
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है. बुधवार सुबह ट्रायल कोर्ट में जमानत की शर्तें तय कर दी गई हैं. अब ट्रायल कोर्ट का आदेश तिहाड़ जेल भेजा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में जमानत दे दी है.
आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की तिहाड़ जेल से रिहाई की प्रोसेस शुरू हो गई है. ट्रायल कोर्ट (राउज एवेन्यू कोर्ट) में जमातन की शर्तें तय कर दी गईं हैं. संजय सिंह की पत्नी ने 2 लाख रुपए का जमानत बॉन्ड भरा है. कोर्ट का आदेश तैयार हो गया है, इसे तिहाड़ जेल भेजा जाएगा. उसके बाद रिहाई होगी. इस पूरी प्रक्रिया में करीब दो घंटे का समय लग सकता है. इधर, संजय सिंह को आईएलबीएस अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. वे सीधे तिहाड़ जेल पहुंच गए हैं. थोड़ी देर में यहां से वो बाहर आएंगे. वहीं, संजय सिंह के स्वागत के लिए आम आदमी पार्टी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ता जमा हैं.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट से बेल ऑर्डर ट्रायल कोर्ट (राउज एवेन्यू कोर्ट) पहुंचा. वहां सुनवाई के बाद जमानत की शर्तें तय की गईं. कोर्ट ने कहा कि संजय सिंह सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे. वे दिल्ली-एनसीआर छोड़कर नहीं जाएंगे. अगर दिल्ली-एनसीआर छोड़कर जाना है तो इसकी जानकारी देनी होगी. उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा. संजय सिंह की लोकेशन पर नजर रखी जाएगी. जांच में सहयोग करना होगा. केस को लेकर कोई टिप्पणी या बयान नहीं दे सकते हैं.
ट्रायल कोर्ट की तरफ से जमानत की शर्तें तय होने के बाद आदेश तैयार किया गया और तिहाड़ जेल भेजा जा रहा है. जेल विभाग का कहना है कि जमानत आदेश मिलने के बाद रिहाई प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. करीब दो घंटे में आदेश तैयार हो जाएगा.
तिहाड़ जेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जब बेल ऑर्डर तिहाड़ जेल पहुंचेगा, तभी रिलीज ऑर्डर की प्रोसेस शुरू की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, संजय सिंह पर पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश में केस दर्ज हैं. जेल प्रशासन इन केस के स्टेटस रिपोर्ट भी ले रहा है कि कहीं इन तीन राज्यों में दर्ज हुए केस में संजय को गिरफ्तार तो नहीं किया गया है. अगर गिरफ्तार किया गया है तो उसमें कोर्ट से जमानत मिली है या नहीं. बेल ऑर्डर पहुंचने के बाद रिलीज ऑर्डर तैयार किया जाएगा.
संजय सिंह को कंपनसेटेड लिवर सिरोसिस नाम की बीमारी है. डॉक्टर्स की सलाह पर उन्हें 24 घंटे के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें अंतिम स्क्रीनिंग बायोप्सी के लिए ले जाया गया. उसके बाद छुट्टी दे दी गई.
