Moradabad Flood: डूबने से सिपाही समेत नौ की जा चुकी है जान, रामगंगा और गागन नदी का जलस्तर घटा…

Moradabad Flood
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मुरादाबाद जिले में रामगंगा, गागन समेत नदियां में पानी उफान पर हैं। इससे कई इलाकों में लगातार कटाव हो रहा है। शहर और गांवों में कई जगहों पर रास्ते टूट गए हैं। जिले में 15 दिन के भीतर सिपाही समेत नौ लोगों की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो चुकी है।

रामगंगा नदी में आई बाढ़ से वीकनपुर पुल के दोनों तरफ के एप्रोच रोड कटने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। गांव की ओर नदी का बहाव तेज होने से लोग खौफ में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि रामगंगा नदी का पानी गांव से करीब 100 मीटर दूर है। गांव के अरविंद, चन्द्रप्रकाश, सुनील, सुमित, अशोक, कमल और दौलत का कहना है कि खलील के चार बीघे टीलेनुआ खेत में आम का बाग है।

नदी की धार वहां बह रही है। नदी करीब पौने तीन बीघा खेत काट चुकी है। यदि बचा हिस्सा कट गया तो पानी गांव में घुस जाएगा। गांव में कटान होने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया है लेकिन किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली है।

रामगंगा विहार और भोलानाथ कॉलोनी में जलभराव
मुरादाबाद में महज दस मिनट की बारिश में ही शहर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने से सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। रामगंगा विहार, बुद्धि विहार, लाइनपार, प्रभात मार्केट, लाजपतनगर, करुला और भोलानाथ कॉलोनी समेत कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी रही।

रविवार की दोपहर हुई बारिश के बाद शहर के करीब दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में सड़कों पर पानी भर गया। कोर्ट रोड स्थित पशुओं के अस्पताल के पास सड़क तालाब में तब्दील नजर आई। रामगंगा विहार के कई क्षेत्र में लोगों के घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया। परेशान लोग व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते नजर आए।

लाजपतनगर के कुणाल ठाकुर, सतीष गोयल, अनुज आर्य आदि ने कहा कि नाले की साफ-सफाई ठीक तरीके से हुई होती तो कुछ ही देर की बारिश में सड़कों पर पानी नहीं भरता। सबसे ज्यादा समस्या भोलानाथ कॉलोनी में रही। जहां भीषण जलभराव हुआ और लोग घरों में कैद हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार जलभराव कम हुआ तो लोगों ने साफ-सफाई खुद ही कराई थी लेकिन अब फिर से बारिश का पानी भर गया है तो सांप व कीड़े-मकोड़े आने का खतरा फिर से बढ़ गया है।

यहां के रहने वाले प्रवीण निगम ने कहा कि निगम ने अवैध कॉलोनी बताकर अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए हैं। लेकिन यह समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। बारिश का पानी रामगंगा विहार में स्थित वीआईपी कॉलोनी में भी सड़कों पर भर गया। यहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों का घर है। यहां कॉलोनी में जाने वाली सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। लाइनपार के मंडी, विकास नगर, ढक्का की पुलिया, कुंदनपुर जैसे इलाकों में जलभराव से लोग परेशान रहे।

सिपाही समेत नौ लोगों की जा चुकी है जान
मुरादाबाद जिले में रामगंगा, गागन समेत अन्य नदियां उफान पर हैं। पिछले 15 दिन में जिले में सिपाही मोनू कुमार समेत नौ लोगों की पानी में डूबकर मौत हो चुकी है। पिछले दो दिन में मझोला क्षेत्र में दो किशोर भी जान गंवा चुके हैं। गाजियाबाद जिले के लोनी थानाक्षेत्र के बेहटा हाजीपुर निवासी मोनू कुमार (29) 11 अगस्त की रात वह साथी सिपाही अमरपाल के साथ गश्त कर रहे थे।

रामगंगा नदी के पानी से बने तेलीघाट में मछुआरे जाल लगाकर मछली पकड़ रहे हैं। दोनों सिपाही मौके पर पहुंच गए थे। जाल हटाने समय सिपाही मोनू कुमार का पैर फिसल गया और वह पानी में बह गए थे। एक सप्ताह पहले कटघर के लोधीपुर बासु निवासी महिला रामवती घास काटते समय पैर फिसलने से रामगंगा नदी में गिर गई थी। डिलारी क्षेत्र के सहसपुरी ढाक वाला मंजरा निवासी सरोज ने लपकना नदी में कूदकर जान दे दी थी।

बंदे वाली मढ़ैया निवासी सौरभ उर्फ विक्की बाइक लेकर निकला तो वह तेज बहाव के साथ बह गया था। गोताखोरों ने युवक का शव दो दिन बाद बरामद किया था। कुंदरकी क्षेत्र के गांव बहापुर निवासी दिनेश सैनी रक्षाबंधन वाले दिन तालाब में मछली पकड़ने गया था। पानी में डूबकर दिनेश की मौत हो गई गई। कांठ के चौधरी अकबरपुर निवासी फरियाद आठ अगस्त को तालाब में नहाने गया था। जिसमें डूबकर उसकी मौत हो गई।

सुबह चटख धूप, दोपहर बारिश शाम को सुहाना हुआ मौसम
मुरादाबाद में रविवार को हर पहर के हिसाब से मौसम बदलता रहा। सुबह शहरवासियों को चटख धूप से गर्मी ने परेशान किया। वहीं दोपहर में तेज बारिश हुई। शाम होते-होते मौसम साफ हो गया। मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार सोमवार को बादलों की आवाजाही रहने के आसार हैं। रविवार सुबह से ही चटख धूप खिली थी। इसकी वजह से गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ गई। दोपहर करीब दो बजे मौसम में बदलाव हुआ।

काली घटाएं छाने लगीं। तीन बजते-बजते बारिश शुरू हो गई। इसके बाद हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई। जिला आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि जिले में 50.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश ठाकुरद्वारा में हुई है।

वहीं, मुरादाबाद में 14.5 मिलीमीटर, कांठ में 4.6 मिलीमीटर, बिलारी में 15.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। कुल औसत बारिश 12.65 मिलीमीटर है। मौसम विज्ञान विभाग के डाटा संग्रह केंद्र के प्रभारी के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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