
भारतीय पासपोर्ट फरवरी 2026 में हेनली इंडेक्स में 75वें स्थान पर पहुंच गया है, जो कि बीते साल के 85वें स्थान की तुलना में 10 स्थान की वृद्धि है। यह रैंकिंग बिना वीजा यात्रा की उपलब्धता पर आधारित होती है, और अब भारतीय नागरिक 56 देशों की वीजा-मुक्त यात्रा का लाभ उठा सकते हैं। सिंगापुर अभी भी दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट बना हुआ है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं।
पिछले एक दशक में भारत की पासपोर्ट रैंकिंग में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। फरवरी 2026 की नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि, यह स्थान भारत के लिए अब तक का सबसे ऊंचा नहीं है, जो संकेत देता है कि देश अभी भी शीर्ष रैंक वाले देशों से काफी दूर है। अगर ऐतिहासिक रूप से देखें तो भारत अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति 2006 में हासिल कर चुका था जब वह 71वें स्थान पर था। इसके बाद रैंकिंग में गिरावट आई और पिछले साल भारत का पासपोर्ट 85वें स्थान पर रहा। फिर 2026 की शुरुआत में इसे 80वां स्थान मिला और फरवरी में आई नई रिपोर्ट ने इसे 75वें स्थान पर रखा। इस तरह, इस साल भारतीय पासपोर्ट ने अब तक कुल 10 स्थान की प्रगति दर्ज की है।
10 पायदान ऊपर पहुंचा भारत
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स, आईएटीए के आंकड़ों का उपयोग करते हुए विभिन्न पासपोर्टों की रैंकिंग उनकी यात्रा स्वतंत्रता के आधार पर करता है। नवीनतम हेनली इंडेक्स में भारतीय पासपोर्ट ने 75वां स्थान हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 स्थानों का सुधार दर्शाता है। पहले यह 85वें स्थान पर था, फिर 80वें और अब 75वें स्थान तक पहुंचकर भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कैसे तय होती है रैंकिग?
हेनली इंडेक्स की यह रैंकिंग इस बात पर आधारित होती है कि किसी देश के नागरिक कितने देशों में बिना वीजा, वीजा-ऑन-अराइवल या ई-वीजा के माध्यम से आसानी से यात्रा कर सकते हैं। वर्तमान में भारतीय नागरिक 56 देशों में बिना वीजा के यात्रा करने में सक्षम हैं। इस बेहतर रैंकिंग के साथ भारतीय पासपोर्ट धारकों को यात्रा करने की अधिक स्वतंत्रता प्राप्त हुई है, जिससे छुट्टियां, व्यापारिक यात्राएं और सांस्कृतिक भ्रमण पहले से ज्यादा सरल और सुविधाजनक हो गए हैं। भारतीय नागरिक एशिया, कैरेबियन, अफ्रीका और ओशिनिया जैसे क्षेत्रों के कई देशों में बिना वीजा के प्रवेश पा सकते हैं।
किस देश का है पहला स्थान
करीब 200 देशों के पासपोर्ट का मूल्यांकन करने वाले इस इंडेक्स में सिंगापुर एक बार फिर दुनिया का सबसे प्रभावशाली पासपोर्ट साबित हुआ है। सिंगापुर के नागरिक 190 से अधिक देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा के साथ आसानी से यात्रा कर सकते हैं।
दूसरे स्थान पर जापान और दक्षिण कोरिया आते हैं। इन दोनों देशों के नागरिकों को 187 देशों में वीजा की आवश्यकता नहीं होती, जिससे वे भी शीर्ष रैंकिंग वाले देशों में शामिल हैं।
तीसरे स्थान पर स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) हैं। इन दोनों के पासपोर्ट धारकों को 186 देशों में बिना वीजा यात्रा करने का मौका मिलता है।
चौथे स्थान पर बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्ज़मबर्ग, स्पेन, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड और नॉर्वे शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों को 185 देशों में बिना पूर्व वीजा यात्रा की सुविधा प्राप्त है।
पांचवे स्थान पर ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा और पुर्तगाल आते हैं। इन देशों के पासपोर्ट धारक 184 देशों में वीजा के बिना यात्रा कर सकते हैं।
छठे से दसवें स्थान तक न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश हैं। इन सभी के पासपोर्ट धारकों को 179 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की सहूलियत मिलती है।
