17 जून तक भीषण गर्मी-लू की चपेट में उत्तर भारत, कई राज्यों में पारा 47 डिग्री पहुंचने के आसार

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मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन-चार दिन के भीतर मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। हालांकि, पिछले तीन दिन से मानसून लगभग स्थिर बना हुआ है।

मानसून के स्थिर हो जाने से उत्तर भारत के ज्यादातर राज्य 17 जून तक भीषण गर्मी की चपेट मे रहने वाले हैं। मौसम विभाग (आईएमडी) ने गर्मी को लेकर, बंगाल, बिहार, झारखंड में भीषण गर्मी और लू का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इन राज्यों के ज्यादातर हिस्सों में 14 से 17 जून तक तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में लू चलने के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल में किसी-किसी जगह पर गर्म हवा चल सकती हैं। बृहस्पतिवार को देश का सबसे ज्यादा तापमान बिहार के बक्सर में 47.2 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, दार्जिलिंग, सिक्किम में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। उत्तरी बंगाल के गई इलाके जलमग्न हो गए हैं। सिक्किम में वर्षाजनित आपदाओं में 6 लोगों की मौत हो गई।

नई दिल्ली में बृहस्पतिवार को भीषण गर्मी के बीच अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है। जबकि, न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन-चार दिन के भीतर मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। हालांकि, पिछले तीन दिन से मानसून लगभग स्थिर बना हुआ है।
वहीं, पू्र्वोत्तर में एक चक्रवाती परिसंचरण जारी है, साथ ही एक पू्र्वी-पश्चिमी निम्नदाब क्षेत्र बना हुआ है, जो उत्तर-पश्चिमी बिहार से नगालैंड तक फैला है। इन दोनों कारणों से पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अनुमान है। खासतौर पर सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में 14 से 17 जून के बीच भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा में कुछ जगहों पर गर्जन के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी क्षोभ मंडल के निम्न व मध्य स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसकी वजह से अगले तीन दिन में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में 40-60 किमी प्रतिघंटे की हवाओं व गर्जन के साथ बारिश हो सकती है।

सिक्किम में भूस्खलन से छह की मौत, 1,500 पर्यटक फंसे
उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में लगातार बारिश के कारण हुए भारी भूस्खलन से छह लोगों की मौत हो गई और 1,500 से अधिक पर्यटक फंस गए। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। संगकलांग में एक नवनिर्मित बेली ब्रिज ढह गया, जिससे मंगन और दजोंगु और चुंगथांग के बीच का संपर्क टूट गया। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कई घर जलमग्न हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए। मंगन जिले के जोंगु, चुंगथांग, लाचेन और लाचुंग जैसे शहर अब देश के बाकी हिस्सों से कट गए हैं। मंगन के जिला मजिस्ट्रेट हेम कुमार छेत्री ने कहा, पक्षेप और अंभीथांग गांवों में तीन-तीन लोगों की मौत हो गई। गेथांग और नामपाथांग में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

बंगाल के कई इलाके जलमग्न
भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी उफान पर है। इसके चलते उत्तरी पश्चिम बंगाल के कई इलाके जलमग्न हो गए और कलिम्पोंग-दार्जिलिंग मार्ग पर यातायात की आवाजाही रोकनी पड़ी है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार रातभर लगातार बारिश से दार्जिलिंग और कलिम्पोंग को जोड़ने वाले तीस्ता बाजार और गेल खोला जैसे अन्य इलाकों में कई सड़कें जलमग्न हो गईं, कई घरों में पानी भर गया है।

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