
एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या के मामले में रोहतक के एसपी पर गिर गाज सकती है। डीजीपी को छुट्टी पर भेजा जा सकता है, इसके लिए मंथन चल रहा है। एडीजीपी की पत्नी अमनीत पी कुमार से मिलने के बाद सीएम ने डीजीपी को तलब किया। मुख्यमंत्री ने मंत्री और अफसरों के साथ सरकार के कदम पर चर्चा की।
चंडीगढ़ में वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मामले की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई देने लगी है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को हटाने के लिए राजी हो गई है, मगर वाई पूरण कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर अड़ी हैं। अब राज्य सरकार बीच का रास्ता निकालने के लिए मंथन में जुट गई है। मुख्यमंत्री इस बारे में आलाकमान से भी रायशुमारी कर रहे हैं।
जापान दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सीधे अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पहुंचे। सीएम ने एडीजीपी और आईएएस अधिकारी वाई पूरण कुमार को श्रद्धांजलि दी और उनकी पत्नी अमनीत को ढांढस बंधाया।
इस दौरान अमनीत ने कहा कि उनके पति को इतना प्रताड़ित किया गया कि उनके सामने सुसाइड के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। उन्हें घुट-घुटकर मरने के लिए मजबूर किया गया। जिन्होंने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अमनीत कुमार से मिलने के बाद सीएम सीधे अपने निवास पर पहुंचे और डीजीपी शत्रुजीत कपूर को तलब कर लिया। इस दौरान बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सीआईडी चीफ सौरभ सिंह और हरियाणा के एडवोकेट जनरल प्रविंद्र सिंह चौहान भी मौजूद थे।
बैठक में डीजीपी व रोहतक के एसपी के खिलाफ दी गई शिकायत, पुरण कुमार ने सुसाइड नोट में जिन अफसरों के नाम लिखे हैं उन पर क्या कार्रवाई हो सकती है और हरियाणा सरकार इस मामले में क्या कदम उठा सकती जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
सरकार डीजीपी और रोहतक के एसपी को हटाने के लिए तैयार
बाद में अमनीत कुमार को संदेश भिजवाया गया कि सरकार डीजीपी और रोहतक के एसपी को हटाने के लिए तैयार है। मगर अमनीत पी कुमार इस पर मानने को तैयार नहीं हुई। ऐसे में सरकार अब बड़ा फैसला ले सकती है। रोहतक एसपी पर कार्रवाई के साथ डीजीपी को छुट्टी पर भेजा जा सकता है।
मोबाइल से खुल सकते हैं राज
पुलिस ने मृतक के दो मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने आत्महत्या से पहले किनसे बात की थी। मृतक के दोनों मोबाइल लॉक हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि आत्महत्या से पहले कहीं उन्होंने किसी को सुसाइड नोट तो नहीं भेजे। या फिर जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं, उन्हें तो कोई मैसेज या कॉल तो नहीं की। इन सभी बिंदुओं पर चंडीगढ़ पुलिस जांच कर रही है।
रोहतक में गनमैन पर दर्ज एफआईआर की चंडीगढ़ पुलिस कर सकती है जांच
चंडीगढ़ पुलिस रोहतक में गनमैन सुशील पर दर्ज एफआईआर को लेकर भी जांच कर रही है है कि कहीं इस मामले ने एडीजीपी को यह कदम उठाने के लिए मजबूर तो नहीं किया। इस एफआईआर को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि अगर शराब ठेकेदार से वसूली के मामले में गनमैन सुशील ने एडीजीपी का नाम लिया था तो क्या एडीजीपी को नोटिस दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि मृतक का परिवार जल्द रोहतक में दर्ज एफआईआर की सीबीआई जांच की मांग कर सकता है। बड़ा सवाल यह भी है कि अगर एडीजीपी का नाम सामने आया था तो रोहतक पुलिस ने पूछताछ के लिए गनमैन का रिमांड क्यों नहीं किया। रोहतक के एसपी ने एडीजीपी की आत्महत्या के बाद जो बयान जारी किया था, वो पहले क्यों नहीं किया।
आरोपी पुलिसकर्मी की 21 अक्तूबर को होगी पेशी
आरोपी पुलिसकर्मी सुशील को ड्यूटी मजिस्ट्रेट रवलीन कौर की अदालत में पेश किया गया। यहां से फाइल सीजेएम कोर्ट भेज दी गई है। अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद पुलिसकर्मी सुशील को 21 अक्तूबर को सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पीजीआई में होगा पोस्टमार्टम, बेटी अमेरिका से लौटी
एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब पुलिस मृतक के परिजनों की मांग पर पीजीआई के डॉक्टरों के बोर्ड के नेतृत्व में करवाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक अधिकारी की पत्नी आईएएस ने पुलिस से आग्रह किया था कि पोस्टमार्टम पीजीआई के विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से कराया जाए।
पुलिस ने इस मांग को स्वीकार करते हुए पीजीआई प्रशासन से संपर्क कर प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों की सहमति मिलने के बाद शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम पीजीआई में कराया जाएगा। इससे पहले पोस्टमार्टम सेक्टर-32 अस्पताल में करवाया जाना तय था।
शव सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। इस बीच मृतक की बड़ी बेटी अमेरिका से चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। वह कैलिफोर्निया में पढ़ाई कर रही है। दूसरी बेटी जो अभी नाबालिग है, वह चंडीगढ़ में 12वीं कक्षा में पढ़ती है।
शोक जताने पहुंचे नेता व अधिकारी
अमनीत पी कुमार के आवास पर वीरवार को शोक जताने के लिए पहुंचने वालों का तांता लगा रहा। कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार व विपुल गोयल, अंबाला से सांसद वरुण मुलाना, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी सुरेश, सीआईडी चीफ सौरभ सिंह सहित अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, विधायक विनोद भ्याना और पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा सहित पंजाब के कई विधायक व नेता भी पहुंचे थे।
