
मुरादाबाद के कटघर के गाड़ीखाना मोहल्ले में शनिवार रात एक बजे पीतल कारोबारी अनिल चौधरी (32) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घर में सो रहे अनिल को हमलावरों ने आवाज लगाकर दरवाजा खुलवाया और बेडरूम तक पीछा कर बेटी के सामने चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए।
छीनाझपटी में चाकू लगने से एक हमलावर भी घायल हो गया। जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मौके से भागे दूसरे हमलावर की तलाश का जा रही है। परिजनों ने बताया कि रात एक बजे गेट की घंटी बजी तो नींद से जागे अनिल ने आवाज देकर पूछा-कौन है।
बाहर से आवाज आई कि फर्म के पैसे देने आए हैं। दरवाजा खोलते ही बाहर मौजूद दो लोग अनिल पर टूट पड़े। चाकू से हमले किए तो अनिल भागकर बेडरूम में पहुंच गए। पीछा करते हमलावरों ने बेड पर गिरे अनिल पर चाकुओं से कई वार किए, जिससे उनकी जान चली गई।
इस दौरान चाकू लगने से एक हमलावर के हाथ की नस कट गई लेकिन दोनों भाग निकले। बेडरूम में मौजूद बेटी ने मां तनु की मदद से पड़ोसियों और फिर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने आसपास छानबीन की तो करीब सौ मीटर दूर एक हमलावर घायल और बेहोश पड़ा मिला। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि मृत हमलावर कटघरबीच छत्ता मोहल्ले का आमोद था, जबकि उसका किरायेदार मोहित दूसरा हमलावर है, जो भाग गया। कारोबारी की बेटी ने भी दोनों हमलावरों को पहचान लिया है। मृतक के पिता मुन्नू सिंह चौधरी ने बताया कि दोनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
चंद मिनटों में दो जान गईं, पुलिस बोली-कारण नहीं मालूम
कटघर के गाड़ीखाना मोहल्ले में कारोबारी की हत्या और चाकू से घायल उसके हमलावर की मौत के मामले में वारदात का मुख्य कारण अगले दिन रात तक भी स्पष्ट नहीं हो सका। शनिवार देर रात की वारदात में रविवार रात तक भी पुलिस कारोबारी की हत्या का कारण स्पष्ट नहीं कर सकी। न ही यह स्पष्ट किया कि मृतक और हमलावर के बीच क्या संबंध था। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि दोनों हमलावरों के चेहरे मौके के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुए हैं। विशेष टीमें लगाई गई हैं। जल्द मोहित गिरफ्त में होगा।
डीआईजी मनिराजजी और एसएसपी सतपाल अंतिल ने मौका मुआयने के दौरान मृतक की बेटी और पिता से बात की। कहा कि भागे हमलावर की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
बेटी बोली- पापा बेड पर तड़पते रहे और अंकल चाकू से हमला करते रहे
मुरादाबाद में पीतल कारोबारी अनिल चौधरी की हत्या के दौरान घटनास्थल पर मौजूद उनकी 10 वर्षीय बेटी ने डीआईजी और पुलिसकर्मियों के सामने खौफनाक मंजर को बयां किया। उसने बताया कि पापा का आमोद अंकल गला रेत रहे थे। मैं उनको पहचान रही थी, लेकिन चाकू की डर के चलते विरोध नहीं कर पाई। खून से लथपथ पापा बिस्तर पर तड़प रहे थे।
बेटी की बातें सुनकर डीआईजी के साथ मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। उसने पुलिस को बताया कि वह ट्यूशन पढ़ने के लिए जाती थी तब आमोद अंकल को रास्ते में घूमते हुए देखती थी। उनका घर भी आना जाना था। पापा खून से सने हुए थे। घटना के समय कुछ नहीं कर सकती थी।
हमलावरों के जाने के बाद मम्मी को जगाया, फिर पड़ोसियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। कारोबारी की दो बेटियां हैं। छोटी बेटी आठ साल की है। उसे घटना के बारे में कुछ पता नहीं है। घटना से अनभिज्ञ छोटी बेटी रोती हुई मां की गोद में बैठी थी। मां और दादी से पूछ रही थी कि पापा कहां चले गए। मां और दादी के गले रुंधे हुए थे। वे जवाब देने की हालत में नहीं थीं।
छह साल पहले खरीदा था मकान
पीतल कारोबारी के पिता मुन्नू सिंह ने बताया कि उनके तीन बेटों में अनिल चौधरी सबसे बड़े थे। वह लोदीपुर गांव स्थित पैतृक घर में पत्नी राजबाला दो अन्य बेटे सोनू और सौरभ के साथ रहते हैं। घटना की जानकारी उनको रविवार की सुबह पड़ोसी सतीश ने दी। उनका बड़ा बेटा अनिल रामगंगा विहार स्थित रिश्तेदारों के साथ पीतल के कारोबार में उतरा था।
सीखने के बाद उसने दो अन्य पार्टनरों के साथ गाड़ी खाना में किराए का मकान लेकर कारखाना खोला। छह साल पहले उन्होंने रहने के लिए कारखाने के पास मकान खरीदा था। सोचा था कि बेटा कारोबार कर नाम कमाएगा। उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। अनिल किसी से कभी झगड़ा नहीं करता था। सिर्फ अपने काम से मतलब रखता था।
मझले भाई ने एक साल से बनाई थी दूरी
मझले भाई सोनू ने बताया कि वह छह माह से बड़े भाई के घर नहीं आता जाता था। उसने बेटी के जन्मदिन का निमंत्रण भाभी को दिया था, लेकिन वह घर नहीं आईं। इसी वजह से दूरी बना ली थी। इसके अलावा सोनू ने बताया कि भाई के घर कन्हैया का आना जाना था, जो उसे पसंद नहीं था।
