
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लंबे समय से डीए की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लंबे समय से डीए की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा।
रैली के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। वहीं कई जगह ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने विधानसभा की तरफ कूच किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें रोका। वहीं कर्मचारियों के प्रदर्शन के चलते रास्तों पर भीषण जाम लगा रहा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई।
इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों और कथित टालमटोल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लंबे समय से डीए की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। कर्मचारी नेता रविंदर लूथरा ने सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
क्लर्क छुट्टी पर, अफसर दफ्तरों में मौजूद, काम ठप
अमृतसर में लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रैली में सामूहिक छुट्टी लेकर गए मुलाजिमों की गैर-मौजूदगी के कारण शुक्रवार को अमृतसर तहसील और पटवारखाने में ताले देखने को मिले।
रोजाना के मुकाबले तीन तहसीलों में बाद दोपहर तक सिर्फ 70 के करीब रजििस्ट्रयां ही हो सकी। जिसका सीधा असर सरकार के राजस्व को पड़ा, हालांकि रूटीन में तीनों तहसीलों में 250 के करीब रजिस्ट्री होती थी।
उधर, मुलाजिमों की हड़ताल के समर्थन में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के नॉन-टीचिंग स्टाफ ने भी यूनिवर्सिटी में कोई काम नहीं किया। अमृतसर डीड राइटर्स एसोसिएशन के एडवोकेट अरविंदर कुमार ने बताया कि हड़ताल के कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को पटवारखाने से जमाबंदी और इंतकाल करवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
डीसी दलविंदर जीत सिंह ने बताया कि हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी न आए, इसके लिए अफसरों की छुट्टी रद्द करके उन्हें दफ्तरों में सुबह 9 बजे पहुंचने की हिदायत दी गई थी। अफसरों ने क्लेरिकल स्टाफ की गैर-मौजूदगी में खुद काम किया।
