
ममता बनर्जी के हाथ से सत्ता जा चुकी है और पार्टी बगावत से जूझ रही है, लेकिन टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के तेवरों में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर सत्ताधारी भाजपा को चुनौती दी है और कहा है कि अगर उन्हें चुप कराना है तो उन्हें मारकर ही ऐसा किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश में और क्या-क्या बातें कही हैं।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और सत्ताधारी दल पर टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि ‘अगर सत्तारूढ़ पार्टी उन्हें चुप कराना चाहती है या टीएमसी को खत्म करना चाहती है तो उसके लिए पहले उन्हें मुझे मारना होगा।’
ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश में क्या-क्या आरोप लगाए?
वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने टीएमसी पार्टी में हो रही बगावत और टीएमसी नेताओं के कथित शोषण पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने में लगी है।
ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के कई नेताओं पर हमले हुए हैं और उनका अपमान किया गया है। इनमें महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘आप ने किस पर हमला नहीं किया है? आपने महुआ, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी पर हमला किया। आपने मेरे घर पर हमला किया।’
ममता बनर्जी का यह वीडियो संदेश ऐसे समय आया है, जब टीएमसी पार्टी बड़ी चुनौतियों से निपट रही है। पार्टी में अंदरुनी मतभेद और बगावत उभरी है और पार्टी में टूट का खतरा है। बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को करीब 60 विधायकों का समर्थन मिला हुआ है।
ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश में दावा किया कि उनके कई सहयोगियों से पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार किया गया। टीएमसी प्रमुख ने कहा, ‘मेरे कई सहयोगी जेल में बंद हैं, उन्हें फर्श पर सोने को मजबूर किया जा रहा है। कुछ को कमर में रस्सियां और पैरों में हथकड़ियां डालकर घुमाया जा रहा है। कुछ के सिर मुंडवा दिए गए हैं। कईयों पर घिनौनी चीजें फेंकी गई हैं, जिनका जिक्र करना भी शर्मनाक है।’
तृणमूल कांग्रेस में टूट जारी
ममता बनर्जी का यह वीडियो संदेश ऐसे समय सामने आया है, जब उनकी पार्टी में लगातार टूट जारी है। गुरुवार को टीएमसी के तीन पूर्व सांसद भाजपा में शामिल हो गए। इनमें सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक का नाम शामिल है। कोलकाता के साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में तीनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली। गुरुवार को ममता बनर्जी ने एक बयान में बागी नेताओं को निशाने पर लिया था और उन पर पार्टी के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि ‘लोगों को उन टीएमसी नेताओं को माफ नहीं करना चाहिए, जो गद्दार हैं और भाजपा के साथ मिल गए हैं। दो नावों पर सवार होने की कोशिश न करें, अभी भी पीछे मुड़कर देखने और बर्बरता पर ध्यान देने की जरूरत है।’
