“सनकी” से बना दिया अरबों का कारोबार, अब IT के रडार पर; कहानी कानपुर के कारोबारी नवीन कुरेले की

"Sanki"
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कानपुर के पान मसाला कारोबारी नवीन कुरेले के एसएनके पान मसाला ग्रुप पर आयकर विभाग की छापेमारी चौथे दिन भी जारी है. विभाग को अब तक 400 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति और करोड़ों रुपये के जेवरात मिले हैं. एसएनके ग्रुप की सफलता का राज सस्ते पान मसाले में था, जिसे लोग “सनकी” के नाम से जानते थे.

उत्तर प्रदेश के कानपुर के प्रसिद्ध पान मसाला कारोबारी नवीन कुरेले के एसएनके पान मसाला ग्रुप पर आयकर विभाग की छापेमारी चौथे दिन भी जारी है. इस छापेमारी में विभाग को अभी तक 400 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति और करोड़ों रुपये के जेवरात मिले हैं. आयकर विभाग ने इस हफ्ते बुधवार को देशभर में एसएनके ग्रुप के 47 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. ग्रुप के सहयोगी भी आयकर विभाग की रडार पर हैं. इनके खिलाफ भी जांच चल रही है. इन सहयोगियों में इत्र कारोबारी, सुपारी व्यापारी और ट्रांसपोर्टर शामिल हैं जो इस ग्रुप को सप्लाई करते थे. नवीन कुरेले ने एसएनके नाम से एक सस्ता पान मसाला व्यवसाय शुरू किया था, जो बहुत ही जल्द लोकप्रिय हो गया.

निम्न आय वर्ग के लोग इस पान मसाले के ग्राहक बन गए थे. यह पान मसाला इतना प्रसिद्ध हो गया कि लोग इसे “सनकी” के नाम से भी जानने लगे, क्योंकि अधिकतर ग्राहक ‘एसएनके’ का नाम ठीक से नहीं बोल पाते थे. “सनकी” शब्द से यह पान मसाला नामी हो गया और इसकी बिक्री ने तेजी से बढ़त बनाई.

2024 से आयकर विभाग के रडार पर
एसएनके ग्रुप की सफलता का राज पान मसाले की कम कीमत और उसकी बढ़ती मांग में था. हालांकि, यह पान मसाला ग्रुप अब आयकर विभाग के रडार पर आ गया है. अक्टूबर 2024 में पहले ही सीजीएसटी टीम ने इस ग्रुप के खिलाफ छापा मारा था, जिसमें करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई थी. अब आयकर विभाग की टीम ने एक और बड़ी कार्रवाई की है.

आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस छापेमारी में विभाग को करीब 400 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का पता चला है. इसके अलावा, इस ग्रुप से जुड़ी कई अन्य संपत्तियों और करोड़ों रुपये के जेवरात की जानकारी भी मिली है. आयकर विभाग ने डिजिटल दस्तावेजों की जांच के लिए डिजिटल एक्सपर्ट की एक टीम भी भेजी है, ताकि किसी भी प्रकार की डिजिटल जानकारी का सही तरीके से विश्लेषण किया जा सके.

इस छापेमारी के दौरान आयकर विभाग यह भी जांच रहा है कि एसएनके ग्रुप के सहयोगी, जो इत्र, सुपारी और ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं, इनको क्या आपत्तिजनक तरीके से फायदा तो नहीं पहुंचाया गया. इस मामले में आगे की जांच जारी है और कुछ दिन और इस पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.

 

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