
Kanpur News:-कोर्ट पर पेशी के दौरान जाते समय सपा विधायक इरफान सोलंकी चिल्लाकर खुद को जानवर बताते रहे। साथ ही, पुलिस पर भड़कते हुए कहा कि मेरा भी एनकाउंटर करना था क्या।
कानपुर के जाजमऊ आगजनी मामले में गुरुवार को एक बार फिर एमपी एमएलए सेशन कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद थी। हालांकि, एक बार फिर फैसला टल गया है। इससे पहले महाराजगंज जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया।
पेशी पर पहुंचे इरफान का अचानक गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि मैं पुलिस कमिश्नर की पेशी पर आया या कोर्ट की। मुझे दो घंटे पुलिस लाइन में क्यों रखा गया। क्या मेरा भी एनकाउंटर करना था। कहीं ऐसा ना हो मेरी भी खबर आए। इस बीच इरफान खुद को जानवर बताते रहे।
बता दें कि एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने दोबारा सुनवाई के लिए छह अप्रैल की तारीख नियत कर दी है। जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में स्थित एक प्लॉट में रहने वाली नजीर फातिमा के घर में सात नवंबर 2022 को आग लग गई थी।
एक मार्च को पूरी हो गई थी बहस
मामले में इरफान, रिजवान, मो. शरीफ, शौकत अली व इजराइल आटे वाला के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। इरफान के अलावा रिजवान, शौकत अली व इसराइल आटे वाला कानपुर जेल में ही बंद हैं। वहीं, जमानत मिलने के बाद मोहम्मद शरीफ की जेल से रिहाई हो चुकी है। अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस एक मार्च को पूरी हो गई थी।
अवकाश पर होने के कारण टल गया था फैसला
इसके बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 14 मार्च की तारीख नियत की थी। 14 को शरीफ और शौकत को नई जमानतें दाखिल करने के लिए समय दिया गया था और 19 मार्च की तारीख नियत कर दी गई थी। 19 मार्च को न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण फैसला टल गया था और 22 मार्च की तारीख फैसले के लिए नियत की गई
छह अप्रैल को होगी सुनवाई
बहस सुनने के बाद 14 दिन में फैसला न सुना पाने के कारण फाइल दोबारा बहस पर चली गई थी और 22 मार्च को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दोबारा संक्षिप्त बहस सुनकर फैसले के लिए 28 मार्च की तारीख नियत की थी। 28 मार्च को अदालत ने आदेश पूरा न लिखे जा पाने के कारण फैसले के लिए चार अप्रैल की तारीख नियत कर दी थी। गुरुवार को फिर कोर्ट ने फैसले के लिए छह अप्रैल की तारीख दोबारा सुनवाई के लिए नियत कर दी है।
