कानपुर के रंगकर्मी और बॉलीवुड अभिनेता राजेन्द्र कुमार राज ने शहर का नाम किया रोशन

Actor Rajendra Raj
Actor Rajendra Raj
Actor Rajendra Raj

कानपुर: शहर के कैंट क्षेत्र के भज्जा पुरवा निवासी राजेन्द्र कुमार राज अपने दमदार अभिनय से न केवल कानपुर बल्कि पूरे देश में अपनी पहचान बना रहे हैं। आयुध पैराशूट फैक्ट्री में नौकरी करने के साथ-साथ रंगमंच और बॉलीवुड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले राजेन्द्र कुमार राज को हाल ही में चार प्रमुख बॉलीवुड हस्तियों द्वारा सम्मानित किया गया है।

हाल ही में पीएफसी फिल्म्स और निर्माता-निर्देशक प्रमोद गुप्ता व सह-निर्माता नीरज कुमार के बैनर तले आयोजित विंस्टन मॉडलिंग एंड अवार्ड शो में राजेन्द्र कुमार राज को बॉलीवुड अभिनेत्री मधुरिमा तुली ने ‘स्पेशल गेस्ट ऑफ ऑनर’ अवार्ड से नवाजा। मधुरिमा, जो ‘बेबी’, ‘बिग बॉस’, और ‘कुमकुम भाग्य’ जैसी परियोजनाओं के लिए जानी जाती हैं, ने इस मौके पर कानपुर की खासियत की तारीफ की। उन्होंने कहा, “कानपुर का अंदाज़ अनोखा है। यहां का खान-पान मुंबई तक मशहूर है। पीएफसी फिल्म्स और प्रमोद गुप्ता यूपी के नए कलाकारों को मंच प्रदान कर सराहनीय कार्य कर रहे हैं।”

इसके अलावा, राजेन्द्र कुमार राज को निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट द्वारा पुरस्कृत किया गया, साथ ही बॉलीवुड अभिनेता शाहबाज़ खान ने उन्हें ‘ग्लोरियस अवार्ड’ और मुश्ताक खान ने ‘एमिनेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया।

राजेन्द्र ने अपने करियर की शुरुआत नुक्कड़ नाटकों से की थी और आज वे बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों जैसे ‘जॉली एलएलबी 2’, ‘होटल मिलन’, ‘मरुधर एक्सप्रेस’, ‘सूटेबल बॉय’, और ‘द हॉस्टेज’ में काम कर चुके हैं। हाल ही में रिलीज़ वेब सीरीज़ ‘वो रात’ में उन्होंने एक प्रभावशाली पिता की भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने ‘कानपुर के शोले’, ‘साई वर्सेज़ आई’, ‘परधानी’, ‘ये गुलिस्तान हमारा’, ‘मुझे बचाओ गंगे माँ’, और ‘फोर पैट्रियॉट’ जैसी परियोजनाओं में भी योगदान दिया है। उनके एल्बम जैसे ‘सैयां’ और ‘बॉटम अप भान गढ़’ भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।

राजेन्द्र अपनी प्रेरणा का श्रेय अपने पिता शंकर लाल, माता कृष्णा देवी, और पत्नी रंजना को देते हैं। उन्होंने कहा, “कानपुर में ऐसी प्रतिभाएं हैं जो नए कलाकारों को मौका देकर शहर का नाम रोशन कर रही हैं।”

राजेन्द्र कुमार राज का यह सफर न केवल उनकी मेहनत और लगन को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने साकार हो सकते हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *