
बुधवार शाम तक हुई झमाझम बारिश इस सीजन की सबसे भारी बारिश है। सीजन में पहली बार 24 घंटे में 125 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। कानपुर पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर को मौसम खुल जाएगा, लेकिन 20 से लेकर 22 तक बूंदाबांदी और 23 को फिर से तेज बारिश के आसार हैं। वहीं भारी बारिश से पांडु नदी उफान पर है। इसके चलते डूब क्षेत्र में बसी वरुण विहार बर्रा-8 कच्ची बस्ती के 500 मकान डूब गए। प्रशासन की ओर से यहां राहत शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा कुछ परिवारों को कंपोजिट विद्यालय में शिफ्ट कराया गया। वहीं डॉट नाला भर जाने से ग्वालटोली में लक्ष्मीपुरवा बस्ती के भी 50 घरों में पानी भर गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों तक मौसम बदला रहेगा। कानपुर को छोड़कर आसपास के बाकी 40 जिलों में तेज बारिश की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों के अधिकांश स्थानों पर बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जनपदों में अधिक बारिश का अनुमान है, उसमें मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज बांदा, महोबा, झांसी ललितपुर शामिल है। इस बीच बारिश की वजह से दिन का तापमान एक डिग्री की कमी के साथ 31.2 और रात के समय दो डिग्री घटकर 23.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हवा की रफ्तार 10 किमी प्रति घंटा रही।
इन क्षेत्रों में गिरे पेड़
जलकल मुख्यालय में अशोकनगर की तरफ बरगद का पेड़ उखड़ कर मकान पर गिर गया। इसी तरह बर्रा सचान चौराहा, डब्ल्यू-वन ब्लाॅक, ब्रह्मनगर चौराहा, अशोकनगर में सेंट फ्रांसिस स्कूल के पीछे, अशोकनगर तुलसी उपवन, जापानी गार्डेन, यशोदानगर में नमक फैक्ट्री चौराहे से गोपालनगर रोड, बर्रा, विश्वबैंक कालोनी, कल्याणपुर, पनकी आदि मोहल्लों में पेड़ गिरे।
कानपुर में बारिश
पिछले वर्षों में सितंबर में 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश
वर्ष 1972 में 13 को 94.2 मिमी
1975 में 7 को 100 मिमी
1980 में 20 को 90.4 मिमी
1981 में 20 को 154 मिमी
1982 में 12 को 210 मिमी
1988 में 22 को 68.5 मिमी
1992 में 13 को 74.4 मिमी
2002 में 13 को 150 मिमी
2009 में 11 को 160 मिमी
2021 में 102.4 मिमी
