किसान ने खुद को लगाई आग: तमाशबीन बने रहे अफसर, दरोगा बनाता रहा वीडियो; चहारदीवारी गिराने से रिश्वत तक की कहानी

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शामली में जमीन विवाद में किसान ने खुद को आग लगा ली। किसान की हालत गंभीर बनी हुई है। किसान के परिजन का आरोप है कि सदर तहसील कानूनगो ने चहारदीवारी नहीं गिराने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी। नहीं देने पर प्रशासन की टीम गिराने पहुंच गई। चहारदीवारी का विवाद था। मामला कोर्ट में चल रहा है।

यूपी के शामली के गोहरनी गांव में भूमि के विवाद में चहारदीवारी हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के सामने किसान आदित्य (22) ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। किसान ने कानूनगो पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। आसपास के लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया।

गोहरनी गांव निवासी किसान आदित्य का परिवार के सदस्यों से 1.0256 हेक्टेयर भूमि को लेकर एसडीएम न्यायालय में वाद चल रहा है। सोमवार की शाम को कानूनगो अमरीश शर्मा और राजस्व विभाग की टीम के अन्य सदस्य गांव पहुंचे और चहारदीवारी को गिरवाने का प्रयास करने लगे।

आदित्य और उसके परिवार ने विरोध किया। आदित्य के परिजनों का आरोप है कि सदर तहसील कानूनगो ने चहारदीवारी नहीं गिराने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी। नहीं देने पर प्रशासन की टीम गिराने पहुंच गई।

आदित्य का परिवार प्रशासन से चहारदीवारी हटाने का आदेश मांग रहा था। उनके अनुसार उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। हंगामे के दौरान किसान आदित्य ने बोतल से ज्वलनशील पदार्थ निकालकर खुद पर उड़ेला और आग लगा ली।

आदित्य के पिता मनोज ने पुलिस से मामले की शिकायत की है। एसडीएम सचिन राजपूत का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। कानूनगो अमरीश शर्मा का कहना है कि रिश्वत मांगने का आरोप बेबुनियाद है। जिलाधिकारी के निर्देश पर टीम आदित्य के यहां कार्रवाई के लिए गई थी।

किसान का वीडियो बनाता रहा दरोगा

शामली के गोहरनी गांव के पास भूमि विवाद में किसान आदित्य द्वारा खुद को आग लगाने के बाद ही उसके परिजन और ग्रामीण आग बुझाने के लिए दौड़े। आरोप है कि मौके पर मौजूद तहसीलदार, कानूनगो और राजस्व टीम के अन्य सदस्य तमाशबीन बने रहे।

वहीं, आदर्श मंडी थाने का एक दरोगा मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त रहा। आग लगाने के दौरान का 4.50 मिनट के वायरल हो रहे वीडियो में किसान आदित्य आग से घिरा हुआ है। मौके पर तहसीलदार राहुल सिंह, कानूनगो अमरीश शर्मा और राजस्व टीम के अन्य सदस्य हाथ बांधे हुए खड़े हैं।

आदित्य के पिता और अन्य लोग आग बुझाने के प्रयास में जुटे हुए है। जिलाधिकारी आलोक यादव ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। आत्महत्या का प्रयास करने वाले किसान आदित्य के फूफा देशपाल सिंह ने बताया कि आदित्य और उसके पिता मनोज कुमार मामले को लेकर सोमवार को सहारनपुर में कमिश्नर से मिले थे।

इसके बाद तहसील में अधिकारियों से मिलकर बिना नोटिस दिए विपक्षियों से साजिश कर चाहरदीवारी गिराने के प्रयास का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि अधिकारियों ने उनकी सुनवाई नहीं की, जिसके बाद आदित्य ने आत्मघाती कदम उठाया।

कानूनगो साहब, चार माह से तमाशा करा रहे हो’
वायरल वीडियो में किसान आदित्य कह रहा है कि दलालों को रुपये नहीं दिए तो उसे यह कदम उठाना पड़ा। किसान यह भी कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि कानूनगो साहब, मैं जा रहा हूं। चार माह से तमाशा करवा रहे हो। आपकी हमसे क्या दुश्मनी थी। यदि मुझे कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार तुम होंगे।

यह है मामला
गोहरनी गांव में 1.0256 हेक्टेयर भूमि के स्वामित्व को लेकर आदित्य का परिवार के लोगों से वाद एसडीएम न्यायालय में चल रहा है। दोनों सदस्य जमीन को अपना बता रहे हैं। 30 अप्रैल 2013 को मामले में अंतिम आदेश पारित हुआ था।

इसके बाद दूसरे पक्ष की वीरबाला ने भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए कलक्ट्रेट में प्रार्थना पत्र दिया था। 30 जून को राजस्व टीम ने भूमि की पैमाइश कर उसे चिह्नित किया था, लेकिन अस्थायी चहारदीवारी के कारण कब्जा नहीं दिलाया जा सका। 11 जुलाई को पुलिस बल के साथ दोबारा कब्जा दिलाने का प्रयास किया गया।

14 अगस्त को राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर आपसी सहमति से वीरबाला को भूमि पर कब्जा दिलाया था। उस समय चहारदीवारी का कुछ हिस्सा हटाया गया था और शेष चहारदीवारी 15 अगस्त तक हटाने का आश्वासन दिया था। मंगलवार को टीम चहारदीवारी को हटाने पहुंची थी।

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