कैसे हुई ड्राइवर-कंडेक्टर की मौत: केबिन में मिली लाशें, पास में थीं बोतलें; ठंड में शराब की जगह मेथनॉल पी गए?

Uttar Pradesh
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फरीदपुर इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों ने खाने के दौरान मेथनॉल नशीला पदार्थ लिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। जांच में पता चला कि दिल्ली के प्रेम नगर निवासी चालक पुष्पेंद्र व अंबेडकर नगर निवासी कंडक्टर सुरेंद्र असम से मेथनॉल भरकर कैंटर उत्तराखंड के रुद्रपुर ले जा रहे थे।

बरेली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर फरीदपुर टोल प्लाजा के पास गुरुवार देर रात एक टैंकर के केबिन में चालक और कंडक्टर अचेत अवस्था में मिले। सूचना पर आई पुलिस ने दोनों को केविन से निकाल कर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृतक घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों के शवों का पंचनामाभर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

केबिन में खाना और बोतलें मिलीं
पुलिस, फॉरेंसिक, सर्विलेंस टीम की जांच पड़ताल में पता चला कि कैंटर के केबिन में खाना और कुछ बोतलें मिलीं। जिसमें मेथनॉल व अन्य नशीले पदार्थ की ओवरडोज लेने से मौत की संभावना बताई जा रही है।

असम से रुद्रपुर लेकर जा रहे थे टैंकर
दिल्ली के प्रेम नगर निवासी चालक पुष्पेंद्र व अंबेडकर नगर निवासी कंडक्टर सुरेंद्र असम से मेथनॉल भरकर कैंटर उत्तराखंड के रुद्रपुर ले जा रहे थे। फरीदपुर में टोल प्लाजा के पास गुरुवार को रुककर उन्होंने कैंटर की केबिन के अंदर खाना बनाया।

कैंटर से मेंथनॉल निकालकर दोनों ने पी लिया
पुलिस के अनुसार खाना के दौरान उन्होंने कैंटर से मेथनॉल निकालकर और अन्य किसी नशीले पदार्थ के साथ मिलाकर पी लिया। इसके बाद वह केबिन के अंदर ही सो गए। कोहरे में रोड पर खड़े वाहनों को पुलिस हटवा रही थी। इसी दौरान कैंटर को हटाने के लिए आवाज दी। किसी के ना आने से पुलिस ने केविन के अंदर देखा तो दोनों वेसुध अवस्था में पड़े थे।

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