
संतकबीर नगर के बखिरा क्षेत्र के बड़गो गांव की तीन बेटियों की झील में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे से गांव में मातम छा गया। झील में डूबी तीनों किशोरियों के घर मातम पसरा हुआ है। झील में डूबी मीनाक्षी की मां ने बताया कि उसने बेटी को झील में जाने से मना किया था, लेकिन अन्य तीन लड़कियों के साथ टहलने के बहाने जाने की बात कहते हुए बेटी मीनाक्षी जिद करके अन्य तीनों लड़कियों के साथ झील में चली गई। इतना कहते हुए वह अपने आंसू को रोक नहीं पाईं। डीएम महेंद्र सिंह तंवर और पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल भी सीएचसी पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
झील में डूबी मीनाक्षी की मां ने बताया कि उसने बेटी को झील में जाने से मना किया था, लेकिन अन्य तीन लड़कियों के साथ टहलने के बहाने जाने की बात कहते हुए बेटी मीनाक्षी जिद करने लगी। वह तीनों लड़कियों के साथ झील में चली गई। जाने के एक घंटे के अंदर ही बेटी की मौत की खबर मिली। रोते हुए मीनाक्षी की मां ने बताया कि बेटी बड़ी ही होनहार और मिलनसार थी। घर के कामकाज में हाथ बंटाती थी। उसके चले जाने से उनकी दुनिया ही उजड़ गई।
इतना कहते हुए रोने लगी। अन्य दो लड़कियों पायल व अर्चना के परिजन भी बेटियों को जाने से मना करने की बात कह रहे हैं। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। तीनों की मौत झील में डूबने से होने थी, तो इस होनी को कौन टाल सकता है, इतना कहते हुए परिजन रोने लगे। घटना की सूचना पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर और पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल सीएचसी मेंहदावल पहुंच गए। जहां पर उन्होंने परिजनों से घटना की जानकारी ली। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
तीनों किशोरियां पढाई में थी अव्वल
बड़गो में मंगलवार को तीन-तीन बेटियों की मौत होने से गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग कुछ समझ नहीं पा रहे थे। जो जहां था, वही झील की तरफ भागकर जा रहा था। तीनों बेटियों की हालत गंभीर थी। तीनों को मेंहदावल सीएचसी भेजा गया। डॉक्टरों ने तीनों को देखते ही मृत घोषित कर दिया, जबकि काजल का इलाज मेंहदावल में चल रहा है। तीनों मृतक लड़कियों का पंचनामा करके शव पोस्टमार्टम में भेज दिया गया है।
मृतक मीनाक्षी 10वीं की छात्रा है। दो बहन व एक भाई में दूसरे नंबर की है। पायल कक्षा सातवीं की छात्रा थी। यह दो बहन व एक भाई में सबसे छोटी थी। अर्चना मुंबई में रह रही थी। अभी एक सप्ताह पूर्व मुंबई से गांव आई थीं। यह दो भाई व एक बहन में सबसे छोटी थी, जबकि घायल काजल आठवीं की छात्रा है। दो भाई व एक बहन में छोटी है, जिसका इलाज मेंहदावल सीएचसी में चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों छात्राएं पढ़ाई में काफी अव्वल थी।
संतकबीरनगर: तीन लड़कियां बखिरा झील और दो बहनें दुधारा क्षेत्र के पोखरे में डूबीं
आपको बता दें कि संतकबीरनगर जिले के बखिरा और दुधारा क्षेत्र में मंगलवार को पांच लड़कियों की पोखरे और झील में डूबने से मौत हो गई। बखिरा झील में नहाने गईं बड़गों गांव की चार लड़कियों में तीन की मौत हो गई जबकि एक को मेंहदावल सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहीं, धान की रोपाई करने गईं दुधारा थानाक्षेत्र के खटियावां गांव की दो सगी बहनें पैर फिसल जाने से पोखरे में डूब गईं जिससे उनकी मौत हो गई।
बखिरा थानाक्षेत्र के बड़गो गांव की रहने वाली पायल (12) पुत्री दिलीप, मीनाक्षी (15) पुत्री मकसूदन निषाद, अर्चना (17) पुत्री रामनेवास और काजल (14) पुत्री रमेश मंगलवार की शाम करीब चार बजे बखिरा झील में नहाने गईं थीं। गहरे पानी में चले जाने से चारों डूबने लगीं। लड़कियों के चिल्लाने की आवाज सुनकर थोड़ी दूरी पर स्थित मंदिर पर मौजूद ग्रामीण भागकर झील की तरफ पहुंचे। ग्रामीणों के पहुंचने तक एक लड़की बचाने की गुहार लगा रही थी। चारों को झील से निकालकर सीएचसी मेंहदावल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मीनाक्षी, पायल और अर्चना को मृत घोषित कर दिया जबकि काजल को भर्ती कराया गया है।
तीन घंटे की तलाश के बाद मिला दूसरी बहन का शव
दुधारा थानाक्षेत्र के खटियावां में एक तालाब से सटे खेत में दो सगी बहने प्रमिला (17) व उर्मिला (15) पुत्री राजेंद्र यादव धान की रोपाई करने गई थी। प्रमिला और उर्मिला का पैर फिसल गया और मेड़बंदी नहीं होने से दोनों तालाब में गिर गईं। करीब 15 फीट गहरे पानी में चले जाने से दोनों की मौत हो गई। हादसे की जानकारी के बाद जुटे ग्रामीणों ने दोनों बच्चियों की तलाश शुरू की। कुछ ही देर में प्रमिला का शव मिल गया लेकिन उर्मिला को तलाशने में तीन घंटे लग गए।
