Nagpur Violence: ‘औरंगजेब के समर्थकों को बर्दाश्त नहीं करेंगे’, नागपुर हिंसा पर बोले डिप्टी सीएम शिंदे

Nagpur Violence
Nagpur Violence
Nagpur Violence

नागपुर में भड़की हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण हैं। पुलिस ने शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। नागपुर पुलिस ने शहर में अशांति फैलाने के आरोप में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। हंसपुरी इलाके में एक और झड़प के बाद कई घरों और वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। सीएम फडणवीस, नागपुर से सांसद नितिन गडकरी समेत तमाम लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंघल ने मंगलवार को बताया कि नागपुर शहर में हुई हिंसा के सिलसिले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं। सोमवार शाम को मध्य नागपुर में हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया। यह अफवाह फैली कि मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र (छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित) को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र पुस्तक को जलाया गया।

‘औरंगजेब का समर्थन करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने नागपुर हिंसा पर कहा कि ‘महाराष्ट्र में औरंगजेब का समर्थन करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि ‘नागपुर में जो घटना घटी, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह सुनियोजित साजिश थी या नहीं। डीसीपी स्तर के चार अधिकारी हिंसा में घायल हुए। सीएम घटना की समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि कई लोग बाहर से आए। पेट्रोल बम फेंके गए। पुलिस पर हमले की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।’

कांग्रेस सांसद बोलीं- सामाजिक ताने-बाने को खराब करने की हो रही कोशिश
महाराष्ट्र से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने नागपुर हिंसा पर कहा कि ‘मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती हूं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने सभी को एकजुट रखा। कुछ लोग हमारे सामाजिक तानेबाने को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।’

‘पुलिस पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे’
नागपुर हिंसा पर राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि ‘पुलिस पर हमले को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद अफवाह फैली कि धार्मिक कंटेंट को जलाया गया। ऐसा लगता है कि यह सुनियोजित हिंसा थी, लेकिन किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।’

शिवसेना यूबीटी नेता ने हिंसा के लिए सीएम फडणवीस को ठहराया जिम्मेदार
महाराष्ट्र के नेता विपक्ष अंबादास दानवे ने नागपुर हिंसा का आरोप सीएम देवेंद्र फडणवीस और उनकी सरकार पर लगाया है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल राज्य में सद्भाव को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। नागपुर सीएम फडणवीस का गृहनगर भी है और वे नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से विधायक हैं। दानवे ने एक बयान जारी कर कहा कि मैं साफ तौर पर कह रहा हूं कि नागपुर हिंसा के पीछे महाराष्ट्र सरकार, राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस का हाथ है।

नागपुर के इन इलाकों में लगा कर्फ्यू
नागपुर में फैली हिंसा के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। पुलिस के मुताबिक, नागपुर में फिलहाल शांति है, लेकिन तनाव की स्थिति बनी हुई है। कर्फ्यू कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर में लागू है। पुलिस ने आगे की घटनाओं को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए धारा 163 के तहत प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया है।

‘हिंसा के पीछे की वजह अभी तक पता नहीं’
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने नागपुर हिंसा को लेकर कहा कि ‘हिंसा के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चला है। 47 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा में 12-14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हिंसा के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है और जिसने भी कानून को अपने हाथ में लिया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’

‘सुनियोजित थी हिंसा’
भाजपा विधायक (नागपुर मध्य) प्रवीण दटके ने कहा, ‘मैं आज सुबह-सुबह यहां पहुंचा हूं। यह पूरी घटना सुनियोजित थी। कल सुबह आंदोलन के बाद गणेश पेठ पुलिस स्टेशन में घटना हुई, फिर सब कुछ सामान्य था। बाद में भीड़ ने केवल हिंदुओं के घरों और दुकानों पर हमले किए। पहले सभी कैमरे तोड़े गए और फिर हिंसा को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। मैंने पुलिस आयुक्त से बात की, यह एक संवेदनशील क्षेत्र है। हमने पुलिस इंस्पेक्टर संजय सिंह को दो घंटे तक फोन किया, लेकिन उनका फोन बंद था। जब पुलिस यहां पहुंची, तो यहां सब कुछ हो चुका था। मैं सीएम से भी बात करूंगा। अपराधियों की तस्वीरें डीवीआर में हैं। हम इसे पुलिस को मुहैया कराएंगे। यह अफसोस की बात है कि कल पुलिस हिंदू नागरिकों के साथ खड़ी नहीं हुई। संजय सिंह जैसे पुलिस अधिकारी नागरिकों की बात नहीं सुनते। भीड़ का एक बड़ा हिस्सा बाहर से आया था।’

लोग बोले सुबह से ही था तनाव
हिंसा को लेकर स्थानीय लोगों ने कहा कि सुबह से ही तनाव की स्थिति थी। शाम में पथराव शुरू हो गया। नागपुर के शाही परिवार के सदस्य राजे मुधोजी भोसले ने कहा कि ‘नागपुर में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। हिंसा के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटना फिर न हो। सुबह जो भी हुआ, उसे गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते हिंसा भड़की। कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, घरों पर हमले किए गए। मुझे नहीं लगता कि इसमें स्थानीय लोग शामिल थे। इसमें कुछ बाहरी आसामाजिक तत्व शामिल हो सकते हैं।’

नागपुर में फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। जगह जगह पुलिस बल तैनात है। हिंसा में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं और जगह जगह जले हुए और क्षतिग्रस्त वाहन दिख रहे हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *