
कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रवक्ता सौरभ दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका निशु आजाद मामले में अपने अन्य साथियों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंच गए हैं। वह पटेल चौक से पुलिस स्टेशन की ओर गए। यह मामला जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके एक समर्थक को लगी चोटों से जुड़ा है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा- मैंने आत्मरक्षा में उठाया यह कदम
जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर हमले को लेकर एक पॉडकास्ट के दौरान किए दावे पर स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, “लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई। दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी… अभी भी जांच चल रही है और मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं। राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।”
हम निशु और उनके परिवार के साथ खड़े हैं: एनएसयूआई
सीजेपी कार्यकर्ता निशु आज़ाद से जुड़े मामले पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, “जंतर-मंतर पर जो आंदोलन चल रहा था, निशु उस आंदोलन का हिस्सा थीं। इस देश में पेपर लीक के खिलाफ तमाम छात्रों की नाराजगी थी और वो अपने पिता के सामने आती हैं तभी भाजपा समर्थित कार्यकर्ता उनके पिता का सिर फोड़ता है और खुलेआम मीडिया के सामने ये कहता है कि कैसे उस पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई और स्वीकार करता है कि एफआईआर होनी चाहिए थी… वे(निशु आजाद) एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भी जब दर-बदर ठोकर खा रही हैं… तो इस देश के अंदर लोकतंत्र बचा कहां है? जवाबदेही बची कहां है? राहुल गांधी पहले दिन से निशु और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। हम उनकी लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ेंगे।”
सीजेपी ने की यह मांग
सीजेपी के सह-संयोजक रांका ने इसे देश और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन बताया। उन्होंने कहा कि उनका पूरा दल शुरुआत से ही संजय के साथ खड़ा है। सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से तत्काल हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने और सभी गंभीर धाराओं को लागू करने की भी मांग की।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थक के पिता पर हुए हमले में कार्रवाई न करने की बात कही। संजय नामक व्यक्ति को सिर में चोटें आई थीं। रांका के अनुसार, सौरभ और उनके पूरे दल ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उन्होंने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की भी मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। आज, घटना में शामिल लोग खुले तौर पर संजय पर हमला करने की बात स्वीकार कर रहे हैं। वे यह भी मान रहे हैं कि उन्होंने संजय को जान से मारने का प्रयास किया था। इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर कोई कदम नहीं उठाया है। यह आरोप कपिल मिश्रा और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रभाव में कार्रवाई न करने का है।
चंद्रशेखर आजाद भी थाने पहुंचे
आजाद समाज पार्टी, कांशीराम के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। वे सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका का समर्थन करने आए हैं, जो अपनी नेता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस स्टेशन के बाहर पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
जंतर मंतर: सीजेपी नेताओं ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन को घेरा, बोले- निशु आजाद के पिता को दिलाकर रहेंगे न्याय
जंतर-मंतर के प्रदर्शन में सामने आई थी निशु
निशु आजाद ने जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्होंने अपने पिता पर हुए कथित हमले में न्याय की मांग की। निशु का आरोप है कि दिल्ली पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। निशु के पिता संजय पर कथित हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। निशु का कहना है कि घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई। इसके बावजूद डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
