Plane Crash: सुनहरे सपने, नया सफर और आखिरी उड़ान, चंद मिनटों में डॉक्टर दंपती और परिवार खत्म

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Ahmedabad Plane Crash: राजस्थान के बांसवाड़ा में रहने वाले डॉक्टर दंपति ने अपने तीन बच्चों के साथ अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी। उनकी आंखों में भविष्य के सुनहरे सपने थे, नए सफर की खुशी थी। विमान में बैठकर उन्होंने सेल्फी ली, जिसमें सभी चहक रहे हैं। लेकिन, यह सफर और सेल्फी आखिरी साबित हुई।

गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में राजस्थान के बांसवाड़ा जिले का डॉक्टर परिवार खत्म हो गया। हादसे में डॉक्टर दंपति समेत उनके तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। डॉक्टर के परिवार में अब सिर्फ उनके माता-पिता की बचे हैं। वे अपने बच्चों को छोड़ने के लिए अहमदाबाद गए थे। हादसे की जानकारी लगने के बाद उनका बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, बांसवाड़ा की रातीतलाई कॉलोनी में रहने वाले डॉ. जेपी जोशी के बेटे प्रतीक जोशी, बहू डॉ. कौमी और दंपति के तीन बच्चे मिराया, नकुल और प्रद्युत लंदन जाने के लिए एयर इंडिया के विमान एआई171 में सवार हुए थे। टेक ऑफ के चंद मिनट बाद यह विमान अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के दौरान विमान में 242 यात्री सवार थे।

बताया जा रहा है कि डॉ. प्रतीक उदयपुर के पेसिफिक मेडिकल कॉलेज में पदस्थ थे। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वे लंदन में किसी चिकित्सकीय संस्थान से जुड़ने वाले थे। इसी कारण वे अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ भारत से लंदन जा रहे थे। लेकिन, विमान हादसे ने उनके सपने ही नहीं पूरा परिवार ही खत्म कर दिया।

दंपती के माता-पिता सुरक्षित, अभी अहमदाबाद में
बांसवाड़ा की मोहन कॉलोनी में रहने वाले डॉ. प्रतीक के मामा डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने बताया कि उनके माता-पिता सुरक्षित हैं। वे उन्हें सी-ऑफ करने के लिए अहमदाबाद गए थे, अभी वहीं ही हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. प्रतीक के माता-पिता भी बांसवाड़ा में डॉक्टर हैं। डॉ. जेपी जोशी सोनोग्राफी सेंटर संचालित करते हैं। उनकी पत्नी भी चिकित्सक पद से सेवानिवृत्त हैं। वहीं, डॉ. कौमी के पिता सार्वजनिक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त अभियंता हैं और वर्तमान में वैवाहिक वाटिका का संचालन करते हैं।

दो महीने से बांसवाड़ा में थे, बच्चों का नहीं मिल रहा था वीजा
परिजनों ने बताया कि पेसिफिक मेडिकल कॉलेज से इस्तीफा देने के बाद डॉक्टर प्रतीक पत्नी और बच्चों के साथ बांसवाड़ा में ही थे। उन्हें यहां रहते हुए करीब दो महीने हो गए थे। बच्चों का वीजा नहीं मिल पाने के कारण वे लंदन नहीं जा पा रहे थे। जैसे ही बच्चों का वीजा तैयार हुआ पूरा परिवार लंदन जाने के लिए तैयार हो गया।

चेहरे पर थी नई जिंदगी शुरू करने की खुशी
पेसिफिक हॉस्पिटल के चेयरमैन आशीष अग्रवाल ने कहा कि डॉ. कौनी दो दिन पहले ही अस्पताल आई थीं। उन्होंने पूरे स्टाफ से मिलकर लंदन जाने की जानकारी दी थी। उनके चेहरे पर नई जिंदगी शुरू करने की खुशी झलक रही थी। किसी ने नहीं सोचा था कि वो आखिरी बार मिल रही हैं। उनके परिवार के निधन से अस्पताल स्टाफ भी दुखी है। जोशी दंपती शांत स्वभाव थे, उन्होंने अपने व्यवहार से लोगों के दिलों में जगह बनाई थी।

कलेक्टर ने की माता-पिता से बात
जोशी परिवार की मौत की सूचना मिलते ही बांसवाड़ा कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव और एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने परिजनों से संपर्क किया। वे लगातार उनसे बात कर रहे हैं। कलेक्टर ने डॉक्टर जोशी के परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

औरंगाबाद विमान हादसे की याद ताज़ा
बता दें कि 26 अप्रैल 1993 को इंडियन एयरलाइंस का एक विमान महाराष्ट्र के औरंगाबाद में क्रैश हो गया था। उड़ान भरने के दौरान विमान एक ट्रक से टकरा गया था। इस हादसे में 55 लोगों की मौत हो गई। जिनमें बांसवाड़ा के हेम और सुधा भी शामिल थे।

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