
PM Modi To Inaugurate UP Longest Corrider : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण आज करेंगे। पीएम मोदी हरदोई में मल्लावां कट के पास श्यामपुर में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों से निकला है। एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच का सफर महज छह घंटे में पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
किसानों को बैनामा के एवज में 815 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान
भूमि अधिग्रहण के एवज में किसानों को करीब 815 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं तहसील सवायजपुर के 43, शाहाबाद के छह और बिलग्राम के 39 गांवों से होकर गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरेगा। हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे पर सवायजपुर में मुंडेर, बिलग्राम में जरौली शेरपुर और मल्लावां में श्यामपुर के पास कट दिए गए हैं। इससे गंगा एक्सप्रेसवे से आने और एक्सप्रेसवे पर जाने वाले लोगों को आसानी होगी। इन स्थानों पर ऑटोमेटेड टोल प्लाजा की भी स्थापना कराई गई है।
7,000 किसानों से अधिग्रहीत की गई है 1,140 हेक्टेयर भूमि
वैसे तो गंगा एक्सप्रेसवे के लिए हरदोई सहित 12 जिलों में भूमि ली गई है। इसमें हरदोई में 99.100 किलोमीटर लंबाई में गंगा एक्सप्रेसवे व इसकी अवस्थापना सुविधाओं की स्थापना के लिए करीब 1,233 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है। इसमें 1,140 हेक्टेयर भूमि करीब 7,000 किसानों से आपसी समझौता के आधार पर सर्किल रेट के चार गुणा भुगतान पर बैनामा कराई गई है। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे के दायरे में आने वाली सरकारी करीब 93 हेक्टेयर भूमि का प्रशासन ने पुनर्ग्रहण किया है।
जिले में 1233 हेक्टेयर भूमि पर बना है 99.100 किमी गंगा एक्सप्रेसवे
हरदोई जिले में 99.100 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेसवे बनवाए जाने के लिए करीब 1,233 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है। इसके एवज में 7,000 किसानों को 815 करोड़ रुपये सर्किल रेट का चार गुणा मूल्य का भुगतान किया गया है। अब लोकार्पण समारोह के लिए भी 144 हेक्टेयर भूमि अस्थाई तौर पर अधिग्रहीत की गई है। इसका भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
विधानसभा चुनाव से पहले हुआ था एक्सप्रेसवे का शिलान्यास
गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों की घोषणा से ऐन पहले हुआ था। तब शाहजहांपुर के रोजा रेल मैदान में 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था। तब आस पास के कई जनपदों, जिसमें हरदोई भी शामिल है, इसके गवाह बने थे।
मध्य उत्तर प्रदेश से पूरब और पश्चिम को आज साधेंगे प्रधानमंत्री
गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मध्य उत्तर प्रदेश से पूरब और पश्चिम को साधेंगे। दरअसल यह एक्सप्रेस-वे पूरब के प्रयागराज से पश्चिम के मेरठ को जोड़ता है। यह एक्सप्रेस-वे मध्य उत्तर प्रदेश के चार जिलों से भी निकला है। पिछले कुछ वर्ष से भले ही उत्तर प्रदेश में पूरब और पश्चिम की राजनीतिक लड़ाई सतह पर न रही हो, लेकिन अंदरखाने इसको लेकर चर्चा होती रहती है। कभी केंद्र तो कभी राज्य सरकार पर पश्चिम से ज्यादा महत्व पूरब को दिए जाने के आरोप लगते हैं, तो कभी यही आरोप पूरब की तरफ से भी लगते रहे हैं। अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। सूबे में पिछले दो चुनावों से लगातार भाजपा जीत रही है। स्वाभाविक रूप से सत्ता विरोधी लहर भी तैयार हो ही जाती है। इस सबके बीच समय समय पर हुए राजनीतिक घटनाक्रमों को सरकार ही नहीं भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी गंभीरता से लेता रहा है। अब गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण इन सभी राजनीतिक गड्ढों को पाटने का भी मुनासिब समय है। चूंकि यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज के बीच बना है, इसलिए इसके जरिए पूरब और पश्चिम का भेद मिटाने की कवायद भी हुई है। दोनों को एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार भरने का मौका मिला है। मध्य यूपी से इसका लोकार्पण हो रहा है, तो जाहिर सी बात है कि इसका असर मध्य यूपी के जिलों मेें भी पड़ेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर बनाए गए हैं कट
गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रधानमंत्री के आवागमन के लिए एक कट बनाया गया है। वीआईपी और सभास्थल पर आने-जाने वाले लोगों के लिए बनाए गए हैं। कन्नौज से आने वाले लोगों के लिए राघौपुर सड़क से सभास्थल के पहले 14 कट बनाए गए हैं। इसमें सात कट वाहनों के लिए रखे गए हैं। उन्नाव की तरफ से आने वाले लोगों के लिए एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से तीन कट और एक्सप्रेसवे से उतरने के लिए दो कट बनाए गए है। हरदोई की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे के दाहिनी ओर बनी सर्विस लेन पर 6 कट बनाए गए हैं और एक्सप्रेसवे से आने वालों के लिए लोगों के उतरने के लिए तीन कट बनाए गए हैं।
144 सीसी कैमरा करेंगे चप्पे-चप्पे की निगरानी
प्रधानमंत्री के सभास्थल से लेकर बाहर परिसर तक की गतिविधियों की निगरानी के लिए 144 सीसी कैमरा लगवाए गए हैं। लोकार्पण समारोह में आने-जाने वाले लोगों, सुरक्षा बंदोबस्त और सभास्थल में बैठे लोगों पर इन कैमरों की नजर रहेगी। वैसे तो सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसपीजी, पीएसी और पुलिस फोर्स लगाया गया है। वहीं सीसी कैमरों से भी कंट्रोल रूम में नजर रखी जाएगी।
मुख्य मंच के दोनों तरफ भी बनवाए गए मंच
लोकार्पण समारोह के सभास्थल पर एक मुख्य मंच प्रधानमंत्री के लिए होगा। इसी पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के साथ ही दोनों उप मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद, विधायक के बैठने के लिए भी कुर्सियां लगाई गईं हैं। वहीं मुख्य मंच के दोनों तरफ भी मंच बनवाए गए हैं। मंच के दाहिनी तरफ एक मंच पर जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के बैठने के लिए लिए वरिष्ठता क्रम से कुर्सियां लगवाई गई हैं। मंच के बांयी तरफ भी एक छोटा मंच बनाया गया है। इस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन होंगे। वहीं मंच से लेकर हेलीपैड, सभास्थल और प्रधानमंत्री के आवागमन, हरित वाटिका आदि को एसपीजी ने अपनी सुरक्षा में ले लिया है।
मुख्य अपडेट्स
समय: प्रधानमंत्री सुबह 11:20 बजे सीधे एक्सप्रेसवे पर बने हेलीपैड पर पहुंचेंगे।
जनसभा: लोकार्पण के बाद एक विशाल जनसभा होगी, जिसमें करीब दो लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है।
कनेक्टिविटी: मेरठ से प्रयागराज का सफर अब 12 घंटे के बजाय महज छह घंटे में पूरा होगा।
विस्तार: यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे की विशेषताओं पर एक नजर
गंगा एक्सप्रेसवे को हादसा रहित बनाए जाने के लिए अलर्ट स्ट्रिप्स बनाए गए हैं। यह वाहन चालक के झपकी आने पर स्ट्रिप्स पर वाहन के आते ही कंपन से चालक को नींद से जगाने का काम करेंगे।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेसवे पर नौ स्थानों पर रेस्ट एरिया को विकसित किया गया है। एक एरिया का क्षेत्रफल करीब पांच हेक्टेयर रखा गया है
गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को डीजल, पेट्रोल और सीएनजी पंप के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी चार्जिंग सेंटर की भी सुविधा उपलब्ध होगी।
झूला पार्क भी बनवाए गए हैं। परिवार सहित सफर के लिए निकले लोगों के बच्चों के लिए एक्सप्रेसवे पर ही झूला पार्क विकसित कराए गए हैं। इससे सफर के दौरान लोग बच्चों के साथ कुछ पल बिता सकेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे पर जिलों की पहचान के उत्पाद, भोजन और अन्य सामग्री भी उपलब्ध होगी। वहीं सफर करने वाले लोगों को गंगा भोग ढाबा के भोजन का स्वाद लेने का भी मौका मिलेगा।
17 स्थानों पर हाईटेक टोल प्लाजा बनवाए गए हैं। इससे वाहनों को कतार में नहीं लगना होगा, गति सीमा में ही वाहन के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम से टोल की कटौती होते ही बूम खुल जाया करेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पहला एक्सप्रेसवे होगा जिस पर ट्रक लेन भी बनवाई गई है।
सीसी कैमरों की निगरानी रहेगी। 120 किलोमीटर से अधिक गति सीमा होने पर वाहनों का आटोमैटिक चालान कट जाएगा।
एंबुलेंस की तैनाती के साथ ही ट्रॉमा सेंटर की भी स्थापना कराई गई है।
