
अलीगढ़ में झूठी शान के लिए बेटी के कत्ल का मामला सामने आया है। परिवार ने आत्महत्या बताकर रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया। खबर मिलते ही प्रेमी ने एसएसपी के पास पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मां-भाइयों सहित पांच परिजन हिरासत में लिए हैं। पिता की तलाश तेज हो गई है।
अलीगढ़ के गोंडा के गांव बसौली में विधि छात्रा हिमांशी (20) को परिवार ने झूठी शान की खातिर बृहस्पतिवार रात मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आत्महत्या करार देकर आनन-फानन रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया। सुबह खबर लगने पर प्रेमी ने एसएसपी के पास पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मां-भाइयों सहित पांच परिजनों को हिरासत में ले लिया है। आरोपी पिता की तलाश जारी है।
प्रेमी की शिकायत पर एसएसपी ने भी घटनास्थल देखा और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। सीओ इगलास कमलेश कुमार के अनुसार गांव बसौली के पूर्व प्रधान चौधरी कुलदीप सिंह के छोटे भाई अवधेश सिंह गोंडा ब्लॉक में ही पंचायत सचिव हैं। उनके चार बच्चों में दूसरे नंबर की हिमांशी लॉ द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।
बृहस्पतिवार देर शाम आठ बजे के बाद अचानक से उसकी मौत का शोर मचा। परिवार ने उसे आत्महत्या करार देकर बिना पुलिस को खबर दिए साढ़े दस बजे रात में अंतिम संस्कार कर दिया।
इधर, मूल रूप से कस्बा गोंडा दरबर हाल सुमित सरोवर रामघाट रोड क्वार्सी का हर्षित वार्ष्णेय शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सीधे एसएसपी से मिलने पहुंच गया।
उसने एसएसपी को बताया कि वह कस्बा गोंडा में मेडिकल स्टोर चलाता है।
हिमांशी से उसके स्कूल के समय से प्रेम संबंध थे। हिमांशी का परिवार इन संबंधों का विरोध करता था। 15 मार्च को परिजनों के उत्पीड़न से तंग आकर हिमांशी उसकी दुकान पर आ गई थी। तब पीछे से आए उसके भाइयों ने वहां आकर उसे पीटा, जिसके सीसीटीवी साक्ष्य मौजूद हैं।
बाद में परिजन उसे अपने साथ ले गए। मामला गोंडा थाने तक गया। जहां परिजन लिखित राजीनामा कर हिमांशी को अपने साथ ले गए थे। उसने कई बार बताया कि परिजन उस पर प्रेम संबंध तोड़ने का दबाव बनाते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। हर्षित ने आरोप लगाया कि इसी क्रम में रात हिमांशी के परिजनों ने उसकी हत्या कर साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। अब उसे भी अपनी जान का खतरा है।
एसएसपी ने हर्षित को सीधे गोंडा थाने भेजा और थाना पुलिस को घटना स्थल पर भेजा। उसके बाद खुद फॉरेंसिक टीम व सीओ इगलास को लेकर घटनास्थल गए। जहां गांव के बाहर रात में जली हुई चिता मिली। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाते हुए हड्डियां संकलित की हैं और घर से भी साक्ष्य जुटाए हैं। हर्षित की तहरीर पर हिमांशी संग मारपीट, फिर उसकी हत्या, साक्ष्य मिटाने संबंधी धाराओं में परिजनों पर एफआईआर दर्ज कर ली है। सीओ के अनुसार दो सगे भाई, मां, दो मामा आदि हिरासत में हैं। पिता की तलाश की जा रही है।
साथ जाते थे स्कूल, दोनों में बचपन से था प्यार
हिमांशी और सुमित बचपन से गोंडा कस्बे से स्कूल बस से पढ़ने एक साथ अलीगढ़ में खैर रोड के निजी स्कूल में जाया करते थे। तभी से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों के अलग समाज से होने के कारण हिमांशी के परिवार को उससे यह दोस्ती पसंद नहीं थी।
सीओ इगलास कमलेश कुमार के अनुसार, बाद में हर्षित परिवार के साथ गांव से शहर आकर बस गया, लेकिन दोनों में प्रेम संबंध बरकरार रहे। दोनों साथ जीवन जीना चाहते थे लेकिन परिवार लगातार विरोध कर रहा था। उसने हिमांशी से बात करने के लिए उसे मोबाइल भी दिया था।
सीओ के अनुसार अब तक की जांच में उजागर हो रहा है कि परिवार ने हिमांशी की हत्या पूरी प्लानिंग करके की है। जब 15 मार्च को घटनाक्रम हुआ, उस समय उन्होंने कोई कदम सिर्फ इसलिए नहीं उठाया कि अगर कुछ हुआ तो उन्हीं पर शक जाएगा। बात पुरानी होने पर उन्होंने रात में उसे मार दिया।
लोगों को बताया कि आठ बजे खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चली गई और तभी फंदे पर लटक गई। गांव के लोगों को दिखाने के लिए आनन-फानन उसे गाड़ी से डालकर शहर के एक निजी अस्पताल तक भी लेकर गए। वहां बाहर से ही उसे स्टाफ ने मृत बताकर वापस कर दिया। इसके बाद आकर अंतिम संस्कार कर दिया। यह सब परिवार की प्लानिंग का हिस्सा ही लग रहा है।
हिरासत में लिए गए परिजनों ने साधी चुप्पी
सीओ के अनुसार अब तक हिरासत में लिए गए परिजनों से काफी पूछताछ के बाद कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। शुरुआत में वह आत्महत्या संबंधी बहकी-बहकी बातें कर रहे थे। बाद में चुप्पी साध ली है। अभी आगे भी एक दौर की पूछताछ होनी है।
