
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने बीते दिनों दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने अपने नाम, आवाज, तस्वीरों और व्यक्तित्व की पहचान से जुड़ी विशेषताओं व अधिकारों पर सुरक्षा की मांग की थी। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया है।अभिनेता जैकी श्रॉफ की आवाज, नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कोई भी संस्था व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं कर सकेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह बात कही है। हाईकोर्ट ने जैकी श्रॉफ के नाम, उनके उपनाम ‘जैकी’ और ‘जग्गू दादा’, आवाज और तस्वीरों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। मालूम हो कि मंगलवार 14 मई को अभिनेता ने इसके लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख अपनाया था।
‘अधिकारों का हो रहा उल्लंघन’
अभिनेता ने याचिका दायर कर अपनी पहचान और प्रचार से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने फैसला दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जस्टिस संजीव नरूला ने बुधवार 15 मई के एक अंतरिम आदेश में कहा, ‘ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर वॉलपेपर, टी-शर्ट और पोस्टर आदि बेचने वाली संस्थाएं और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) चैटबॉट प्लेटफॉर्म का चलाने वाली संस्थाएं अभिनेता की विशेषताओं का दुरुपयोग करके उनके व्यक्तित्व और प्रचार के अधिकार का उल्लंघन कर रही हैं’।
अदालत ने अपनाया सख्त रुख
न्यायाधीश ने दो कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ भी निर्देश पारित किया है। दोनों ने जैकी श्रॉफ के वीडियो को ‘बेहद अभद्र शब्दों और गालियों’ के साथ पब्लिश किया था। अदालत ने कहा कि जैकी श्रॉफ एक सेलिब्रिटी हैं और यह दर्जा स्वाभाविक रूप से उन्हें अपने व्यक्तित्व और संबंधित विशेषताओं पर कुछ अधिकार देता है।
दो लोगों को जारी हुए नोटिस
कोर्ट ने कहा कि अभिनेता के व्यक्तित्व से जुड़ी विशेषताओं के अनधिकृत शोषण के जरिए तमाम संस्थाओं को व्यावसायिक लाभ हुआ है। उन्होंने बिना इजाजत के अभिनेता के नाम, छवि, आवाज और अन्य विशिष्ट विशेषताओं का उपयोग किया है। इससे उनके व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है’। अदालत ने जैकी श्रॉफ के अधिकारों के कथित उल्लंघन के संबंध में कुछ अन्य संस्थाओं को नोटिस जारी किया। इसमें कथित रूप से अपमानजनक वीडियो बनाने वाला एक यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर है। दूसरा, अपने आउटलेट के लिए रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क ‘भिडु’ का उपयोग करने वाला एक रेस्तरां मा
