
कानपुर में कालपी के अधिवक्ता गयादीन हत्याकांड में फरार सुपारी किलर मोनू यादव की तलाश में कालपी पुलिस की एसओजी टीम ने गुजैनी में डेरा जमाया हुआ है। मंगलवार को वरुण विहार बस्ती से उसके एक साथी को पुलिस ने उठाकर पूछताछ शुरू की। सामने आया कि हत्यारोपी मोनू पर सिर्फ गुजैनी थाने में गैर इरादतन हत्या समेत चार मामले दर्ज हैं।
इसके अतिरिक्त गांजा तस्करी के मामले में हरियाणा, छत्तीसगढ़, यूपी के मथुरा में मुकदमे हैं। आरोपी यहां वरुण विहार बस्ती में किराए के मकान में पत्नी राधिका, पिता अजय, मां रानी देवी के साथ रहता है। पता चला आरोपी मोनू घटनाओं को अंजाम देने के बाद गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले अपने एक मित्र को फोन करता है। जो फरारी के दौरान उसके रुकने-ठहरने की व्यवस्था करता है।
नजीराबाद थाने से भाई हत्या के मामले में जेल गया
हत्यारोपी मोनू ही नहीं उसका भाई भी बदमाश है। शहर के नजीराबाद थाने में वर्ष 2010 में हुई हत्या के मामले में उसे जेल भेजा जा चुका है। पुलिस मोनू के अन्य साथियों की तलाश में भी जुटी हुई है।
केशव, आशीष ने हनक बनाने को थामा मोनू का साथ
मुठभेड़ में मोनू यादव के साथी गुजैनी के पिपौरी न्यू डायमंड सिटी निवासी आशीष विश्वकर्मा, वरुण विहार निवासी केशव कटियार को गिरफ्तार किया गया है। इलाकाई लोगों के मुताबिक आशीष विश्वकर्मा इलाके में हनक जमाने के लिए अपराधियों के साथ उठने बैठने लगा था। यही हाल केशव कटियार का रहा। इसी दौरान हत्या के बाद जेल से छूट कर आए मोनू से दोनों ने यारी बढ़ाई। इधर जब मोनू ने हत्या की सुपारी ली, तो सभी को 2-2 लाख रुपये देने का भरोसा दिया।
