
27 अप्रैल को रजबहे में राखी का शव बोरे में मिला। पुलिस को घटनास्थल से बोरा और रस्सी मिली। आशंका है कि हत्या के बाद शव फेंका गया। राखी और विक्रांत जल्द शादी करने वाले थे।
मिर्जापुर थाना क्षेत्र में नौगांवा गांव के पास रजबहे में 27 अप्रैल को राखी का शव बोरे में डालकर फेंका गया था। मौके से प्लास्टिक का बोरा और रस्सी बरामद हुई थी, जिससे हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के तरीके पर नई परत खुली है।
राखी हत्याकांड में अब एक और अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस को घटनास्थल से चौकर का प्लास्टिक बोरा और रस्सी बरामद हुई है। आशंका जताई जा रही है आरोपियों ने पहले राखी की हत्या की और फिर शव को चौक के प्लास्टिक बोरे में डालकर रस्सी से बांध दिया। इसके बाद शव को सुनसान जगह ले गए।
जल्दी ही शादी करने वाले थे दोनों
आसपास कोई आवाजाही नहीं होने पर शव को रजबहे में फेंक दिया, ताकि किसी को कुछ पता न चल सके। जांच के दौरान मौके से मिले यह साक्ष्य पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहे हैं। इससे यह भी संकेत मिल रहा है कि वारदात पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई। पुलिस अब बरामद बोरे और रस्सी के जरिए आरोपियों तक पहुंचने और घटनाक्रम को पूरी तरह स्पष्ट करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि विक्रांत और राखी जल्दी ही शादी करने वाले थे।
अज्ञात शवों की पहचान करना बना चुनौती
पुलिस के लिए अज्ञात शवों की पहचान करना चुनौती बन रहा है। एक से दो महीने के अंदर अलग-अलग क्षेत्रों में 10 से अधिक अज्ञात शव मिले। बाद में पहचान होने पर पता चला कि उन्हें मारकर डाला गया। कुछ दिन पहले थाना सदर बाजार क्षेत्र के रेलवे यार्ड में अज्ञात शव मिला था। बाद में उसकी पहचान कोरी माजरा निवासी सौरभ के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में पता चला था कि उसकी दोस्तों ने ही हत्या की थी।
सहारनपुर जिले के रजापुर नौगांव के रजबहे में मृत मिली राखी कश्यप 23 अप्रैल को डूडा के शहर मिशन प्रबंधक विक्रांत निवासी प्रयागराज के लापता होने की शिकायत दर्ज होते ही पुलिस के रडार पर आ गई थी। पुलिस ने राखी कश्यप को कोतवाली बुलाकर पूछताछ भी की, लेकिन उससे सच नहीं उगलवा सकी और उसे छोड़ दिया गया। उसकी लाइसेंसी पिस्टल पुलिस ने जरूर जमा करा ली थी। अगर पुलिस पूछताछ में राखी से सच उगलवा लेती तो शायद उसकी जान बच जाती।
शहर के अर्जुनपुरम कॉलोनी में किराए के मकान में अपनी पत्नी प्राची व बेटी के साथ रहने वाले डूडा के शहर मिशन प्रबंधक विक्रांत निवासी प्रयागराज अप्रैल 2018 से बागपत में तैनात थे। बताया कि 15 अप्रैल को विक्रांत कार्यालय में आए और शाम तक काम करते रहे। इसके बाद अर्जुनपुरम कॉलोनी में अपने कमरे पर चले गए। वह अगले दिन कार्यालय नहीं गए।
कार्यालय में नहीं आने पर साथी कर्मियों ने फोन किया तो फोन बंद मिला। 23 अप्रैल को विक्रांत की पत्नी प्राची ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच की तो विक्रांत के साथ राखी का प्रेम-प्रसंग होने का मामला सामने आया, जिनके बीच फोन पर लंबी बातचीत मिली। पुलिस ने राखी से संपर्क कर कोतवाली बुलाकर पूछताछ की तो उसने कुछ नहीं बताया। पुलिस ने राखी कश्यप के बयान दर्ज करने के बाद उसे छोड़ दिया। इसके एक दिन बाद राखी भी लापता हो गई।
विक्रांत ने बैंक से निकाले थे चार लाख रुपये
डूडा के शहर मिशन प्रबंधक विक्रांत की कार में कुछ दिन पहले आग लग गई थी। लापता होने से दो दिन पहले उन्होंने अपने बैंक खाते से चार लाख रुपये निकाले। उसके गायब होने पर पुलिस ने बैंक खाते की जानकारी की तो उससे यह किसी को बात सामने आई। वह रुपये उन्होंने किस लिए निकाले थे, यह किसी को जानकारी नहीं है।
राखी का हो चुका था तलाक
पुलिस के अनुसार, राजपुर खामपुर गांव की रहने वाली राखी की शादी मेरठ में हुई थी, जिसका पहले पति से तलाक हो गया था। उसने दूसरी शादी की, लेकिन वहां भी तलाक हो गया। इसके बाद खेकड़ा की काशीराम कॉलोनी में रहने लगी।
वहां के बाद खेकड़ा की एनबीसीसी कॉलोनी में रही और बाद में आगपत की अर्जुनपुरम कॉलोनी में किराए पर रहने लगी। वहां पर खुद को डूडा में संविदाकर्मी बताकर कमरा किराए पर लिया था। राखी का कई लोगों से विवाद भी चल रहा था और उस पर मुकदमे दर्ज कराए हुए थे। राखी का पंद्रह दिन पहले कचहरी परिसर में एक युवक से झगड़ा भी हुआ था।
सिंचाई विभाग में नोएडा कार्यरत है विक्रांत की पत्नी
डूडा के शहर मिशन प्रबंधक विक्रांत की पत्नी प्राची सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग नोएडा में कर्मी है। उनके परिवार में एक बेटी है। विक्रांत के लापता होने के दिन उनकी पत्नी ड्यूटी पर नोएडा गई हुई थी। विक्रांत की हत्या के बारे में डूडा कार्यालय में साथी कर्मियों को पता चला तो उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे।
राखी के घर हुई थी पार्टी वहीं लगी विक्रांत को गोली
विक्रांत के लापता होने से पहले राखी कश्यप के घर में पार्टी की गई, जिसमें विक्रांत, राखी समेत अन्य लोग शामिल हुए। बताया कि तभी विक्रांत को गोली लग गई। इसके बाद राखी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन करके सूचना दी कि उसके पति ने खुद को गोली मार ली। इसके थोड़ी देर बाद राखी ने फोन बंद कर लिया। बाद में पुलिसकर्मियों ने उससे संपर्क किया तो उसने पारिवारिक विवाद होने पर झूठी शिकायत करने की बात कहकर मामला टाल दिया था।
