देश के 32 एयरपोर्ट पर संचालन शुरू; भाजपा बोली- परमाणु संपन्न देश को घर में घुसकर मारा

India Vs Pakistan Ceasefire
India Vs Pakistan Ceasefire
India Vs Pakistan 

India Vs Pakistan Ceasefire : भारत-पाकिस्तान में संघर्ष विराम होने के बाद आज दोनों देशों के बीच डीजीएमओ स्तर की बैठक हो रही है। इसके बाद तीनों सेनाओं के डीजीएमओ दोपहर ढाई बजे प्रेस ब्रीफिंग करेंगे, जिसमें पाकिस्तान के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी जा सकती है। इस बीच तीनों सेनाओं के प्रमुख पीएम आवास पहुंचे हैं।

सेना प्रमुखों के साथ पीएम मोदी की बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ पीएम आवास पर बैठक की। इस बैठक में मौजूदा हालात पर चर्चा की गई।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम के बाद खोले गए 32 हवाई अड्डे
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद देश के 32 हवाई अड्डे नागरिक उड़ानों के लिए फिर से खोल दिए गए हैं। सरकार ने पहले 15 मई तक इन्हें बंद रखने का फैसला किया था, अब सरकार ने नोटिस जारी कर इन हवाई अड्डों को तय समय से पहले ही खोलने का फैसला किया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को भारत की ताकत दिखाई’
ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे विश्व को दिखाया कि भारत क्या कर सकता है। भारत सीमा पार जाकर भी भारत किसी भी ठिकाने पर सटीकता से हमला कर सकता है। संबित पात्रा ने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर में नौ आतंकी ठिकाने, 11 एयरबेस, 100 से अधिक आतंकवादी, 50 से ज्यादा सैनिक और अपनी इज्जत खोई है।

पाकिस्तान पर सैन्य के साथ ही असैन्य हमला भी
संबित पात्रा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का सैन्य के साथ ही असैन्य पहलू भी है, जिसके तहत सिंधु जल समझौता स्थगित किया गया और पाकिस्तान के साथ सभी व्यापार भी बंद कर दिया गया। पाकिस्तान का बड़ा कृषि क्षेत्र सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है। ऐसे में भारत के सख्त कदम से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर होगा। संबित पात्रा ने कहा कि भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान को अलग-थलग कर दिया गया और किसी भी देश ने पााकिस्तान का समर्थन नहीं किया।

‘सशस्त्र बलों के अदम्य साहस पर गर्व’
भाजपा सांसद और पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए हमें अपने सुरक्षाबलों पर गर्व है। भारत ने पाकिस्तान के आतंक के अड्डों का खात्मा कर दिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया। संबित पात्रा ने पीएम मोदी ने कहा था कि हम आतंक को मिट्टा मिला देंगे और घर में घुसकर मारेंगे। 6-7 मई की मध्य रात्रि भारत ने ऐसा ही किया। पाकिस्तान को पहले से पता था कि पूर्व की तरह इस बार भी स्ट्राइक होगी, लेकिन सबकुछ जानते हुए भी एक्शन की तारीख का पता नहीं लगा सका।

तीनों सेनाओं के प्रमुख पीएम आवास पहुंचे
तीनों सेनाओं के प्रमुख और सीडीएस अनिल चौहान आज फिर प्रधानमंत्री आवास पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी सेना प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

दोपहर ढाई बजे तीनों सेनाओं के डीजीएमओ मीडिया को ब्रीफ करेंगे। उससे पहले दोपहर 12 बजे भारत पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच बैठक होगी, जिसकी जानकारी ब्रीफिंग में दी जा सकती है।

भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद सोमवार को दोपहर 12 बजे डीजीएमओ स्तर की बातचीत होनी है। इस बैठक में भारत की तरफ से डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और पाकिस्तान की तरफ से उनके डीजीएमओ शामिल होंगे। डीजीएमओ के बीच यह दूसरी बैठक हो रही है।

सलाल बांध का एक गेट खुला
जम्मू और कश्मीर में यह वीडियो चेनाब नदी पर बने रियासी के सलाल बांध से है। बांध का एक गेट खुला हुआ दिखाई दे रहा है।

युद्धविराम के बाद बीती रात जम्मू कश्मीर में रही शांति
भारत-पाकिस्तान में युद्धविराम के बाद बीती रात जम्मू कश्मीर में शांति रही और गोलीबारी की कोई घटना नहीं हुई।

कश्मीर पर तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता के प्रस्ताव के संदर्भ में सूत्रों ने कहा कि इसका जमीनी सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जब पीएम मोदी से बात की थी, तभी पीएम ने स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यही कारण है कि पाकिस्तान के डीजीएमओ को संघर्ष विराम के लिए अपने भारतीय डीजीएमओ से अनुरोध करना पड़ा। इसके बाद ही सहमति बनी।

इससे पहले, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की बातचीत नहीं हुई है। आगे भी सिर्फ डीजीएमओ स्तर की ही बातचीत होगी। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि भविष्य में भी भारत-पाकिस्तान में संभावित बातचीत को समग्र नहीं समझा जाना चाहिए। भारत का रुख साफ है कि पाकिस्तान से बातचीत सिर्फ पीओके को लौटाने पर होगी। अगर वह पहलगाम, मुंबई सहित अन्य आतंकी घटनाओं से जुड़े आतंकियों को सौंपने का प्रस्ताव करता है, तभी बातचीत आगे बढ़ना संभव है।

 

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