
लखनऊ आरोपी कंचना विहारी मार्ग से पैदल जा रहे थे तभी गश्त कर रहे दो सिपाहियों नेनऊ के गुडंबा के नेहरू विहार इलाके में शनिवार रात एक महिला ने अपने प्रेमी व उसके दो साथियों को घर में बुलाकर पति की हत्या करा दी। वारदात को अंजाम देने के बाद ती उनको रोक लिया।
संदिग्धता होने पर ली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव बरामद कर आरोपी महिला समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
नेहरू विहार निवासी गुरु प्रसाद यादव उर्फ नीरज (40) निजी सिक्योरिटी गार्ड थे। वह पत्नी पूनम, बेटे अंकित और अर्पित के साथ रहते थे। पुलिस के मुताबिक प्रतापगढ़ निवासी शिवकुमार से पूनम का प्रेम प्रसंग चल रहा था। पूनम और शिवकुमार ने मिलकर गुरु प्रसाद को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
इसके तहत शनिवार रात करीब डेढ़ बजे शिवकुमार अपने साथी खुर्रमनगर निवासी राज गौतम व रवि शर्मा के साथ पूनम के घर पहुंचा। गुरु प्रसाद सो रहे थे। तभी तीनों ने मिलकर उनका गला दबा दिया। कुछ ही क्षण में गुरु प्रसाद की सांसें थम गईं। आरोपियों के पास से बरामद बांके को लेकर जब पुलिस ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अगर गला दबाने से गुरु प्रसाद की मौत न होती तो वह बांके से गला काट देते।
सिपाहियों ने रोका तो हड़बड़ा गए, लड़खड़ाई जुबान
वारदात को अंजाम देने के बाद शिवकुमार, राज और रवि रात करीब ढाई बजे कंचना बिहारी मार्ग पर पैदल जा रहे थे। तभी वहां गश्त कर रहे गुडंबा थाने के सिपाही रमेश और विजेंद्र की इन तीनों पर नजर पड़ी। संदिग्धता प्रतीत होने पर सिपाहियों ने तीनों को रोक लिया। पूछताछ शुरू की तो तीनों हड़बड़ा गए और जुबान लड़खड़ाने लगी। सिपाहियों ने तुरंत तीनों को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान बांका मिला। जिसके बाद तीनों को थाने ले जाकर सख्ती से पूछताछ की गई। तब तीनों ने कुबूला कि उन्होंने कुछ ही देर पहले हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस करीब चार बजे गुरु प्रसाद के घर पहुंची। उनका शव बरामद करने के साथ पूनम को गिरफ्तार कर लिया। शिवकुमार, राज और रवि सोलर पैनल लगाने का काम करते हैं।
पति ने पीटा तो उसी दिन बना लिया हत्या करने का इरादा
पूछताछ में आरोपी पूनम ने बताया कि पति शराब पीने के आदि थे। वह आए दिन मारपीट करते थे। इधर पूनम का शिवकुमार से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह गर्भवती भी थी। करीब 15 दिन पहले गुरु प्रसाद ने पूनम को पीटा था। पूनम का कहना है कि उसी दिन तय कर लिया था कि पति की हत्या कराएंगे। शिवकुमार भी राजी हो गया था। साजिश के तहत पूनम ने रात को दरवाजा खुला छोड़ दिया था। गुरु प्रसाद शराब के नशे में भी थे। इसलिए आरोपी आसानी से हत्या कर भाग गए।
आंखों के सामने दबाया जा रहा था पति का गला
पूनम के सामने ही पति गुरु प्रसाद का गला घोंटा जा रहा था और वह उनकी सांसें थमने का इंतजार कर रही थी। पूछताछ में आरोपी पूनम ने बताया कि घटना के वक्त उसके बेटे दूसरे कमरे में थे। जब शिवकुमार अपने साथियों के साथ आया तो पूनम ही उन्हें लेकर पति के कमरे में पहुंची। जहां तीनों आरोपी उसके पति का गला घोंट रहे थे और पूनम देख रही थी। पूछताछ में पूनम ने कहा कि जब यकीन हो गया कि गुरु प्रसाद की सांसें थम गईं हैं, तब उसने तीनों को वहां से जाने को कहा।तीनों को थाने लाकर पूछताछ शुरू की।
