
मेरठ के मवाना निवासी आकिब खान के आतंकी कनेक्शन की जांच तेज हो गई है। दुबई में बैठे आकिब का पासपोर्ट निरस्त कराने और उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि वेस्ट यूपी के कई युवक जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
मेरठ के मवाना क्षेत्र के सठला गांव निवासी संदिग्ध आतंकी आकिब खान के खिलाफ जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दुबई में बैठे आकिब को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका है और अब उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जा रही है।
एटीएस जल्द ही पासपोर्ट कार्यालय को पत्र भेजकर आकिब का पासपोर्ट निरस्त कराने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि आकिब के तार पाकिस्तान के हैंडलर्स से जुड़े हुए हैं और वह भारत में आतंकी साजिशों को अंजाम देने की योजना में शामिल था।
इंस्टाग्राम पर फिर दी धमकी
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच आकिब ने एक बार फिर इंस्टाग्राम पर आकर धमकी भरे संदेश दिए हैं। उसके कुछ साथियों ने भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान दिए हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।
चार संदिग्ध पहले ही गिरफ्तार
एटीएस ने दो अप्रैल को रेलवे स्टेशन के पास से मेरठ निवासी साकिब और अरबाब के साथ गौतमबुद्धनगर के लोकेश और विकास को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर देश में धमाकों की साजिश रच रहे थे।
एटीएस के अनुसार, साकिब को दुबई में बैठे आकिब खान ने ही पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क कराया था। आरोपियों के मोबाइल फोन से भी देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं।
वेस्ट यूपी के कई युवक रडार पर
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब एक दर्जन युवकों के बारे में इनपुट मिले हैं, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इन युवकों की गतिविधियों और संपर्कों की जांच की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की संभावना है।
रिमांड में उगले कई राज
गिरफ्तार आरोपियों की पांच दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर हुई थी। इस दौरान एटीएस ने उनसे लंबी पूछताछ की और मोबाइल में मिले संदिग्ध नंबरों की जांच की। पूछताछ में आरोपियों ने साजिश से जुड़े कई अहम राज उगले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच जारी है।
