
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की मंगलवार रात से ही तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। प्रतीक यादव घर में किचन में सुबह चार बजे अचेत पड़े मिले थे।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र, प्रतीक यादव के निधन से पहले के अंतिम घंटों को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। प्रतीक यादव की तबीयत मंगलवार देर रात से ही बिगड़ रही थी। उनकी तबीयत बिगड़ने के समय विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर घरेलू स्टाफ था। उनकी पत्नी अपर्णा यादव असम में शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने गई हुई थीं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात अपर्णा यादव को अपने पति की तबीयत खराब होने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद, वह लगातार फोन के माध्यम से उनकी स्थिति की जानकारी ले रही थीं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव ने रात में अपने नौकर से पानी मांगा था, जिसे उन्हें दिया गया था। इसके बाद घर में किचन में सुबह चार बजे अचेत पड़े थे। प्रतीक को बेहोश देख नौकर ने सिविल अस्पताल में फोन किया था। डॉक्टरों की टीम प्रतीक के घर गई थी। घर पर उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी।
फिर प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रतीक यादव के घर जब सिविल अस्पताल के डॉक्टर पहुंचे तो उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद प्रतीक को अस्पताल लाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें ब्रॉड डेड घोषित कर दिया।
प्रतीक का शरीर नीला पड़ गया था। ऐसे में मौत का कारण पता करने के लिए डॉक्टरों ने पुलिस को पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी। केजीएमयू में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदय गति रुकने और फेफड़ों में खून का थक्का जमने को मौत का कारण बताया गया।
पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों के पैनल ने जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया। विसरा को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां से जांच रिपोर्ट आएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतीक ने कोई संदिग्ध पदार्थ तो नहीं खाया था। बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने पर प्रतीक अपने कमरे से बाहर निकले थे। आशंका जताई जा रही है कि वह दवा खाने के लिए पानी लेने किचन की तरफ गए थे। इसी दौरान अचेत हो गए।
हालांकि, इस संबंध में प्रतीक के परिवार की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के छह निशान मिले। ये करीब सात से दस दिन पुराने बताए जा रहे हैं। इनमें से कोई भी चोट गंभीर नहीं थी।
पुलिस के अनुसार परिवार की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। प्रतीक यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष व भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे।
खून का थक्का बन जाने की थी समस्या, चल रहा था इलाज
सांस फूलने की समस्या पर प्रतीक 29 अप्रैल को गए थे मेदांता अस्पताल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई खून का थक्का बनने की समस्या
हृदय गति रुकने की वजह से जान गंवाने वाले प्रतीक यादव को हायपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के साथ ही खून का थक्का बनने की भी समस्या थी। मेदांता अस्पताल में इसका इलाज चल रहा था। 29 अप्रैल को सांस लेने में समस्या होने पर प्रतीक यादव अंतिम बार मेदांता अस्पताल पहुंचे थे।
मेदांता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और इंटरनल मेडिसिन विभाग की डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि 29 अप्रैल को जांच में थक्का बनने के साथ ही दिल संबंधी समस्या की पुष्टि भी हुई थी। खून का थक्का बनने की समस्या को डीप वेन थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है। यह थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए तो जानलेवा साबित हो सकती है।
बंद किया जिम पीछे छोड़ गए करोड़ों की संपत्ति
प्रतीक ने गोमतीनगर में एक बड़ा जिम खोला था। जैसे ही प्रतीक की मौत की खबर लोगों को हुई जिम में सन्नाटा पसर गया। जिम बंदकर कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए। प्रतीक पशु प्रेमी थे। वह पत्नी के साथ कान्हा उपवन में जानवरों की देखभाल करने भी जाते थे।
प्रतीक अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं। प्रतीक की दो बेटियां हैं। रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी प्रतीक ने बड़ा मुकाम हासिल किया था। वह फिटनेस को लेकर सजग रहते थे। अक्सर उनके वर्क आउट के वीडियो सोशल मीडिया पर देखने को मिलते थे।
दस वर्ष तक रिलेशनशिप के बाद 2011 में हुआ था प्रतीक और अपर्णा का विवाह
प्रतीक यादव (38) और अपर्णा यादव (37) दोनों का प्रेम विवाह 4 दिसंबर 2011 को हुआ था। शादी मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में एक बेहद भव्य समारोह के रूप में हुई थी। इससे पहले दोनों के बीच लगभग 10 साल तक रिलेशनशिप थी। दोनों की मुलाकात एक बर्थडे पार्टी में हुई थी।
इसके बाद ईमेल से बातचीत शुरू हुई थी। फिर दस साल बाद शादी के बंधन में बंध गए थे। इसमें कई नामी हस्तियों ने शिरकत की थी। वर्ष 2014 पहली बेटी प्रथमा यादव का जन्म हुआ था। प्रतीक और अपर्णा की दो बेटियां प्रथमा यादव और प्रतीक्षा यादव हैं। सोशल मीडिया पर वह अक्सर अपने पेट डॉग्स और दूसरे जानवरों के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते थे।
कुछ माह पहले सोशल मीडिया पर साझा किया था व्यक्तिगत तनाव
इस साल जनवरी में ही प्रतीक और अर्पणा के बीच मतभेदों से जुड़ी खबरें तब सामने आई थीं, जब प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट शेयर किए थे। इनमें उन्होंने अपनी निजी जिंदगी की समस्याओं के बारे में बात की थी। परिवार के सदस्यों के साथ उनके रिश्तों को खराब करने का आरोप भी लगाया। यह भी कहा था कि वह तलाक लेने पर विचार कर रहे हैं।
