
नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क से संसद तक जारी संग्राम बुधवार को और तेज हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एसीपी और सिपाही पर नुकीली चीज से हमला कर दिया। साथ ही पुलिस पर मिर्ची स्प्रे का भी इस्तेमाल किया गया।
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार देर रात अचानक हिंसक हो गया। दिनभर शांतिपूर्ण माहौल के बाद देर रात पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी भिड़ंत हुई। इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई पत्थरबाजी में दो सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और चार पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्होंने यह भी बताया कि कई असामाजिक तत्व प्रदर्शन स्थल पर घुस आए थे। जानकारी सामने आई है कि प्रदर्शनकारियों ने सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत पर नुकीली वस्तु से हमला किया।
दिल्ली पुलिस के एक मुख्य आरक्षक को भी भीड़ में नुकीली वस्तु (चाकू जैसी) मारी गई। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल भी किया। इसका वीडियो सामने आया है।
कल जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने कहा कि मैं जंतर-मंतर पर नाइट ड्यूटी पर था। भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि मुझे गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं मिल रही थी। मुझे हनुमान मंदिर रोड पर एक जगह मिली; उसके बाद मैं वहां से पैदल जा रहा था। वहां बहुत सारे छात्र थे। मुझे डर नहीं लगा क्योंकि वे छात्र थे, जब मैं संसद मार्ग पहुंचा, तो वहां लगभग ढाई हजार लोगों की भीड़ थी फिर वे अचानक गुस्से में आ गए और मेरी तरफ़ बढ़ने लगे, यह कहते हुए कि आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं; हम पर हमला हो रहा है… फिर उन्होंने मुझे पीछे से लात मारी और घूंसे मारने लगे। मुझ पर हमला करने वाले लगभग 150 लोग थे, एक पुलिस टीम ने मुझे बचाया। मुझे RML अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीनियर अधिकारी भी घायल हुए हैं, ये वे छात्र नहीं हैं जिन्होंने पुलिस की वर्दी या CRPF के जवानों को देखकर लोगों पर इस तरह हमला किया हो; वे वर्दी वालों को निशाना बना रहे हैं। वे असामाजिक तत्व हैं, जो भी वर्दी में दिखता है, चाहे वह रैपिड एक्शन फोर्स का हो, पुलिस का हो या CRPF का, उसे देखते ही पीटा जा रहा है। वहां पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया, जो भी अकेला जा रहा है, उसे वे निशाना बना रहे हैं।
घटना के बाद अस्पताल अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि एक सहायक पुलिस आयुक्त को RML अस्पताल लाया गया था। कनॉट प्लेस के सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत को डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। उन्हें सिर में चोट और शरीर पर कई जगह खरोंचें आई थीं। अस्पताल ने बताया कि उनके सिर के पिछले हिस्से में सूजन थी और उन्होंने कान से खून आने व उल्टी होने की बात बताई।
घायल पुलिसकर्मी का उपचार
अस्पताल के बयान के अनुसार, विवेक भगत की शल्य चिकित्सा विभाग की टीम ने जांच की। उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्रदान की गई। जांच में उनके शरीर के ऊपरी और निचले अंगों तथा कंधे पर खरोंचें पाई गईं। बाद में, उन्होंने AIIMS, नई दिल्ली में आगे का इलाज कराने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्हें RML अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
प्रदर्शन का हिंसक रूप
यह घटना ‘संसद चलो’ मार्च के दो दिन बाद हुई, जब जंतर-मंतर पर भारी भीड़ उमड़ी थी। प्रदर्शन दिनभर शांतिपूर्ण रहा था, लेकिन देर रात अचानक हिंसा भड़क उठी। पुलिस और छात्रों के बीच हुई भिड़ंत में पत्थरबाजी भी शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर नुकीली वस्तुओं से हमला किया, जिससे कई घायल हुए। पुलिस ने असामाजिक तत्वों के घुसने की बात कही है।
यह था पूरा मामला
नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क से संसद तक जारी संग्राम बुधवार को और तेज हो गया। दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दो जगह हुए पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) समेत छह पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस व आरएएफ ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।
रात को मौके पर भारी पुलिस बल बुला लिया गया। देर रात जंतर-मंतर व आसपास की सड़कों पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे और तनाव का माहौल बना हुआ था। इस बीच, दिल्ली से शुरू हुआ आंदोलन अब अन्य शहरों में भी फैल गया है। बुधवार को पटना, जयपुर, चेन्नई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम व मुंबई समेत देशभर में छात्रों ने कई जगह प्रदर्शन किए और प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पुलिस ने बताया कि शाम करीब 4:30 बजे जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों के पथराव में एसीपी जय प्रकाश घायल हो गए। इसके बाद रात करीब 8:30 बजे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कनॉट प्लेस की तरफ जा रहे थे। टॉलस्टॉय मार्ग-जनपाथ क्रॉसिंग पर एसीपी, कनॉट प्लेस विवेक भगत ने उन्हें रोका तो भीड़ ने पत्थरों व बोतल से हमला किया।
एसीपी लहुलूहान हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए एसीपी को निकाला। कुछ पुलिसकर्मियों व आरएएफ जवानों के साथ भी मारपीट की गई। दो एसीपी व चार पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आंदोलन में असामाजिक तत्व भी घुसे
जंतर-मंतर के पास पथराव को लेकर सीजेपी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में असामाजिक तत्व भी आंदोलनकारियों के बीच घुस गए हैं। वे शांतिपूर्ण विरोध को बेपटरी करने में जुटे हैं।
अब तक 10 एफआईआर
पुलिस ने 20 जुलाई और उसके बाद प्रदर्शन पर अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं।
सीआरपीएफ और आरएएफ की 24 कंपनियां बुलाई
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। वहीं, सीआरपीएफ व उसकी विशेष इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 24 कंपनियां भी दिल्ली बुला ली गई हैं।
