आस्था हत्याकांड में पिता का भी हाथ: बेटी का सिर काट मां ने पति को किया फोन, लाश छिपाने के पीछे फौजी का दिमाग

Aastha murder case
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Aastha murder case : पुलिस ने छात्रा के पिता रमेश को भी हत्याकांड में साजिश रचने का आरोपी बनाया है। सीआरपीएफ का जवान रमेश छत्तीसगढ़ में तैनात है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि छात्रा की हत्या करके मां राकेश देवी ने अपने पति रमेश को इसकी जानकारी दी थी।

छात्रा आस्था उर्फ तनिष्का हत्याकांड का खुलासा शुक्रवार को कर दिया गया। दोस्त से मिलने और फोन पर बातचीत करने पर परिजनों ने ही हत्याकांड को अंजाम दिया। मां राकेश देवी ने छात्रा की गला घोटकर हत्या की। महरौली निवासी मामा कमल सिंह, समर सिंह, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू पुत्र कमल सिंह, मौसेरे भाई गौरव निवासी लडपुरा हापुड़ ने दरांती से गर्दन काटकर धड़ को बहादरपुर रजबहे और कटे हुए सिर को जानी गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस ने मां, दोनों मामा और ममेरे भाई को शुक्रवार शाम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में 14 साल के एक नाबालिग को भी पकड़कर बाल सुधारगृह भेजा गया है।

दरांती और कार बरामद पर नहीं मिला आस्था का धड़
इस हत्याकांड में शामिल मौसेरे भाई गौरव की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। वहीं, छात्रा आस्था का कटा हुआ सिर अभी नहीं मिला है। पुलिस की दो टीम गंगनहर में कटे हुए सिर को तलाश रही हैं। पुलिस ने हत्यारोपियों के कब्जे से गर्दन काटने में प्रयुक्त की गई दरांती, शव को फेंकने में प्रयोग की गई स्विफ्ट डिजायर कार को बरामद किया है। घटना के संबंध में बहादरपुर ग्राम प्रधान अमित कुमार की ओर से परतापुर थाने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

सूट-सलवार की जेब में मिला था दोस्त का नंबर
परतापुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को गांव बहादरपुर के रजबहे में छात्रा की चादर में लिपटी सिर कटी लाश मिली थी। मृतका के सूट-सलवार की जेब से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर मृतका की पहचान दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव निवासी रमेश की बेटी आस्था उर्फ तनिष्का (17) के रूप में हुई। आस्था इंटर की छात्रा थी। जेब से मिला मोबाइल नंबर नंगली साहिब निवासी उसके नाबालिग दोस्त का था। दोस्त ने ही मौके पर पहुंच कर आस्था की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने दादरी गांव पहुंच कर पहले मृतका की मां राकेश देवी को और बाद में छात्रा के महरौली-परतापुर निवासी मामा कमल सिंह, समर सिंह, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू को हिरासत में लिया। परिजनों ने पहले शव की पहचान करने से इन्कार कर दिया था। बाद में पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने आस्था की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

इंस्टाग्राम पर हुई थी दोनों की दोस्ती
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि इंस्टाग्राम से आस्था की दोस्ती एक किशोर से हुई थी। दोनों अक्सर बात करते और मिलते थे। इसकी जानकारी होने पर बुधवार को मां राकेश देवी ने छात्रा की गला दबाकर कर दी। बाद में उसने मायके वालों को इसकी जानकारी दी। बुधवार रात को आस्था के दोनों मामा, ममेरे भाई और मौसेरे भाई कार में शव को डालकर ले गए। महरौली के जंगल में ले जाकर छात्रा की गर्दन दरांती से काटकर धड़ को बहादरपुर रजबहे में और कटे हुए सिर को जानी गंगनहर में फेंक दिया था। गुरुवार सुबह छात्रा की सिर कटी लाश मिल गई।

पिता रमेश को भी आरोपी बनाया
पुलिस ने छात्रा के पिता रमेश को भी हत्याकांड में साजिश रचने का आरोपी बनाया है। सीआरपीएफ का जवान रमेश छत्तीसगढ़ में तैनात है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि छात्रा की हत्या करके मां राकेश देवी ने अपने पति रमेश को इसकी जानकारी दी थी। उसने पुलिस को सूचना देने के बजाए शव को ठिकाने लगवाने का षड़यंत्र रचा है। उसे भी वांछित घोषित किया है।

दोस्त को परिजनों के सुपुर्द किया
आस्था के दोस्त के जरिये ही पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा कर सकी। उसने ही आस्था के शव की पहचान की। अन्यथा परिजनों ने तो शव आस्था का होने से इनकार कर दिया था। पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने के बाद पुलिस ने छात्रा के दोस्त को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। उसे इस हत्याकांड का मुख्य गवाह बनाया गया है।

चचेरे भाई ने दी मुखाग्नि
पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया। साथी वीडियोग्राफी भी कराई। शुक्रवार दोपहर बाद पुलिस ने शव को दादरी से आए छात्रा के परिवार के अन्य सदस्यों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने शव का शहर में ही सूरजकुंड में अंतिम संस्कार किया। छात्रा के चचेरे भाई आदेश ने उसे मुखाग्नि दी।

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