
Disha Salian Death Case: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के बाद उनके पिता सतीश सालियान ने मार्च 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि दिशा की मौत आत्महत्या या हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी।
Disha Salian Death Case Hearing In HC: दिशा सालियान की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आज, 2 अप्रैल 2025 को बॉम्बे हाईकोर्ट में इस केस की सुनवाई होने जा रही है और इसके पीछे की वजह है दिशा के पिता सतीश सालियान की वह याचिका, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच की मांग की है। यह मामला न सिर्फ एक परिवार के दर्द को उजागर करता है, बल्कि इसमें कई सवाल, सियासी आरोप-प्रत्यारोप और अनसुलझे रहस्य भी शामिल हैं, जो पिछले पांच साल से लोगों के जेहन में चल रहे हैं। आइए, इस पूरे मामले को शुरू से समझते हैं…
दिशा सालियान की मौत
8 जून 2020 की रात मुंबई के मलाड इलाके में एक हादसा हुआ, जिसने बॉलीवुड और उसके बाहर के लोगों को झकझोर दिया। 28 साल की दिशा सालियान, जो दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं, वह एक रिहायशी इमारत की 14वीं मंजिल से नीचे गिर गईं। पुलिस ने इसे शुरू में आत्महत्या करार दिया। उस वक्त जांच में कहा गया कि दिशा ने एक पार्टी में शराब पी थी, जिसके बाद संतुलन खोने से वह नीचे गिरीं, लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। ठीक छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। इन दो घटनाओं के बीच का समय इतना कम था कि लोगों ने दोनों को जोड़कर देखना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मामले को साजिश करार दे दिया, जिसके बाद दिशा की मौत को लेकर कई सवाल उठने लगे।
दिशा की मौत की पुलिस जांच
दिशा की मौत के बाद उनके पिता सतीश सालियान ने शुरू में मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा जताया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें अपनी बेटी की मौत में किसी साजिश का शक नहीं है और मीडिया से अपील की थी कि उनकी बेटी को बदनाम न किया जाए। मुंबई पुलिस ने भी अपनी जांच में इसे आत्महत्या माना और 2021 में एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। बाद में सीबीआई ने भी इस मामले को देखा, क्योंकि यह सुशांत की मौत से जुड़ा माना जा रहा था। 2022 में सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिशा की मौत एक हादसा थी, जिसमें नशे की हालत में वह इमारत से गिरीं, लेकिन इन अचानक सतीश सालियान ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने पांच साल बाद 2025 में इस मामले को फिर से उठाया और बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कई बड़ी हस्तियों पर आरोप
सतीश सालियान ने मार्च 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या या हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। उनका आरोप है कि दिशा के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इस याचिका में कई बड़े नामों को शामिल किया गया है, जिनमें शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सतीश ने कोर्ट से मांग की है कि इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी की मौत को दबाने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई, जिसमें प्रभावशाली लोग शामिल थे।
पुलिस ने वकील को दो पेन ड्राइव सौंपीं
इसके बाद सतीश ने मुंबई पुलिस आयुक्त को भी एक शिकायत दी, जिसमें उन्होंने इन आरोपों को दोहराया। उनके वकील नीलेश ओझा ने दावा किया कि पुलिस ने उनकी शिकायत को स्वीकार कर लिया है और इसे एफआईआर के तौर पर दर्ज किया जाना चाहिए। सतीश ने यह भी मांग की कि इस मामले में सभी गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और सीन को दोबारा रीक्रिएट किया जाए, ताकि यह साफ हो सके कि दिशा की मौत कैसे हुई। इस केस में हाल ही में कुछ नए घटनाक्रम भी सामने आए हैं। 31 मार्च 2025 को खबर आई कि मुंबई पुलिस के दो पूर्व सहायक आयुक्तों, एपी निपुंगे और भीमराज घाडगे ने सतीश सालियान और उनके वकील को दो पेन ड्राइव सौंपी हैं। इनमें कथित तौर पर संवेदनशील सबूत हैं, जो दिशा की मौत को हत्या और सामूहिक दुष्कर्म से जोड़ते हैं। सतीश के वकील ने दिशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाया है कि क्या जांच में सच को छिपाया गया। दूसरी ओर, मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया कि दिशा उनके बिजनेस में नुकसान, दोस्तों से गलतफहमी और पिता द्वारा उनके पैसों के दुरुपयोग जैसे कारणों से डिप्रेशन से जूझ रही थीं, लेकिन सतीश ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
मामले में लिया सियासी रुख
यह मामला अब सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि सियासी जंग का मैदान बन गया है। बीजेपी नेता नितेश राणे और नारायण राणे ने पहले भी दावा किया था कि दिशा की हत्या हुई और इसमें आदित्य ठाकरे का हाथ हो सकता है। नारायण राणे ने हाल ही में यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे ने उन्हें फोन कर अपने बेटे का नाम इस मामले में न घसीटने की गुजारिश की थी। दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) इसे साजिश करार दे रही है। आदित्य ठाकरे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की कोशिश है। पार्टी के नेता संजय राउत ने भी कहा कि यह एक हादसा था, हत्या नहीं और इसमें कोई राजनीतिक कोण नहीं है।
आज होगी कोर्ट में सुनवाई
आज की सुनवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट इस याचिका पर विचार करेगा। सतीश सालियान की मांग है कि केस को फिर से खोला जाए और सीबीआई को सौंपा जाए। दूसरी ओर इस मामले से जुड़े लोग, जैसे समीर वानखेड़े कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं, वह पूर्व एनसीबी अधिकारी हैं, जिन्हें याचिका की कॉपी दी गई है। वानखेड़े के वकील ने कहा है कि वे एक विस्तृत हलफनामा पेश करेंगे, जिसमें कुछ चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या इस मामले में नए सिरे से जांच की जरूरत है या नहीं।
