UP Triple Murder: काश! रात में ही कारखाने चला जाता तो जिंदा होते जीजा… देवेंद्र को जिंदगीभर रहेगा ये अफसोस

UP Triple Murder
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यूपी के जौनपुर में हुए तिहरे हत्याकांड की जांच जारी है। वहीं, सामने आया है कि गुड्डू का फोन नहीं उठने पर पत्नी सरिता ने अपने भाई को फोन किया था। मगर भाई देवेंद्र ने कहा था कि रात ज्यादा हो गई है, सुबह जाकर पता करुंगा।

यूपी के जौनपुर के सिरकोनी के कचंगाव अंडरपास के पास पिता और दो पुत्रों की हत्या से सनसनी फैल गई। पिता लालजी और भाई गुड्डू और यादवीर की मौत की सूचना पर बहन सपना घर पहुंची तो विलाप करते हुए बेहोश होकर गिर गई। गांव की महिलाओं ने उसे किसी तरह संभाला। बस्ती के आधे से ज्यादा लोग पोस्टमार्टम हाउस चले गए थे। सपना के रोने व चीखने की आवाज से मौजूद सबकी आंखें नम हो गईं। सपना यही बार-बार कह रही थी कि आखिर क्यों किसी ने मेरे पिता और भाई को मार डाला।

पीड़ित परिवार को संभालने के लिए रिश्तेदार भी पहुंच गए थे। गांव के लोगों ने बताया कि इस समय लालजी और दोनों बेटे लगातार व्यवसाय में सफल हो रहे थे। अचानक हुई इस वारदात से पूरे गांव में मातम है। सुरक्षा के तहत लालजी के घर पर दो उप निरीक्षक और चार हेड कांस्टेबल तैनात रहे।

आपको बता दें कि इमलो क्षेत्र के महमदपुर कांध गांव निवासी लालजी वेल्डिंग व जेसीबी बनाने का काम कई वर्षों से कर रहे थे। पिता के इस काम में उनके दोनों बेटे गुड्डू (33) व यादवीर (25) हाथ बंटाते थे। गुड्डू के साले देवेंद्र अफसोस कर रहे थे कि काश, वह बहन की बात मानकर रात में ही कारखाने चले गए होते तो शायद उनके बहनोई गुड्डू जिंदा होते।

कारखाने में जल निगम का होता है काम
घटनास्थल से करीब 10 किमी दूर खरौरा गांव निवासी देवेंद्र ने बताया कि कुछ वर्ष पहले ही लालजी ने नेवादा अंडरपास के समीप लालजी भइया इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रिकल्स के नाम से कारखाना खोला था। कारखाने में जल निगम की पाइपों पर चूड़ी पेरने का काम होता है। काम खत्म होने के बाद तीनों में से कोई न कोई रात में घर जरूर जाता था। कोई यहां पर सामान की रखवाली के लिए रुक जाता था।

रविवार को अचानक क्या हुआ कि तीनों में से कोई रात में घर नहीं गया। ये बात बहन सरिता को सताने लगी। सोचा काम ज्यादा होगा, इसलिए कोई घर नहीं लौटा। रात 12 बजे के बाद भी कोई घर नहीं आया तो उसे चिंता हुई। उसने मोबाइल पर फोन लगाना चाहा लेकिन फोन नहीं उठा।

उसने फोन कर कहा कि भइया जरा देख लेते, आज न पापाजी न आर्यन के पापा (मतलब गुड्डू) घर आएं। देवेंद्र ने देर रात होने का हवाला देते हुए कहा, बहन सुबह होते ही जाकर देख लूंगा। देवेंद्र अफसोस कर रहे थे कि काश वह बहन की बात पर रात में ही कारखाना चले गए होते तो शायद घटना टल सकती थी। उनके बहनोई गुड्डू जिंदा होते।

ये है रंजिश की कहानी
जांच में सामने आया है कि लालजी पहले बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पलटू राम के मकान में किराये पर कारखाना चलाते थे। कमरे को खाली कराने को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। इतना ही नहीं, गुड्डू पर पलटू राम की बेटी को भगाने का भी मुकदमा दर्ज था। दोनों पक्षों में दो-दो केस पहले से चल रहे थे। पुलिस को शक है कि इसी पुरानी दुश्मनी में तीनों की हत्या की गई।

पापा… शाम को प्रदर्शनी दिखाने के लिए शहर ले जाएंगे
गुड्डू के दोनों बच्चे 10 वर्षीय आर्यन और आठ वर्षीय अवी अपने पिता की मौत से बेखबर थे। दोनों एक-दूसरे के साथ खेलते नजर आएं। आर्यन कह रहा था कि आज उसके पापा शाम को प्रदर्शनी दिखाने के लिए शहर ले जाएंगे। मासूम की बात सुनकर रिश्तेदार राजदेव फफक पड़े। ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि लालजी का दूसरा बेटा इस समय जेल में है। किसी लड़की के मामले में सजा काट रहा है। वहीं यादवीर कि शादी पक्की होने वाली थी।

तो कैसे चलेगी परिवार की रोजी रोटी
लालजी के परिवार में उनके तीन बेटे गुड्डू, जिलाजीत व यादवीर कमाने वाले थे। जिलाजीत एक मुकदमे में जेल में बंद है। घर के मुखिया समेत दोनों बेटों की मौत से पूरा परिवार गमगीन है। बहू सरिता व सास प्रभावती का सुहाग उजड़ चुका है। दोनों बदहवास हैं। रिश्तेदारों ने चिंता जताई कि आखिरकार परिवार की रोजी-रोटी कैसे चलेगी। अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। मझला बेटा जिलाजीत जेल में है। पता नहीं उसे कब जमानत मिलेगी। बच्चे अभी छोटे हैं।

किरायेदारी के विवाद में पिता और दो बेटों की हथौड़े व रॉड से सिर कूचकर हत्या
सिरकोनी के कचर्गाव अंडरपास के पास रविवार की रात किरायेदारी के विवाद में पिता और उसके दो पुत्रों की हथौड़े व रॉड से सिर कूंच कर हत्या कर दी गई। घटना से गुस्साए परिजनों और रिश्तेदारों ने हंगामा कर हाईवे जाम करने की तीन बार कोशिश की, मगर पुलिस अधिकारियों ने समझाकर शांत करा दिया।

पुलिस ने घटनास्थल से हथौड़ा और रॉड बरामद किए हैं। वहीं, बड़े बेटे को पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पलटू राम नागर, उनके बेटे गोलू, दामाद नागमणि और अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। सुबह करीब 11 बजे एडीजी वाराणसी पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण ने घटनास्थल का जायजा लिया।

एसपी डॉ. कौस्तुभ कुमार ने बताया कि आरोपी पलटू राम और नागमणि को गिरफ्तार कर लिया गया है। गोलू पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। मामले में लापरवाही बरतने पर जफराबाद थानाध्यक्ष जयप्रकाश यादव, हल्का प्रभारी धनुषधारी पांडेय और सिपाही रामनरेश को निलंबित किया गया है।

इमलो क्षेत्र के गांव महमदपुर कांध निवासी लालजी (55) का नेवादा अंडरपास के पास लालजी भइया इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल्स के नाम से कारखाना है। यहां पर वह वेल्डिंग और जेसीबी की मरम्मत का काम करते थे। दोनों बेटे गुड्डू (33) और यादवीर (25) भी काम में सहयोग करते थे। कारखाने में जल निगम के पाइपों पर चूड़ी पेरने का भी काम होता है।

 

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