यूपी में अधिवक्ता का कत्ल: पैर छुए, कार से अगवा किया; दम निकलने तक सिर पर जैक से किए वार; हड्डियां भी चकनाचूर

Murder
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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार (68) की जमीन के विवाद में कार से अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शक के दायरे में आए तीन आरोपियों की निशानदेही पर रविवार सुबह कानपुर में गुजैनी नहर से शव को बरामद किया।

देर रात कार की बरामदगी के लिए कालपी के जंगल ले जाए गए आरोपी भागने लगे और वहां पहले से छिपाए असलहों से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला घायल हो गए। पुलिस ने उनके तीसरे साथी केशव को भी पकड़ लिया। तीनों कानपुर के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी मोनू की पुलिस तलाश कर रही है।

कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कागजीपुरा निवासी गयादीन अहिरवार चौथी बार कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। शनिवार को गयादीन उरई स्थित जिला न्यायालय में एक मुकदमे की पैरवी करने गए थे।

शाम 3:30 बजे वह मुन्ना फुलपावर चौराहा पहुंचे और बेटे हर्ष को स्कूटी लेकर बुलाया। उन्होंने बेटे से कहा कि दुर्गा मंदिर चौराहे पर उनका एक मुवक्किल इंतजार कर रहा है। बेटा उन्हें स्कूटी से वहां ले गया। चौराहे पर कार में तीन लोग मौजूद थे।

बेटे के मुताबिक, कार से उतरे एक व्यक्ति ने गयादीन के पैर छुए और उन्हें कार में बैठाकर ले गया। बिना नंबर की कार देख बेटे को शक हुआ और उसने पिता को फोन किया लेकिन मोबाइल बंद मिला।

उसने स्कूटी से कार का पीछा भी किया लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों की निशानदेही पर रविवार सुबह कानपुर से शव बरामद किया।

जमीन की रंजिश में दी गई हत्या की सुपारी
एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि गयादीन और कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव के बीच जमीन की मुकदमेबाजी चल रही है। इसी विवाद में इंद्रजीत ने हत्या के लिए मोनू यादव को सुपारी दी। मोनू और उसके तीन साथियों ने हत्याकांड को अंजाम दिया। मोनू की तलाश की जा रही है। प्राथमिकी में अन्य आरोपियों के नाम भी जोड़े जाएंगे।

दम निकलने तक सिर पर जैक से किए वार हड्डियां चकनाचूर
कालपी पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर गुजैनी पुलिस गंभीरपुर इलाके में पहुंची। वहां नहर के किनारे शव मिला। घटनास्थल के पास ट्रक का जैक मिला। जिसमें खून लगा हुआ था। शव मिलने की सूचना पर कालपी पुलिस और अधिवक्ता के परिजन मौके पर पहुंचे। तीन थानों की सीमा विवाद के कारण करीब दो घंटे तक शव मौके पर ही पड़ा रहा।

इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार आरोपियों ने अधिवक्ता का दम निकलने तक सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। उनके सिर की हड्डियां चकनाचूर हो गई। सिर पर करीब 15 चोटें पाई गई है। अत्यधिक रक्तश्राव से मौत की पुष्टि हुई है।

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प्राथमिक जांच में अधिवक्ता गयादीन की हत्या की वजह जमीन का विवाद है। बेटे हर्ष की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। रविवार को शव बरामद होने के बाद हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गई। मामले की जांच सीओ राजेश कमल को सौंपी गई है।

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