
बरेली
शाहजहांपुर जिले के दिलावरपुर गांव में शनिवार शाम को सियार ने घर के बाहर खेल रही मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। बच्ची पर हमला होता देख वहां मौजूद पालतू कुत्ता सियार पर झपट पड़ा, जिससे सियार बच्ची को छोड़कर खेतों में भाग गया।
पालतू कुत्ते ने मासूम बच्ची को बचाया
कुत्तों की वफादारी के किस्से यूं ही नहीं गढ़े गए। नमक का हक अदा करने में यह कभी देर नहीं लगाते। शाहजहांपुर के सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के दिलावरपुर गांव में ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां अपनी ननिहाल में घर के बाहर खेल रही चार साल की अबोध काव्या पर क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने सियार ने हमला कर दिया। घटना के दौरान वहां खड़े पालतू कुत्ते ने सियार को खदेड़कर काव्या को बचा लिया।
वाक्या शनिवार शाम का बताया जा रहा है। अपनी मां उपासना के साथ ननिहाल आई काव्या नाना नरेंद्र वर्मा और मामा आदि के साथ मुख्य हाईवे से कुछ फासले पर पाकड़ के पेड़ के नीचे खेल रही थी। उसी समय झाड़ियों से निकले सियार ने अपने जबड़े में बच्ची की टांग जकड़ ली और उसे खेतों की तरफ खींचने लगा।
बच्ची पर अचानक हुए हमले से सकते में आए वहां मौजूद लोगों ने सियार को भगाने के लिए शोर मचाया। वहां मौजूद नरेंद्र के पालतू कुत्ता टॉमी ने भौंकते हुए सियार पर झपट्टा मारा, जिससे सियार ने काव्या को छोड़ दिया और खेतों में भाग गया। इस पूरे घटनाक्रम में टॉमी की वफादारी के क्षेत्र में चर्चे हो रहे हैं। बता दें कि वन्यजीव के हमले में आसपास के गांवों में कई लोग घायल हो चुके हैं।
एक दिन पहले ग्रामीण पर किया था हमला
शनिवार को बच्ची पर हमले से पहले सियार ने बादशाहनगर गांव के पास नहर पुलिया पर बैठे गांव निवासी महादेव पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। सियार ने उनकी बांह दबोच ली थी। महादेव के शोर मचाने पर गांववालों ने उन्हें बचाया। इसके बाद वहां से भागे सियार ने दिलावरपुर में खेतों की तरफ शौच को गए विजय कुमार वर्मा उर्फ वीपी को काटकर घायल कर दिया।
सोमवार को सुबह बादशाहनगर के नवी हसन ने खेत में सियार को देखा। उसे देख वह उल्टे पांव लौट आए। ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार की रात नागरपाल निवासी समल्ले के घर पर सियार ने धावा बोला था। उनकी बकरी को दबोच ले गया और गांव के बाहर राजेश दुबे के बाग में उसे आधा खाकर छोड़ दिया था।
ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीव के हमले की ताबड़तोड़ घटनाओं के बावजूद वन विभाग लापरवाह बना हुआ है। वहीं वन दारोगा पुष्पेंद्र कनौजिया के अनुसार उन्हें क्षेत्र के किसी भी गांव से जंगली पशु के हमले की कोई सूचना नहीं मिली है।
