
मालूम हो कि पिछले सप्ताह बॉम्बे उच्च न्यायालय ने अन्नू कपूर की फिल्म की समीक्षा के लिए मुस्लिम समुदाय से एक व्यक्ति सहित स्वतंत्र व्यक्तियों की तीन सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अन्नू कपूर की फिल्म ‘हमारे बारह’ की रिलीज पर रोक लगा दी है। 7 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली यह फिल्म अपनी बोल्ड कहानी और जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे को दर्शाने के लिए विवादों में घिर गई है। कथित तौर पर इसमें कुरान की आयतों को तोड़-मरोड़ कर जनसंख्या वृद्धि के लिए मुसलमानों को दोषी ठहराने वाली कहानी का प्रचार किया गया है। सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए देश के कई हिस्सों में फिल्म पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। रिलीज पर रोक लगने के बाद मेकर्स की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
हमारे बारह के मेकर्स की बढ़ी चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के रिलीज पर तब तक के लिए रोक लगा दी जब तक कि बॉम्बे हाई कोर्ट फिल्म में आपत्तिजनक दृश्यों के संबंध में मामले की सुनवाई और निपटारा नहीं कर देता। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, “उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका के निपटारे तक, संबंधित फिल्म का प्रदर्शन स्थगित रहेगा।”
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने लिया था यह फैसला
मालूम हो कि पिछले सप्ताह बॉम्बे उच्च न्यायालय ने अन्नू कपूर की फिल्म की समीक्षा के लिए मुस्लिम समुदाय से एक व्यक्ति सहित स्वतंत्र व्यक्तियों की तीन सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया था। कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर लगी रोक हटा दी थी और निर्माताओं को सोशल मीडिया से ट्रेलर हटाने का निर्देश दिया था। फिल्म की रिलीज 14 जून तक टाल दी गई थी।
फिल्म मेकर्स की मिली थीं यह धमकियां
बता दें कि इससे पहले अन्नू कपूर ने अपनी आगामी फिल्म के कलाकारों और चालक दल को सोशल मीडिया पर बलात्कार और मौत की धमकियां मिलने के बाद मुंबई पुलिस से सुरक्षा का अनुरोध किया था। अभिनेता ने एक वीडियो में कहा, “फिल्म महिला सशक्तिकरण की वकालत करती है और महिलाओं के अधिकारों की बात करती है। पहले फिल्म देखें और फिर अपना फैसला दें। लोगों को सोशल मीडिया पर अपनी बात कहने की आजादी है, लेकिन उन्हें गाली नहीं देनी चाहिए। गाली न दें या जान से मारने की धमकी न दें। हम इन चीजों से नहीं डरेंगे।”
