
मुरादाबाद के पेंटर योगेश हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी मनोज ने बताया कि योगेश के शराब के पैग में 6-7 नींद की गोलियां डाल दीं जिससे योगेश नशे में हो गया था। इसके बाद आरोपी मनोज और मंजीत योगेश की हत्या कर दी।
मुरादाबाद में पेंटर योगेश की हत्या करने वाले आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पूछताछ में हत्या के आरोपी मंजीत ने पुलिस को बताया है कि वह 17 सितंबर की सुबह से हत्याकांड को अंजाम देने की फिराक में थे। उसी दिन शाम को वह पाकबड़ा में कैलसा रोड पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें स्वाति के गांव गुरैठा का रहने वाला योगेश दिखाई दिया।
मनोज ने साइकिल से जा रहे योगेश को रोक लिया और उससे पूछताछ की तब योगेश ने बताया कि एक व्यक्ति पर उसके 1000 रुपये मजदूरी का बकाया है। उसे लेने जा रहा हूं। इसके बाद मनोज और उसका रिश्तेदार मंजीत योगेश के पीछे लग गए थे। वह अपने रुपये का तगादा करने के बाद वापस जाने लगा। इसके बाद मनोज ने योगेश को शराब पिलाने का झांसा देकर रोक लिया था।
मनोज ने योगेश की साइकिल पेट्रोल पंप के बगल में खड़ी करा दी थी। तीनों मंगूपुरा स्थित देसी शराब की दुकान पर पहुंच गए। यहां से शराब खरीदने के बाद हर्बल पार्क जाने वाले रास्ते पर खड़े हो गए। इसके बाद तीनों शराब पीने लगे।
इसी दौरान मनोज ने योगेश के शराब के पैग में 6-7 नींद की गोलियां डाल दीं जिससे योगेश नशे में हो गया था। इसके बाद आरोपी मनोज और मंजीत योगेश को बाइक पर बैठाकर जीरो प्वाइंट पुल के नीचे से बागड़पुर से होते हुए मौढा तैय्या के कब्रिस्तान के पास ले गए।
मनोज ने यहां योगेश को जमीन पर गिरा दिया और उसके ऊपर बैठ गया। योगेश के हाथ दबा लिए और मंजीत ने ईंट से उसके सिर पर हमला किया। इसके बाद मनोज ने भी योगेश के सिर पर हमला किया और उसकी पीट पीटकर हत्या कर दी।
प्रेम संबंध की जानकारी होने पर गौरव ने की थी मनोज की पिटाई
मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने की पुलिस और एसओजी पेंटर हत्याकांड की जांच पड़ताल में जुटी थी। पुलिस ने योगेश और शोभाराम के परिवारों के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने भी जांच की थी कि दोनों परिवारों की किसी से रंजिश तो नहीं है। इसी बीच पता चला कि शोभाराम के घर के पास ही मनोज ने सैलून खोला था। स्वाति के पिता की परचून की दुकान है। मनोज शोभाराम की दुकान से ब्लेड व अन्य सामान खरीदने जाता था।
इसी दौरान मनोज और स्वाति के बीच प्रेम संबंध हो गए थे। स्वाति के भाई गौरव को इसकी जानकारी हुई तो उसने मनोज की पिटाई कर दी थी। इसके बाद मनोज सैलून बंद करने के बाद कहीं दूसरी जगह दुकान खोल ली थी। पुलिस ने इस एंगल पर जांच आगे बढ़ाई तो कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई और असली आरोपी पकड़ में आ गए। सही खुलासा होने से शोभाराम और उसके बेटे जेल जाने से बच गए।
18 सितंबर की सुबह मिली थी पेंटर की लाश
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि 18 सितंबर की सुबह पाकबड़ा के मौढ़ा तैय्या के पास कब्रिस्तान में एक युवक का शव मिला था। उसकी पहचान गुरैठा निवासी 21 वर्षीय पेंटर योगेश के रूप में हुई थी। इस मामले में योगेश के भाई उमेश ने गांव में रहने वाले शोभाराम, उसके बेटे गौरव और कपिल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल की तो सामने आया है कि हत्याकांड में गौरव, कपिल शामिल नहीं थे बल्कि इनकी बहन स्वाति शामिल थी। जांच में पता चला कि बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना इलाके के खेड़ादास निवासी मनोज पाकबड़ा में सौनियों वाला बड़ा मंदिर में किराये पर रहता था, जो गुरैठा गांव में सैलून चलाता था।
मनोज और स्वाति के बीच प्रेम संबंध थे लेकिन परिवार के लोगों को इसकी भनक लग गई थी। क्राइम पेट्रोल देखने के बाद मनोज ने स्वाति को बताया कि किसी व्यक्ति की हत्या करने के बाद तुम्हारे पिता-भाइयों को जेल भिजवा देंगे। इस पर स्वाति राजी हो गई थी।
रविवार की रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मनोज और उसके ममेरे भाई डिलारी के तेलीपुरा निवासी मंजीत को गिरफ्तार किया। इस दौरान मनोज के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने स्वाति को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी युवती ने पूछताछ में कबूला है कि वह खाने में नींद की गोलियां मिलाकर परिवार को सुला देती थी।
इसके बाद वह मनोज को अपने घर बुलाकर उससे बातचीत करती थी। कुछ दिन से परिवार के लोगों को शक होने लगा था। जिस कारण मनोज और स्वाति की बात नहीं हो पा रही थी। उन्होंने योगेश की हत्या करने के बाद उसके ही फोन से पुलिस को कॉल की थी ताकि स्वाति के पिता और भाई जेल चले जाएं। इसके बाद उनका मिलना जुलना शुरू हो जाएगा।
यह था मामला
मुरादाबाद के पाकबड़ा में मुठभेड़ में पुलिस ने पेंटर योगेश हत्याकांड के आरोपी मनोज और उसके रिश्तेदार मंजीत को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पैर में गोली लगी है। पूछताछ में पता चला कि मनोज की प्रेमिका स्वाति ने अपने ही परिवार वालों को हत्या के केस में फंसाने के लिए यह साजिश रची थी। इस साजिश की भेंट बेगुनाह योगेश चढ़ गया। इंटर तक पढ़ी स्वाति ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर हत्या की यह पटकथा तैयार की थी लेकिन प्रेमी की गिरफ्तारी के बाद अपने बिछाए हुए जाल में खुद फंस गई। थाना इलाके के गुरेठा गांव निवासी पेंटर योगेश का शव 18 सितंबर की सुबह गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर मौढ़ा तैय्या स्थित कब्रिस्तान के पास मिला था। योगेश के भाई उमेश ने गांव के ही शोभाराम और उसके बेटे गौरव व कपिल पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
