कोलकाता कांड के विरोध में कानपुर के डॉक्टर्स ने रैली निकालकर जताया आक्रोश, 24 घंटे कार्य बहिष्कार

IMA Protest

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नौ अगस्त 2024 को कोलकाता के आर०जी०कार मेडिकल कालेज के पल्मोनरी विभाग में रात्रि कालीन सेवा में तैनात महिला रेजीडेन्ट डाक्टर की निर्शंष हत्या कर दी गई और मृत्यु पूर्व दुष्कर्म की भी संभावना है। इस घटना से समस्त चिकित्सा जगत एवं सभ्य समाज स्तब्ध है।

पीड़िता के पक्ष में आर० जी० कार० मेडिकल के सभी रेजीडेन्ट डाक्टरों ने चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना बन्द कर दिया फलस्वरूप आकस्मिक चिकित्साओं को छोड़कर सभी सेवाएं बाधित हैं। जांच प्रणाली की कार्यशैली से असन्तुष्ट होने के कारण 13 अगस्त 2024 को उपरोक्त केस की जांच सी०बी०आई० द्वारा करवाने के निर्देश माननीय हाई कोर्ट कलकत्ता द्वारा दिए गए।

पुलिस सुरक्षा की मौजूदगी में मेडिकल कालेज परिसर में शान्तिपूर्ण विरोध कर रहे रेजीडेन्ट डाक्टर्स पर अनेक अज्ञात व्यक्तियों द्वारा 14 अगस्त 2024 को सायं आक्रमण कर दिया गया जिसमें चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ को चोट आई।
इस अमानवीय घटनाक्रम से आहत होकर आई एम ए हेडक्वार्टर ने 24 घंटे के कार्य बहिष्कार करने का आह्वाहन किया ( आकस्मिक एवं आवश्यक सेवाएं छोड़कर)। जिसके समर्थन में आज  शनिवार को आई एम ए कानपुर शाखा ने दोपहर 12:30 बजे आई एम ए भवन कानपुर में एक आम सभा की बैठक बुलाई जिसमें आई एम ए कानपुर के सभी सदस्यों ने आई एम ए हेडक्वार्टर के राष्ट्रव्यापी कार्य बहिष्कार के आह्वान का समर्थन किया एवं आर जी कर कॉलेज कोलकाता में हुई घटना की एक स्वर में भर्त्सना की तथा सेन्ट्रल प्रोटेक्शन एक्ट के महत्व पर अपने विचार रखे।
इस सभा के उपरांत जिलाधिकारी कानपुर नगर के कार्यालय तक सभी ने बैनर होर्डिंग लेकर शांति पूर्ण पैदल मार्च किया तथा उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

आईएमअध्यक्ष डॉ नंदिनी रस्तोगी ने कहा कि  नीतिगत स्तर पर डॉक्टरों और अस्पतालों पर हिंसा को स्वीकार करने की अनिच्छा को बदलना होगा। 1897 के महामारी रोग अधिनियम में 2023 के संशोधनों को 2019 के अस्पताल संरक्षण विधेयक के मसौदे में शामिल करने वाला एक केंद्रीय अधिनियम मौजूदा 25 राज्य विधानों को मजबूत करेगा। जैसा कि कोविड महामारी के दौरान हुआ था, एक अध्यादेश लागू हो।

सभी अस्पतालों का सुरक्षा प्रोटोकॉल किसी एयरपोर्ट से कम नहीं होना चाहिए। अनिवार्य सुरक्षा अधिकारों के साथ अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र बनाना पहला कदम है। सीसीटीवी, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और प्रोटोकॉल का पालन किया जाये।  पीड़ित की 36 घंटे की ड्यूटी शिफ्ट और आराम करने के लिए सुरक्षित स्थानों और पर्याप्त विश्राम कक्षों की कमी के कारण रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति में पूरी तरह से बदलाव की आवश्यकता है।

एक समय सीमा में अपराध की सूक्ष्म एवं पेशेवर जांच एवं प्रतिपादन न्याय ।बर्बरता करने वाले गुंडों की पहचान करें और अनुकरणीय दंड दें। शोक संतप्त परिवार को क्रूरता के अनुरूप उचित और सम्मानजनक मुआवजा। आईएमए ने अपने सभी मॉडर्न मेडिसिन डॉक्टरों से 24 घंटे के लिए सेवाएं बंद की घोषणा की है।

आईएमए अपने डॉक्टरों और बेटियों के लिए न्याय के इस संघर्ष में राष्ट्र की समझ और समर्थन की मांग करता है। इस कार्यक्रम और रैली का संचालन सचिव डॉ कुणाल सहाय ने किया। इस रैली में करीब 1250 लोगों ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान आईएमए की अध्यक्ष डॉक्टर नंदिनी रस्तोगी , सचिव डॉक्टर कुणाल सहाय, डॉक्टर अनुराग मेहरोत्रा, डॉक्टर अमित सिंह गौर,डॉक्टर शालिनी मोहन, डॉक्टर दिनेश सचान, डॉ दीपक श्रीवास्तव , डॉक्टर पल्लवी चौरसिया डॉ विकास मिश्रा, डॉक्टर अवध दुबे, डॉक्टर नीलम मिश्रा डॉक्टर रिता मित्तल डॉक्टर ए सी अग्रवाल, आदि तमाम आईएमए के शीर्ष डॉक्टर मौजूद रहे इसके अलावा कानपुर रेडियोलॉजी एसोसिएशन के डॉ अखिलेश शर्मा ,डॉ विशाल सिंह डॉक्टर विकास श्रीवास्तव, कानपुर आप्थाल्मिक सोसायटी की अध्यक्ष डॉक्टर सोनिया दमेले, डॉ पारुल सिंह, इंडियन डेंटल संगठन के अध्यक्ष डॉक्टर श्रवण सिंह फिजियोथैरेपी संघ की डॉ राधिका, इनर व्हील क्लब से श्रीमती रोचना बिश्नोई, श्रीमती सरोज कटियार, श्रीमती नम्रता मेहता , इनकम टैक्स एसोसिएशन से श्री नरपतजैन, यूपी मेडीकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिशन से अरविंद तिवारी, फुटकर व्यापार मंडल दवा व्यापार मंडल के संजय मल्होत्रा, आदि तमाम लोग मौजूद रहे।

इस मुहिम में इंडियन डेंटल एसोसिएशन, हि न, यूपी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, इंडियन सोसायटी ऑफ एनेस्थीसिओलॉजी, कानपुर फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन, इंडियन एकेडमी ऑफ प्रीडिएक्ट्रिक, कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन, फिजिशियन फोरम, रामा मेडिकल कॉलेज ने भी अपना पूरा समर्थन दिया।

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