Budget 2024 :बजट तो अंतरिम था, फिर भी महिलाओं-मध्यम वर्ग और करदाताओं को क्या मिला? बड़े एलानों को ऐसे समझें

Budget 2024
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Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अंतरिम बजट पेश किया। चुनावी साल होने की वजह से अंतरिम बजट पेश किया गया और इस बजट में बड़े एलानों की उम्मीद कम थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने महिलाओं, करदाताओं और मध्यम वर्ग को बजट में बड़ी राहत दी है। आसान भाषा में समझते हैं कि बजट में इन वर्गों के लिए क्या एलान हुए।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट 2024 का एलान कर दिया है। यह बजट अंतरिम था और इससे बहुत ज्यादा लोगों को उम्मीद नहीं थी, लेकिन चुनावी साल को देखते हुए साल ने अंतरिम बजट में भी महिलाओं, मध्यम वर्ग और करदाताओं के लिए कई बड़े एलान किए हैं। आसान भाषा में समझते हैं कि सरकार ने अंतरिम बजट में विभिन्न वर्गों को क्या दिया है।
सरकार ‘किराए के मकानों या झुग्गी-झोपड़ी या चाल और अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले’ मध्यम वर्ग के पात्र लोगों को अपने स्वयं के मकान खरीदने या बनाने में सहायता करने के लिए योजना शुरू करेगी।

पीएम आवास योजना-ग्रामीण योजना इस योजना के तहत सरकार ने तीन करोड़ आवास बनाने का एलान किया है। इनमें से दो करोड़ आवास अगले पांच वर्षों में बनाए जाएंगे। इस तरह सरकार ने देश की ग्रामीण जनता को बड़ा तोहफा दिया है। पीएम आवास योजना के तहत आवंटन राशि 79,590 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 80,671 करोड़ रुपये की गई है।

सरकार ने बजट में रूफटॉप सौर ऊर्जा योजना का एलान किया है। इसके तहत एक करोड़ घरों को 300 यूनिट की मुफ्त बिजली हर महीने सौर ऊर्जा के जरिए मिल पाएगी। 15-18 हजार रुपये की बचत होगी। साथ ही ई-व्हीकल की चार्जिंग के लिए बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। इससे वेंडरों को काम मिलेगा।

नारी शक्ति पर फोकस
महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने के लिए 83 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी नौ करोड़ महिलाओं में से तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। अभी तक इन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं में से एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में सफलता मिल चुकी है।

 

टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं, फिर भी एक करोड़ करदाताओं को इस तरह होने जा रहा है फायदा
वर्षों से लंबित बकाया प्रत्यक्ष कर मांगों को वापस लेने का फैसला किया गया है। वर्ष 1962 जितने पुराने करों से जुड़े विवादित मामले चले आ रहे हैं। वर्ष 2009-10 तक लंबित रहे प्रत्यक्ष कर मांगों से जुड़े 25 हजार रुपये तक के विवादित मामलों को वापस लिया जाएगा। इसी तरह 2010-11 से 2014-15 के बीच लंबित रहे प्रत्यक्ष कर मांगों से जुड़े 10 हजार रुपये तक के मामलों को वापस लिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से कम से कम एक करोड़ करदाताओं को फायदा होगा।

कर दरो, आयात दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वित्त मंत्री ने बताया कि नए फॉर्म 26AS से टैक्स फाइल करना आसान हुआ है। 2013-14 में 93 दिनों के बजाय अब सिर्फ 10 दिन में रिफंड मिल रहा है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में उधार से इतर कुल प्राप्तियां 30.80 लाख करोड़ रुपये है और कुल व्यय 47.66 लाख करोड़ रुपये है। टैक्स से सरकार को 26.02 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।

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