नौ करोड़ के चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव तिहाड़ में

Rajpal Yadav Indian actor and comedian

Rajpal Yadav
Indian actor and comedian

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और हास्य कलाकार राजपाल यादव इन दिनों नौ करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में हैं। 2010 में अपने होम प्रोडक्शन की फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिया गया ऋण और फिल्म की भारी असफलता ने उन्हें गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया।

इस मामले के चलते उन्हें न्यायालय द्वारा जेल की सजा सुनाई गई, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री और अन्य हस्तियों ने इस मुश्किल वक्त में उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।

अभिनेता सोनू सूद ने राजपाल यादव को अपनी अगली फिल्म में शामिल करने का ऐलान किया और साइनिंग राशि को आर्थिक सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि राजपाल यादव जैसे प्रतिभाशाली कलाकार की मदद करना हमारा कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने फिल्म निर्माताओं और इंडस्ट्री से भी इस संकट की घड़ी में साथ देने की अपील की। जैम म्यूजिक के निर्माता इंद्रजीत सिंह ने सार्वजनिक रूप से 1.11 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा करते हुए कहा कि राजपाल न केवल एक शानदार अभिनेता हैं, बल्कि एक नेक और सच्चे इंसान भी हैं।

उन्होंने इंसानियत के नाते उनको सहारा देने का आह्वान किया। राजनीति जगत से भी सहायता का हाथ बढ़ाया गया। लालू प्रसाद यादव के बेटे और जन शक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने राजपाल यादव को 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी पार्टी राजपाल यादव और उनके परिवार के साथ खड़ी है। टीवी अभिनेता गुरमीत चौधरी ने भी अपने दुख का इज़हार करते हुए अभिनेता को समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राजपाल यादव, जिन्होंने वर्षों से हमें हंसी और खुशी दी है, आज हमारी मदद के पात्र हैं। उन्होंने भी फिल्म बिरादरी से मदद की अपील की। 2010 में राजपाल ने ‘अता पता लापता’ फिल्म बनाने के लिए पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। दुर्भाग्यवश, फिल्म को दर्शकों का प्यार नहीं मिल पाया और यह बुरी तरह फ्लॉप हो गई। इसके चलते वह उधारी चुकाने में असमर्थ रहे।

उनके बैंक द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए, जिससे कानूनी विवाद शुरू हुआ। जहां शुरुआत में पाँच करोड़ का कर्ज था, वह ब्याज समेत बढ़कर नौ करोड़ तक पहुंच गया। साल 2018 में उन्हें इस मामले में जेल जाना पड़ा और छह महीने की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया और वित्तीय संकट बना रहा। फरवरी 2023 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें आत्मसमर्पण का आदेश दिया। राजपाल यादव ने स्वीकार किया कि उनके पास बकाया चुकाने का कोई साधन नहीं था और फिल्म इंडस्ट्री में इस कड़े समय में कोई उनका साथ नहीं दे रहा था। आज जब राजपाल गंभीर दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, उनकी मदद के लिए इंडस्ट्री और अन्य क्षेत्रों से समर्थन दिखा है। यह मुश्किल वक्त उनके संघर्ष और जिंदगी पर गहरा प्रभाव डाल रहा है, लेकिन उनसे जुड़ी यह सहानुभूति उनके प्रति आदर और प्यार को व्यक्त करती है

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