Russia-Ukraine War: कैसे यूक्रेनी ड्रोन्स ने रूस में घुसकर मचाई तबाही, क्या है ऑपरेशन स्पाइडर वेब?

Russia-Ukraine War
Russia-Ukraine War
Russia-Ukraine War

यूक्रेन ने भीषण ड्रोन हमले में रूस के 40 से ज्यादा सैन्य विमानों को तबाह कर दिया। यूक्रेन की ओर से पहली बार रूस पर अब तक का सबसे लंबी दूरी का हमला किया। यूक्रेन ने अपने इस अभियान को ऑपरेशन स्पाइडर वेब नाम दिया है।

यूक्रेन ने रविवार को रूस में अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। यूक्रेन के ड्रोन ने रूस के अंदर घुसकर बड़ी तबाही मचाई और उसके पांच एयरबेस को निशाना बनाया। यूक्रेन ने अपने इस गुप्त अभियान को ऑपरेशन स्पाइडर वेब नाम दिया है। करीब डेढ़ साल की लंबी योजना के बाद यूक्रेन के हमले में रूस के 41 विमानों को निशाना बनाया गया। इसमें टीयू-95 और टीयू-22 रणनीतिक बमवर्षक और ए-50 रडार डिटेक्शन और कमांड विमान शामिल थे। अब तक इन विमानों के जरिये ही रूस ने यूक्रेन पर हमले किए हैं

डेढ़ साल से चल रही थी ऑपरेशन स्पाइडर वेब की तैयारी
यूक्रेन डेढ़ साल से ऑपरेशन स्पाइडर वेब की तैयारी कर रहा था। ड्रोन को कैसे और कब लॉन्च करना है, बाकायदा इसकी पूरी योजना बनाई गई। यूक्रेन के ड्रोन रूस की सीमा के अंदर चार हजार किमी तक कैसे पहुंचें, इसका भी पूरा खाका तैयार किया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि डेढ़ साल से ज्यादा की योजना के बाद ऑपरेशन स्पाइडर वेब शुरू किया गया। हमने बड़े पैमाने पर किए इस हमले में 117 ड्रोन तैनात किए। इन ड्रोन ने लक्षित हवाई क्षेत्रों में क्रूज मिसाइल वाहकों के 34 प्रतिशत हिस्से को निशाना बनाया।

ट्रक में छिपाकर रूस की सीमा ले जाए गए ड्रोन
रूस के हमलों का यूक्रेन ने पहले भी ड्रोन से जवाब दिया है। इस बार भी यूक्रेन ने ड्रोन का इस्तेमाल करके रूस को नुकसान पहुंचाया। यूक्रेन सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने बताया कि ऑपरेशन स्पाइडर वेब के लिए ड्रोन को पहले तस्करी के जरिये ट्रक में छिपाकर रूस की सीमा के अंदर पहुंचाया गया। इन ड्रोन को ट्रकों में लकड़ी के केबिन की छत के नीचे छिपाया गया था। हमले के वक्त ट्रक की छत को खोला गया और ड्रोन ने हमले शुरू कर दिए। एसयूबी की ओर से जारी की गई तस्वीरों में परिवहन कंटेनरो में काले छोटे ड्रोन छिपे नजर आ रहे हैं।

कहां-कहां मचाई ड्रोन ने तबाही
यूक्रेन ने ड्रोन ने रूस में पांच एयरबेस पर तबाही मचाई। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन ने एफपीवी ड्रोन से मरमंस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाजान और अमूर क्षेत्रों में उसके पांच सैन्य हवाई अड्डों पर हमला किया। हमलों में उसके कई विमानों में आग लग गई। मरमंस्क और इरकुत्स्क क्षेत्रों में सैन्य हवाई अड्डों के नजदीकी इलाकों से एफपीवी ड्रोन लॉन्च होने से कई विमानों में आग लग गई। आग बुझा दी गई। रूस के रक्षा मंत्रालय ने माना कि ड्रोन यूक्रेन से नहीं बल्कि एयरबेस के आसपास से ही लॉन्च किए गए। यूक्रेन की सीमा से करीब चार हजार किमी दूर इरकुत्स्क ओब्लास्ट में बेलाया एयरबेस और उत्तर में दो हजार किमी दूर मरमंस्क ओब्लास्ट में ओलेन्या एयरबेस पर हमला किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इन दोनों एयरबेस पर रूसी विमान जलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

रूस को सात अरब डॉलर का नुकसान
यूक्रेन ने अपने ड्रोन हमले से रूस को करारा झटका दिया है। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा का दावा है कि हमलों के बाद रूस के सैन्य विमानो को करीब सात अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा है। एसबीयू ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सात बिलियन डॉलर: यह दुश्मन के रणनीतिक विमानन की अनुमानित लागत है, जिसे विशेष अभियान से नुकसान पहुंचाया गया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *