शुभेंदु अधिकारी पर हमले की थी साजिश?: बंगाल में जैश का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार, बड़े आतंकी नेटवर्क की जांच शुरू

Suvendu Adhikari
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पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान से एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस को उसके पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन और पुलवामा हमले के आरोपी सज्जाद भट से संबंध होने का संदेह है। मोबाइल से शुभेंदु अधिकारी की रेकी के संकेत मिले हैं।

पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ता एक व्यापक आतंकी नेटवर्क से उसके संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं। यह जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी है।

एसटीएफ ने कब गिरफ्तार किया?
राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गुरुवार देर रात बर्दवान कस्बे के एक आवासीय परिसर हामिद मंडल को गिरफ्तार किया। वह यहां एक किराए के मकान में रहता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंडल पिछले दो से तीन महीनों से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए उस फ्लैट में रह रहा था।

क्या मुख्यमंत्री पर हमला करने का था प्लान?
पुलिस ने बताया कि उसके मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों से बरामद सामग्री से पता चलता है कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बारे में जानकारी जुटा रहा था। अब जांचकर्ताओं को यह पता लगाने की कोशिश कर रहे है कि क्या वह किसी हमले की योजना बना रहा था।

पुलिस को क्या संदेह है?
पुलिस ने बताया कि मंडल का संबंध पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से होने का संदेह है। इसके साथ ही माना जाता है कि वह सज्जाद भट का करीबी सहयोगी है, जिसे 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जाता है। आरोपी को शुक्रवार को बर्दवान की एक अदालत में पेश किया गया।

पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को ले जा रही एक बस में विस्फोटक से भरी अपनी कार से टक्कर मार दी थी, जिसमें 40 जवान मारे गए थे।

भाजपा ने क्या आरोप लगाया?
पड़ोसी फ्लैट मालिकों ने बताया कि वह व्यक्ति अपने परिवार के साथ लगभग डेढ़ साल से किराए के मकान में रह रहा है। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा के 34 वर्षों के शासनकाल और टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के दौरान पश्चिम बंगाल दशकों तक कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के लिए एक सुरक्षित गलियारा रहा है।

लेकिन उन्होंने दावा किया कि राज्य की विचारधारा में बदलाव के कारण उग्रवादी अब राज्य को सुरक्षित पनाहगाह नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि अब कट्टरपंथी समूह उन राजनीतिक नेताओं के खिलाफ जवाबी हमले करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने चरमपंथी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

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