
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। आज सुबह से राहत-बचाव कार्य जारी है।
राहत और बचाव कार्य के लिए सेना के विमान पहुंचे देहरादून
धराली, उत्तरकाशी में आई प्राकृतिक आपदा के लिए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। देहरादून एयरपोर्ट पर सेना के विमानों और हेलिकॉप्टर ने आवाजाही शुरू कर दी है। वहीं राहत और बचाव कार्य भी शुरू किया गया है। कल पूरे दिन भर और रात में भी मौसम खराब रहा। सुबह भी काफी तेज बारिश हुई। एयरपोर्ट मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटों के दौरान 175.2 मिमी बारिश दर्ज की है। दोपहर करीब 12:00 के आसपास तक मौसम साफ होने पर देहरादून एयरपोर्ट पर सेना के तीन विमान और तीन हेलिकॉप्टर देहरादून पहुंचे। इन हेलिकॉप्टरों में चिनूक भी शामिल है। सेना के विमान और हेलिकॉप्टर एयरपोर्ट पर फ्लाइट मूवमेंट के हिसाब से उड़ान भर रहे हैं।
अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
उत्तरकाशी में नदी के बढ़ते जल स्तर ने चिंता बढ़ाई हुई है। आस-पास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। धराली उत्तरकाशी में सभी सरकारी एजेंसियां, विभाग और सेना आपसी समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। बीती रात 130 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है। बंद रास्तों को खोला जा रहा है और प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सेना के लगभग 11 जवान भी लापता
एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहेदी ने बताया, जानकारी के अनुसार, चार लोगों की मौत हो गई है और 50 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। हर्षिल और सुखी टॉप में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आने की भी खबर है। हर्षिल में सेना के लगभग 11 जवान लापता बताए जा रहे हैं। सुखी टॉप में कोई हताहत नहीं हुआ है। ऋषिकेश-उत्तरकाशी हाईवे प्रभावित है, इसलिए आवाजाही बहुत धीमी है। कई जगहों पर सड़क जाम होने के कारण टीमों को मौके पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए हमारी टीमें देहरादून में तैयार हैं।
भटवाड़ी में उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पूरी तरह बह गया
बादल फटने और कई जगहों पर भूस्खलन के कारण भटवाड़ी में उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पूरी तरह बह गया है। उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पर सड़क साफ़ करने का काम अभी चल रहा है।
गंगोत्री हाईवे बना रेस्क्यू में बाधा
आर्मी, आईटीबीपी के जवान में रेस्क्यू में जुटे हैं। लेकिन गंगोत्री हाईवे रेस्क्यू में बाधा बना हुआ है।
एक युवक का शव बरामद
हर्षिल में राहत कार्यों को तेज़ करने के लिए और भी सेना की टीमें, खोजी कुत्ते, ड्रोन, और खुदाई करने वाली मशीनें भेजी गई हैं। इस दौरान धराली में एक 32 वर्षीय युवक का शव मलबे से बरामद हुआ है। मरने वालों की संख्या चार हो गई है।
फंसे दो सौ लोगों को निकालने में जुटे जवान
आईटीबीपी और आर्मी के जवान धराली में बीच गांव में फंसे ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए वहां करीब 25 फीट ऊंचे मलबे में रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अस्थाई पुलिया बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गांव में करीब 200 लोग भी फंसे है।
‘सड़कें और एक पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल’
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों सहित हमारी सभी एजेंसियां बचाव कार्य कर रही हैं। कल 130 लोगों को बचाया गया। तलाशी और बचाव अभियान जारी है। सड़कें और एक पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। देहरादून में आपदा संचालन स्टेशन हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए 24 घंटे काम कर रहा है। हम सभी को सुरक्षित बचाने के प्रयास कर रहे हैं। मैं हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं। पीएम मोदी ने आज भी बचाव अभियान का विवरण लिया…”
भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर भी तैयार: धामी
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 10 डीएसपी, 3 एसपी और लगभग 160 पुलिस अधिकारी बचाव अभियान में लगे हुए हैं… भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर भी तैयार हैं। जैसे ही मौसम में सुधार होगा, हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा। खाने के पैकेट और डॉक्टरों की एक टीम तैयार कर ली गई है। बिजली बहाल करने का काम भी चल रहा है। धराली में अभी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। हम लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी को सुरक्षित बचाने के प्रयास कर रहे हैं…”
बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
