
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए नए मसौदा नियम पेश किए हैं। इन नियमों के तहत जबरन बंडलिंग, डार्क पैटर्न और असहमति के बावजूद उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही, बैंक अब केवल सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही सेल्स कॉल कर सकेंगे। यदि किसी ग्राहक के साथ गलत बिक्री का मामला साबित होता है, तो उसे पूरा रिफंड और मुआवजा देने का प्रावधान होगा। ये नियम 1 जुलाई से लागू किए जाएंगे, जिससे ग्राहकों को बेहतर पारदर्शिता और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।
ग्राहकों को लोन के साथ अनिवार्य रूप से बीमा या म्यूचुअल फंड बेचने की प्रथा पर अब रोक लगेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को गलत तरीके से उत्पाद बेचने (मिस-सेलिंग) की समस्या को रोकने के उद्देश्य से नए नियमों का मसौदा जारी किया है। इन नियमों में डार्क पैटर्न, जबरन बंडलिंग और बिना ग्राहक की स्पष्ट सहमति के किसी भी उत्पाद की बिक्री पर कड़ी रोक लगाई गई है। ये नियम सभी नियामक संस्थाओं पर लागू होंगे, जिनमें वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, लोकल एरिया बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंक, वित्तीय संस्थान, एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां शामिल हैं। RBI ने इस मसौदे पर 4 मार्च तक सुझाव प्राप्त करने की समय सीमा तय की है। सुझावों का अध्ययन करने के बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे। ये नियम 1 जुलाई से प्रभावी होंगे, जिसके बाद वित्तीय उत्पादों की बिक्री की प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिलेगा।
जुलाई से होंगे बड़े बदलाव
1. जबरन बंडलिंग पर रोक: बैंक अब किसी लोन के साथ बीमा, म्यूचुअल फंड या अन्य थर्ड-पार्टी उत्पादों को जबरदस्ती बेचने की अनुमति नहीं देंगे।
2. प्रत्येक प्रोडक्ट के लिए अलग सहमति: यदि ग्राहक को एक से अधिक उत्पाद बेचे जा रहे हैं, तो प्रत्येक उत्पाद के लिए अलग-अलग अनुमति अनिवार्य होगी। एक बार में सभी के लिए कंसेंट लेना मान्य नहीं होगा।
3. स्पष्ट जानकारी का प्रावधान: सभी प्रमोशनल सामग्री स्पष्ट, सटीक और तथ्यात्मक होनी चाहिए। शुल्क और अन्य चार्ज से जुड़ी हर जानकारी पहले से उपलब्ध करानी होगी।
4. 30 दिनों में फीडबैक अनिवार्य: प्रत्येक बिक्री के बाद, बैंक और वित्तीय संस्थानों को 30 दिनों के भीतर ग्राहक की प्रतिक्रिया लेना आवश्यक होगा।
5. डार्क पैटर्न पर प्रतिबंध: एप्स और वेबसाइट्स पर पहले से टिक किए गए बॉक्स या ऐसे भ्रामक डिज़ाइन का उपयोग करना वर्जित रहेगा जो ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं।
6. समय सीमा में सेल्स कॉल: बैंक कर्मचारी या सेल्स एजेंट केवल सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही, वह भी ग्राहक की सहमति से, कॉल या विजिट कर सकेंगे।
गलत बिक्री पर रिफंड और मुआवजा
यदि यह प्रमाणित होता है कि किसी ग्राहक को गलत सूचना देकर या उसकी सहमति के बिना कोई उत्पाद बेचा गया है, तो संबंधित संस्था को न केवल पूरा पैसा लौटाना होगा, बल्कि अतिरिक्त मुआवजे का भी प्रावधान करना होगा। RBI ने देखा है कि थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स, एजेंटों की प्रक्रियाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न के माध्यम से मिस-सेलिंग की शिकायतों में लगातार वृद्धि हो रही है।
