ईद की खुशियां मातम में बदलीं: नहर में डूब गए पांच दोस्त, बदहवास हुए परिजन; घरों में गूंज उठी चीत्कार

Hazara Canal
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झाल के पुल के पिकनिक प्वाइंट हजारा नहर पर पांच किशोरों के डूबने की खबर जब परिवारों को लगी तो चीत्कार मच गई। बड़ी संख्या में लोग यहां एकत्र हो गए। हर कोई किशोरों की सलामती के लिए दुआ करता नजर आया।
कासगंज झाल के पुल के पिकनिक प्वाइंट हजारा नहर पर जैसे ही हादसे के शिकार किशोरों के परिजन पहुंचे तो एकदम वो बदहवास हो गए। ईद की खुशियां मातम में बदलती हुईं नजर आईं। सभी के घरों में ईद की खुशियां मनाई जा रहीं थीं, लेकिन हादसे ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया। उनके मुंह से आह व चीत्कार ही निकल रही थी। मंजर ऐसा था कि मौके पर पहुुंचे लोग भी गमगीन हो गए।
घटना की सूचना के बाद करीब 3:20 बजे एटा के नगला पोता गांव से परिवार के लोग आए। डूबकर लापता हुए आसिफ की मां शबीना बेगम व भाई शान मोहम्मद मौके पर पहुंचा। वह बुरी तरह से बिलख पड़ा। उसने बताया कि नमाज के बाद आशिफ अपने दोस्तों के साथ निकल आया। घर पर भी इस बात की जानकारी नहीं थी। वह सिलाई का कार्य करता था। भाई बार-बार आसिफ को कलेजे का टुकड़ा कहकर पुकार रहा था। वहीं किशोर सलमान की मां नसरीन भी रो-रोकर बेसुध हो रही थी। उसके साथ परिवार की अन्य महिलाएं भी थीं।
परिवार की महिलाएं नसरीन को पानी पिलाकर ढांढस बंधा रहीं थीं। नसरीन ने बताया कि सलमान ने नहर की बात नहीं बताई थी। वह घर पर बोला था कि स्विमिंग पुल पर नहाने जा रहा है। नहर में डूबे जाहिद के पिता मेहंदी हसन, चाचा मुन्ने भी जाहिद के डूबने से बेहद परेशान थे। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। चाचा अपना सब्र खोकर बेसुध हो रहे थे। इसी तरह से अन्य सभी किशोरों के परिजनों का हाल था। जैसे ही जिसको सूचना मिल रही थी वैसे-वैसे वह घटनास्थल पर पहुंचते जा रहे थे।
350 रुपये में ई-रिक्शा में बैठकर आए थे किशोर
गांव से ही किशोरों ने ई-रिक्शा किराए पर तय कर लिया था। 350 रुपये में फहीम से किराया तय करके ई-रिक्शा लाए थे। हादसे में डूबा युवक जाहिद खुद ई-रिक्शा को चलाकर लाया था। हादसे में बचे युवक सोहेल ने इस बात की जानकारी दी।

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