
स्टेज पर डबल मीनिंग कॉमेडी से देश-विदेश में चर्चा बटोर चुके ‘देसी नौटंकी स्टार रम्पत हरामी’ रम्पत सिंह भदौरिया का आज दोपहर पैरालिसिस अटैक के बाद निधन हो गया। परिजन उनका पार्थिव शरीर हैलट अस्पताल से लेकर बगाही, किदनई नगर, कानपुर स्थित आवास पर ले गए हैं। बताते चलें कि रम्पत के नौटंकी वीडियो यूट्यूब पर काफी ज्यादा पसंद किए जाते रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में इनकी लाइव नौटंकी देखने वालों की संख्या भी काफी ज्यदा रहती थी।

रम्पत मूल रूप से कानपुर शहर के रहने वाले थे। पिछले दिनों SBJ NEWS (www.sbjnews.in) के संपादक गौरव शुक्ला से बातचीत के दौरान रम्पत अपने जन्म का साल और तारीख बताते-बताते पुराने जमाने में खो गए थे। रम्पत के अनुसार उनका जन्म 11 अक्टूबर 1965 को कानपुर के कल्याणपुर में हुआ था। रम्पत का पूरा नाम रम्पत सिंह भदौरिया है। रम्पत का फैमिली बैकग्राउंड पुलिस विभाग से रहा है। उनके पिता थानाध्यक्ष बनने के बाद रिटायर हो गए थे। पिछले 43 सालों से रम्पत नौटंकी दिखाते आये हैं।
रम्पत आखिर कैसे बने नौटंकी स्टार
गांव और शहर दोनों ही परिवेश में रह रहे लोगों का पिछले चार दशकों से मनोरंजन कर रहे नौटंकी स्टार रम्पत सोशल मीडिया के स्टार भी बन गए थे। जिस जमाने में इंटरनेट,मोबाइल और टीवी का चलन घरों में नहीं होता था उस जमाने में रम्पत जैसे देसी कलाकार ही लोगों का मनोरंजन करते थे और उन्हें हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया करते थे। क्या बच्चे, क्या बूढ़े, क्या जवान सभी पर इनकी दीवानगी सिर चढ़कर बोलती थी। गांवों में डुग-डुगी और ढोल बजाकर ये एलान किया जाता था कि ‘नौटंकी का प्रबंध’ किया गया है-आप सबसे निवेदन है कि रात को गांव के मैदान में आकर जमा हो जाएं।
