
नोएडा में छात्र हर्षित की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के परिवार ने बेटे की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि उनके बेटे के शरीर पर चोट के कई निशान थे, जिससे उन्हें आशंका है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है।
नोएडा सेक्टर-150 में बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से हुई इंजीनियर युवराज की मौत के करीब ढाई माह बाद एक और हादसा हुआ है। इस बार हादसा सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा इमारत के पीछे हुआ है। बुधवार शाम करीब 4 बजे यहां बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में नहाते समय फिजिकल एजुकेशन का छात्र डूब गया। उसकी शिनाख्त गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी हर्षित भट्ट (23) के रूप में हुई है।
हर्षित सेक्टर-125 स्थित निजी विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन का छात्र था। वह अपने तीन दोस्तों के साथ सुपरनोवा के पीछे पिकनिक मनाने गया था। कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र हर्षित की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा है कि उनका बेटा तैरना जानता था। बेटे के शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले हैं। परिवार ने आशंका जताई है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को हर्षित के छठे सेमेस्टर की परीक्षा थी। पेपर अच्छा होने के बाद हर्षित तीन अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने निकला था। चारों सुपरनोवा बिल्डिंग के पीछे पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंचे। पिकनिक पार्टी करने के बाद चारों ने गड्ढे में कूदकर नहाने की योजना बनाई। हर्षित सबसे पहले पानी में उतरा। उसे देखकर अन्य साथी भी पानी में चले गए।
हर्षित जब बीच में पहुंचा तो दलदल में फंस गया और डूबने लगा। उसके साथियों ने उसे निकालने का प्रयास किया लेकिन असफल हो गए। तब दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग की टीम स्थानीय गोताखोरों के साथ पहुंची। हर्षित को गहरे पानी से गोताखोरों ने निकाला। उसके साथियों को भी रेस्क्यू किया गया। हर्षित को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी गई। डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में नहाने से डूबने से मौत होने की बात सामने आ रही है।
बचा लो की आवाज सुनकर आसपास के लोग बचाने आए
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार शाम को बचा लो, बचा लो की आवाज सुनी। वह दौड़कर मौके पर पहुंचे। तब तक हर्षित पानी के अंदर दलदल में फंस गया था। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। गड्ढे के पास से शराब की बोतलें और बीयर की केन बरामद हुई है।
पुलिस ने दोस्तों से की पूछताछ
हादसे के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने हर्षित के तीनों दोस्तों से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में दोस्तों ने पेपर अच्छा होने के बाद पार्टी की योजना बनाने की जानकारी दी। जिसके बाद चारों घटनास्थल पर पहुंचे थे।
काफी समय से भरा है पानी
आसपास के लोगों ने बताया कि यह जगह काफी समय से खाली था। बाद में इसकी खुदाई कराई गई लेकिन पिछले कई साल से यहां पानी भरा है। इसकी गहराई 70 से 80 फीट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आसपास पेड़ व झाड़ियां हैं। गोताखोरों ने पुलिस को बताया कि बीच में अधिक गड्ढा व दलदल था। इस कारण हर्षित का पैर उसमें फंस गया और उसकी मौत हो गई।
लद्दाख है पिता की पोस्टिंग, परिजनों ने उठाए सवाल
हर्षित को तैराकी का शौक था। हर्षित के पिता सेना में हैं। उनकी पोस्टिंग लद्दाख में बताई जा रही है। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन सदमे में हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही मां और मौसी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। परिजनों ने इस घटना को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
