Kanpur: दिल्ली के कारोबारी से 80 लाख की ठगी का मामला, तीन युवतियों समेत सात गिरफ्तार, आरोपियों से यह बरामद हुआ

kanpur
kanpur
                          cyber crime

कानपुर
आरोपी राजेश और चंद्रभान वैसे तो प्रापर्टी डीलिंग का काम करते हैं और विपिन व लक्ष्मीनारायण इनके ब्रोकर हैं। युवतियां टेलीकॉलर का काम करती है। अफसरों के मुताबिक राजेश, विपिन और चंद्रभान ने लखनऊ के एक सॉफ्टवेयर डेवलपर से अपनी वेबसाइट वेंट्रकॉम बनवाई।

दिल्ली के कारोबारी से शेयर में निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 80 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले आठ आरोपियों को कानपुर क्राइम ब्रांच ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से तीन आरोपियों के वॉलेट में पुलिस को लाखों रुपये के डॉलर भी बरामद हुए हैं।

फिलहाल पुलिस आरोपियों को एकांत जगह पर रखकर पूछताछ में जुटी है। चौहान बांगर न्यू सलीमपुर नार्थ इस्ट दिल्ली निवासी मोहम्मद इरशाद की इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है। इरशाद 31 जनवरी 2023 को विपिन नाम के व्यक्ति के संपर्क में आए थे।

उसने उन्हें वेंट्रोकॉम नाम की वेबसाइट से जोड़कर निवेश कर तीन से चार प्रतिशत रिटर्न का झांसा दिया। विपिन के कहे अनुसार उन्होंने निवेश करना शुरू किया। इसके बाद विपिन के अन्य साथी दिशी जोशी और सुखदेव ने भी फोन कर निवेश कराया।

2024 में आरोपियों से निवेश के पैसे वापस मांगे
फिर चौथा साथी कर्नाटक निवासी रमन भी संपर्क में आ गया। इरशाद के मुताबिक चारों के कहने पर उन्होंने खुद व अपने रिश्तेदारों से पैसे लेकर अलग अलग खातों में करीब 80 लाख रुपये का निवेश कर दिया। मार्च 2024 में आरोपियों से निवेश के पैसे वापस मांगे

साइबर थाना में दर्ज कराई एफआईआर
तब वह टाल मटोल करने लगे। फिर वह 31 मई 2024 को आरोपियों से मिलने के लिए कानपुर आए तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी व गाली गलौज कर भगा दिया। इसके बाद उन्होंने 31 मई को साइबर थाना में एफआईआर दर्ज करा दी।

आवास विकास से चला रहे थे ठगी का दफ्तर
मामले की जांच के लिए साइबर क्राइम टीम प्रभारी सुनील कुमार वर्मा और एसआई पुनीत तोमर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इनके साथ स्वाट टीम प्रभारी जनार्दन सिंह और उनकी टीम व सर्विलांस प्रभारी अंजनी पाण्डेय को लगाया गया। मोबाइल नम्बर, खातों की संख्या आदि के जरिए टीमें आवास विकास तीन केशव वाटिका वाली रोड पहुंची और वहां स्थित फ्लैट से उन्होंने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया।
यह हुए गिरफ्तार

भवानीपुर मंधना कृष्णा ग्रींस निवासी राजेश कुमार सिंह, विजयनगर निवासी चन्द्रभान सिंह, अम्बेडकरपुरम कल्याणपुर निवासी विपिन सिंह व लक्ष्मीनारायण, शिवकटरा लालबंगला निवासी दृष्टि शर्मा, विजयनगर निवासी बरखा रानी और कमलानगर नजीराबाद निवासी प्रतीक्षा पटेल को गिरफ्तार किया गया। इनमें से पुलिस ने आरोपी चन्द्रभान के वेबसाइट वॉलेट से 6000 यूएस डॉलर (लगभग पांच लाख रुपये), राजेश के वॉलेट से 25000 यूएस डॉलर (लगभग 20 लाख रुपये) और विपिन के वॉलेट से 200 यूएस डॉलर (लगभग 16 हजार रुपये) बरामद किए हैं।

आरोपियों से यह बरामद हुआ
4 लैपटॉप, 1 आईपैड, 12 मोबाइल फोन, 4 सोने की चेन, 7 सोने की अंगूठी, 2 चांदी आंगूठी, 40 हजार नकदी,26 डेबिट व क्रेडिट कार्ड और 3 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं।

ऐसे करते थे ठगी
आरोपी राजेश और चंद्रभान वैसे तो प्रापर्टी डीलिंग का काम करते हैं और विपिन व लक्ष्मीनारायण इनके ब्रोकर हैं। युवतियां टेलीकॉलर का काम करती है। अफसरों के मुताबिक राजेश, विपिन और चंद्रभान ने लखनऊ के एक सॉफ्टवेयर डेवलपर से अपनी वेबसाइट वेंट्रकॉम बनवाई। इसके बाद लोगों से संपर्क कर उन्हें निवेश के लिए अपनी इसी आईडी में लॉगइन कराते और रकम का निवेश कराकर हड़प लेते थे। जांच के मुताबिक गिरोह 250 लोगों के साथ ठगी कर चुका है। ठगी की ज्यादातर धनराशि को वह क्रिप्टो करंसी में तब्दील करके रख लेते थे।

आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ जारी है। इस गिरोह की जड़े कहां-कहां तक फैली हैं। इसका पता किया जा रहा है। जल्द मामले में कुछ रोचक तथ्य सामने आएंगे। -मोहसिन खां, एसीपी क्राइम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *