
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित, सशक्त और स्वास्थ्य-समृद्ध राज्य बनाने के उद्देश्य से “विकसित उत्तर प्रदेश @2047 – स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा रोडमैप” पर परामर्श सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, मेडिकल शिक्षा के विस्तार, और सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम में एसीएस हेल्थ श्री अमित घोष ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग संस्थानों के व्यापक विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
सचिव स्वास्थ्य श्रीमती ऋतु महेश्वरी ने ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच बढ़ाने और अस्पतालों को आधुनिक तकनीक से लैस करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के संदर्भ में राज्य नोडल अधिकारी (ABDM) डॉ. मोहित सिंह ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड, हेल्थ-आईडी और एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएँ भविष्य की आवश्यकताएँ हैं, जिन्हें तेजी से लागू किया जा रहा है।
सत्र में विशेषज्ञों, चिकित्सकों और विभिन्न हितधारकों से सुझाव लिए गए। सरकार आगामी महीनों में इन सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा सुधारों का नीति-खाका तैयार करेगी। सम्मेलन का उद्देश्य 2047 तक उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
