भगवान राम के आशीर्वाद से हमने राम राज्य की स्थापना का संकल्प लिया है।
राम नवमी की तारीख चंद्र कैलेंडर से निर्धारित होती है इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि शुभ अभिषेक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो, 19 गियर की विशेष व्यवस्था की गई है। डॉ. चौहान का कहना है कि, गियर-बेस्ड सूर्य तिलक मैकेनिज्म में बिजली, बैटरी या लोहे का उपयोग नहीं किया गया है।
प्रोजेक्ट सूर्य तिलक में एक गियर बॉक्स, रिफ्लेक्टिव मिरर और लेंस की व्यवस्था इस तरह की गई है कि मंदिर के शिखर के पास तीसरी मंजिल से सूर्य की किरणों को गर्भगृह तक लाया गया। इसमें सूर्य के पथ बदलने के सिद्धांतों का उपयोग किया गया। सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि, शत प्रतिशत सूर्य तिलक रामलला की मूर्ति के माथे पर अभिषेक हुआ।
सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को तैयार किया था। इसके डिजाइन को तैयार करने में टीम को पूरे दो साल लग गए थे। 2021 में राम मंदिर के डिजाइन पर काम शुरू हुआ था। सीबीआरआई के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को इस तरह से डिजाइन किया था कि हर साल राम नवमी के दिन दोपहर 12 बजे करीब चार मिनट तक सूर्य की किरणें भगवान राम की प्रतिमा के माथे पर पड़ें। इस निर्माण कार्य में सीबीआरआई के साथ सूर्य के पथ को लेकर तकनीकी मदद बेंगलूरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (आईआईए) की भी ली गई है। बेंगलूरु की एक कंपनी ऑप्टिका ने लेंस और ब्रास ट्यूब का निर्माण किया है।
अयोध्या राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि “मैं सभी को राम नवमी की शुभकामनाएं देता हूं। सफल प्रयास किए गए हैं और आज तय कार्यक्रम के अनुसार सूर्य की किरणें राम लला की मूर्ति के माथे पर पड़ीं। ‘गरबा गृह’ पूरे देश में मनाया जा रहा है।
रामनवमी के असवर पर भगवान रामलला का सूर्याभिषेक किया गया। सूर्य की किरणों से रामलला का सूर्याभिषेक किया गया।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद पहली रामनवमी पर उत्सव मनाया जा रहा है। भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। ‘सूर्यतिलक’ का मुहूर्त भी करीब आ रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम नवमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में हवन किया।

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