
Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बताया कि अभिनेता विजय ने उनकी पार्टी से समर्थन की मांग की है। कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि पार्टी किसी भी हाल में भाजपा या उसके सहयोगियों को राज्य में सरकार चलाने की अनुमति नहीं देना चाहती। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि विजय सात मई यानी कल शपथ ले सकते हैं।
प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर चर्चा, राज्य सचिवालय पहुंचे टीवीके नेता केए सेंगोट्टैयन
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में राजनीतिक हलचल देखने को मिली। टीवीके के नेता और नवनिर्वाचित विधायक केए सेंगोट्टैयन राज्य सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने विधानसभा सचिव के साथ एक अहम मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इस विशेष मुलाकात का मुख्य उद्देश्य नई विधानसभा के लिए प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के मुद्दे पर चर्चा करना था। सरकार गठन की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि नई विधानसभा का सत्र शुरू होने पर प्रोटेम स्पीकर ही सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाते हैं।
आज राज्यपाल से मुलाकात करेंगे टीवीके प्रमुख विजय
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने एएनआई को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि टीवीके प्रमुख विजय आज उनसे मुलाकात कर रहे हैं। राज्यपाल ने बताया कि विजय ने उन्हें इसके लिए एक पत्र भी लिखा था।
टीवीके को समर्थन पर कार्ति चिदंबरम की सफाई, कहा- यूरोप में भी चुनाव के बाद बनते हैं ऐसे गठबंधन
तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने के कांग्रेस के फैसले का पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम ने पुरजोर बचाव किया है। चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इसे एक सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया। कार्ति ने कहा कि यह कोई असामान्य बात नहीं है; जब चुनाव में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने वाली पार्टियां भी साथ आ जाती हैं।
उन्होंने यूरोपीय देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी, नीदरलैंड और बेल्जियम में यह बहुत आम है। वहां कई बार गठबंधन सरकार बनाने में महीनों लग जाते हैं। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि टीवीके एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने को लेकर बिल्कुल स्पष्ट है और राजनीतिक दलों से संपर्क साधकर सही दिशा में काम कर रही है। कांग्रेस ने टीवीके के इसी दृष्टिकोण और अपनी पार्टी के अंदर हर स्तर पर उचित विचार-विमर्श करने के बाद ही उन्हें अपना समर्थन देने का यह बड़ा फैसला किया है।
अन्नाद्रमुक के 21 विधायक टीवीके में हो सकते हैं शामिल, द्रमुक की नेता का बड़ा दावा
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन दिए जाने के बीच सत्ताधारी द्रमुक की नेता और प्रवक्ता कनिमोझी एनवीएन सोमू ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने भी मीडिया में ऐसी अटकलें पढ़ी हैं कि सीवी शनमुगम के साथ अन्नाद्रमुक के 21 विधायक अपनी पार्टी से अलग होकर टीवीके में शामिल हो सकते हैं। कनिमोझी ने यह भी कहा कि अगर अन्नाद्रमुक टीवीके को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दे देती है, तो उन्हें कोई हैरानी नहीं होगी। कल विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं, ऐसे में देखना होगा कि असली आंकड़े क्या हैं।
‘ऐसे फैसलों से खत्म हो जाएगी पार्टी’, टीवीके से गठबंधन पर द्रमुक का कांग्रेस पर तंज
तमिलनाडु में टीवीके के साथ मिलकर सरकार बनाने के कांग्रेस के फैसले पर द्रमुक ने तीखा हमला बोला है। द्रमुक प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने चेन्नई में बयान देते हुए कहा कि शुरुआत से ही ऐसी चर्चा थी कि कुछ लोग विजय का समर्थन कर उनकी पार्टी में जाना चाहते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी हर राज्य में ऐसा ही कर रही है और अंततः हर जगह हार रही है। इलांगोवन ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली और पश्चिम बंगाल में पूरी तरह से साफ हो चुकी है और महाराष्ट्र में भी उसका कोई चांस नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस जो फैसले ले रही है, उससे एक दिन यह पार्टी ही खत्म हो जाएगी।
कांग्रेस का टीवीके को समर्थन ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा- द्रमुक
तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देने पर द्रमुक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए बड़ा हमला बोला है। द्रमुक के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस के इस कदम को ‘पीठ में छुरा घोंपना’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि 7 मई को शपथ लेने जा रहे विजय को हमारी शुभकामनाएं हैं, लेकिन कांग्रेस के पाला बदलने का तर्क बिल्कुल भी गले नहीं उतर रहा है।
अन्नादुरई ने चेतावनी दी कि नतीजे आने के मात्र एक दिन बाद ही जनादेश के खिलाफ जाने वाली कांग्रेस के इस अविश्वास का पूरे देश में असर होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के इस धोखे का अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे जैसे अन्य गठबंधन सहयोगियों के मन पर क्या असर पड़ेगा? द्रमुक ने आज तक कभी भी कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा था।
